भारत

हिमाचलः किन्नौर में भूस्खलन से पांच की मौत, 30 से अधिक लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका

भूस्खलन हिमाचल प्रदेश के किन्नौर ज़िले के चौरा गांव में दोपहर से ठीक पहले हुआ. किन्नौर के उपायुक्त ने बताया कि हिमाचल प्रदेश सड़क परिवहन की बस समेत अनेक वाहन भूस्खलन के मलबे में दब गए. बस किन्नौर के रेकॉन्ग प्यो से शिमला जा रही थी. बस में तकरीबन 40 लोग सवार थे. हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका है.

हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में हुए भूस्खलन के बाद मलबे में फंसी कार. (फोटो: पीटीआई)

शिमला: हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में बुधवार को एक बस और अन्य वाहनों के भूस्खलन की चपेट में आने से दस लोगों की मौत हो गई तथा 13 अन्य को बचा लिया गया और कई अन्य के मलबे में दबे होने की आशंका है.

बस किन्नौर के रेकॉन्ग प्यो से शिमला जा रही थी. बस में तकरीबन 40 लोग सवार थे.

किन्नौर जिला उपायुक्त आबिद हुसैन सादिक ने कहा कि अब तक दस शव निकाले जा चुके हैं और 13 घायलों को मलबे से बाहर निकाला गया है.

उन्होंने कहा कि मलबे में फंसे कई अन्य लोगों का पता लगाने के लिए बचाव अभियान जारी है.

राज्य आपदा प्रबंधन निदेशक सुदेश कुमार मोख्ता ने बताया कि किन्नौर जिले में निचार तहसील अंतर्गत निगुलसारी में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या पांच पर चौरा गांव में दोपहर के समय भूस्खलन और पहाड़ से पत्थर गिरने की घटना हुई.

43वीं बटालियन, 17वीं बटालियन और 19वीं बटालियन की आईटीबीपी की टीमें बचाव कार्य में लगी हुई हैं. नुगुलसारी इलाके के पास स्थित घटनास्थल पर एनडीआरएफ, सीआईएसएफ और पुलिस भी मौके पर पहुंच गई हैं.

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने राज्य विधानसभा को बताया कि ऐसी खबरें हैं कि मलबे के नीचे 50 से 60 लोग दबे हुए हैं, लेकिन सही संख्या मालूम नहीं है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना को लेकर ठाकुर से बात की.

प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से किन्नौर में हुए भूस्खलन के चलते बनी स्थिति पर बात की. प्रधानमंत्री ने जारी बचाव अभियानों में हरसंभव मदद देने का आश्वासन दिया.’

केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने भी भूस्खलन के कारण उत्पन्न स्थिति का जायजा लेने के लिए ठाकुर से बात की. गृह मंत्री ने भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) को राहत एवं बचाव कार्यों में हिमाचल प्रदेश सरकार को हरसंभव मदद देने का निर्देश दिया है.

ठाकुर ने कहा कि गृह मंत्री ने उनसे बात की है और फिलहाल शीर्ष प्राथमिकता मलबे के नीचे दबे लोगों को निकालने और उन्हें बेहतर इलाज देने की है.

उन्होंने कहा कि हिमाचल सड़क परिवहन निगम (एचआरटीसी) की एक बस और कई अन्य वाहन मलबे के नीचे दबे हुए हैं.

उन्होंने बताया कि बस के चालक और परिचालक को चोटें आई हैं और वे इस स्थिति में नहीं हैं कि यात्रियों की सही-सही संख्या बता सकें.

ठाकुर ने बताया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) और स्थानीय पुलिस राहत अभियान के लिए मौके पर पहुंची हुई है. उन्होंने बताया कि सेना के एक अधिकारी ने भी उन्हें मदद देने को कहा है.

मुख्यमंत्री ने बताया कि बचाव कार्य के लिए हेलिकॉप्टर की भी व्यवस्था की गई है. उन्होंने कहा कि भूस्खलन उस वक्त हुआ जब इलाके में बारिश नहीं हो रही थी.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)