राजनीति

सांसद रीता बहुगुणा के घर आग लगाने के आरोपी पूर्व बसपा विधायक जितेंद्र सिंह भाजपा में शामिल

जितेंद्र सिंह बबलू का नाम उत्तर प्रदेश कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष एवं वर्तमान में भाजपा सांसद रीता बहुगुणा जोशी के घर में वर्ष 2009 में आग लगाने के मामले में मुख्य आरोपियों में शामिल रहा है. उनके भाजपा में शामिल होने पर जोशी ने कहा कि इस समाचार से वह स्तब्ध हैं.

जितेंद्र सिंह बबलू. (फोटो साभारः फेसबुक)

लखनऊ: सांसद रीता बहुगुणा जोशी के घर में आग लगाने के मामले में आरोपी रहे बसपा के पूर्व विधायक जितेंद्र सिंह बबलू बुधवार को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए. उन्होंने पार्टी की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह की मौजूदगी में भाजपा का दामन थामा.

जितेंद्र सिंह का नाम उत्तर प्रदेश कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष एवं वर्तमान में भाजपा सांसद रीता बहुगुणा जोशी के घर में वर्ष 2009 में आग लगाने के मामले में मुख्य आरोपियों में शामिल रहा है.

उनके भाजपा में शामिल होने पर जोशी ने कहा, ‘जितेंद्र सिंह बबलू के पार्टी में शामिल होने के समाचार से स्तब्ध हूं. उन्होंने 2009 में, जिस समय मैं मुरादाबाद जेल में बंद थी, उस समय सरोजनी नायडू मार्ग, लखनऊ स्थित मेरे निवास को आग लगाने में बड़ी भूमिका निभाई थी. पूरे भारत में टेलीविजन पर वह दिखाई दिए थे तथा तहकीकात में वह आरोपी पाए गए थे.’

उन्होंने कहा कि जांच में उन्हें आरोपी बनाया गया. अब उन पर आरोप भी तय हो चुका है.

जोशी ने मीडिया को दिए बयान में कहा, ‘मुझे पूर्ण विश्वास है कि उन्होंने पार्टी को गफलत में रखा. सच्चाई नहीं बताई और वह पार्टी में शामिल हो गए. भाजपा के दरवाजे सभी के लिए खुले रहते हैं. इस संदर्भ में मैं प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव और राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से बात कर उनकी सदस्यता निरस्त करने की बात करूंगी.’

जोशी ने कहा, मुझे पूर्ण विश्वास है कि अध्यक्ष जी को यह जानकारी नहीं रही होगी कि इनकी आपराधिक पृष्ठभूमि है, खासतौर पर मेरा घर जलाने में वह आरोपित हैं. इस संदर्भ में मैं प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय अध्यक्ष जी से बात करूंगी और उनसे बबलू की सदस्यता रद्द करने की अपील करूंगी.

मालूम हो कि लखनऊ स्थित जोशी के घर में आगजनी की घटना के समय मायावती प्रदेश की मुख्यमंत्री थीं. बसपा समर्थकों ने जोशी पर बसपा प्रमुख के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया था.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, इसके बाद 15 जुलाई 2009 को नकाबपोश लोगों ने उनके घर में आग लगा दी थी.

उस समय बाहुबली नेता और अयोध्या के बीकापुर से विधायक जितेंद्र सिंह बबलू कथित तौर पर भीड़ का नेतृत्व करने वालों में शामिल थे. हमले के अपराधियों को कथित रूप से सुविधा प्रदान करने के मामले में लगभग दो दर्जन पुलिसकर्मियों पर भी मामला दर्ज किया गया था.

बता दें कि जितेंद्र सिंह का आपराधिक इतिहास है और उनके खिलाफ कई जिलों में विभिन्न आपराधिक मामले दर्ज हैं.

इसके बाद जोशी ने मामले में सीबीआई जांच की मांग की थी. हालांकि, मामला सीबी-सीआईडी के पास चला गया था जिसने साल 2011 में जितेंद्र को गिरफ्तार किया था. बाद में उन्हें जमानत मिल गई थी.

आगजनी के बाद बसपा ने जितेंद्र सिंह को भी निष्कासित कर दिया था. 2014 के लोकसभा चुनाव और 2017 के विधानसभा चुनावों में, उन्हें फिर से बसपा ने बीकापुर से मैदान में उतारा, लेकिन वह भाजपा उम्मीदवार से हार गए.

सूत्रों ने कहा कि वह लंबे समय से भाजपा में शामिल होने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन उन पर कुछ आपत्तियां थीं, जिसके कारण देरी हुई.

बुधवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय द्वारा जारी बयान में कहा गया कि प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने भाजपा की पट्टिका पहनाकर जितेंद्र कुमार सिंह (अयोध्या), कांग्रेस के पूर्व प्रदेश महासचिव, पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष तथा पूर्व लोकसभा प्रत्याशी पंकज मोहन सोनकर (आजमगढ़), बसपा के पूर्व समन्वयक मनोज शर्मा (गाजियाबाद), बसपा से पूर्व लोकसभा प्रत्याशी प्रवेश सिंह (रायबरेली) के साथ ही सेवानिवृत्त एयर कोमोडोर श्याम शंकर तिवारी तथा समाज सेविका डॉ. बीना लवानियां को भाजपा परिवार में शामिल कराया.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)