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सुप्रीम कोर्ट के बाहर युवती के आत्मदाह के मामले में वाराणसी के दो पुलिसकर्मी निलंबित

उत्तर प्रदेश के ग़ाज़ीपुर की रहने वाली युवती ने 2019 में बसपा सांसद अतुल राय पर बलात्कार का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया था. राय के भाई ने युवती के ख़िलाफ़ उनकी जन्मतिथि में कथित तौर पर छेड़छाड़ को लेकर पिछले साल नवंबर में वाराणसी में शिकायत दर्ज कराई थी. इसे लेकर युवती के ख़िलाफ़ गै़र-ज़मानती वारंट जारी किया गया था. युवती का आरोप है कि पुलिस आरोपी से मिली हुई हैं और उन्हें फंसा रही है.

बीते 16 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट के बाहर इसी जगह पर युवती ने अपने एक साथी के साथ खुद को आग लगा ली थी. (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्लीः उत्तर प्रदेश के मऊ के घोसी से बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सांसद अतुल राय पर बलात्कार का आरोप लगाने वाली युवती ने अपने साथी के साथ बीते 16 अगस्त की सुबह सुप्रीम कोर्ट के बाहर आत्मदाह करने का प्रयास किया था.

दोनों गंभीर रूप से झुलस गए हैं और उनका दिल्ली के राममनोहर लोहिया अस्पताल में इलाज चल रहा है.

इस मामले में कदाचार के आरोप में वाराणसी के दो पुलिसकर्मियो को निलंबित कर दिया गया है.

पुलिस की ओर से जारी बयान में बताया गया कि इस मामले में कैंट थाना प्रभारी राकेश सिंह और विवेचक गिरिजा शंकर को निलंबित कर दिया गया है.

बता दें कि उत्तर प्रदेश के गाजीपुर की रहने वाली युवती ने 2019 में बसपा सांसद अतुल राय पर बलात्कार का आरोप लगाते हुए वाराणसी के लंका थाने में मुकदमा दर्ज कराया था.

पीड़िता का आरोप था कि अतुल राय ने अपने लंका स्थित फ्लैट पर उससे बलात्कार किया और उसका वीडियो भी बना लिया.

इस मामले में आरोपी सांसद अतुल राय जेल में बंद हैं.

वहीं इस मामले में अदालत ने पीड़िता और उसके साथी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है. इस पर पीड़िता और उसके साथी ने सुप्रीम कोर्ट के सामने फेसबुक पर लाइव आने के बाद आत्मदाह करने की कोशिश की.

फेसबुक लाइव के दौरान पीड़िता ने वाराणसी के पूर्व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अमित पाठक, कोतवाल राकेश सिंह, विवेचक गिरिजा शंकर सहित कई अधिकारियों पर आरोप लगाया था.

आत्मदाह की कोशिश में 27 वर्षीय युवक 65 फीसदी, जबकि 24 वर्षीय युवती 85 फीसदी तक झुलस गई थी.

दोनों में से कोई भी पुलिस को बयान देने की स्थिति में नहीं हैं.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, फेसबुक लाइव में युवती ने कहा था कि उसने बसपा सांसद अतुल राय के खिलाफ बलात्कार की शिकायत दर्ज कराई थी. उन्होंने पुलिस पर आरोपी का समर्थन करने का आरोप लगाया.

युवती ने कहा, ‘पुलिस ने मेरे खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है. जज ने मुझे तलब किया. ये सभी सांठगांठ का हिस्सा है. मुझे और मेरे गवाह को फंसाया गया.’

युवक ने खुद पर पेट्रोल छिड़कने और आत्मदाह करने से पहले कहा था, ‘अब उत्तर प्रदेश पुलिस हमारे खिलाफ झूठे मामले और गैर जमानती वारंट जारी कर सकती है. यह उत्तर प्रदेश की न्यायिक प्रणाली है.’

पुलिस का कहना है, ‘युवती का आरोप है कि जून 2019 में सांसद अतुल राय ने उसका बलात्कार किया. इस मामले में राय को जेल भेजा गया था. इस बीच राय के भाई ने युवती की जन्मतिथि को लेकर कथित तौर पर जाली दस्तावेजों में छेड़छाड़ करने के लिए पिछले साल नवंबर में वाराणसी में युवती के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी.’

युवती के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक षड्यंत्र की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया.

पुलिस द्वारा अदालत को यह सूचित करने पर कि कई छापेमारी के बावजूद युवती का कहीं कुछ पता नहीं चल पाया है, दो अगस्त को वाराणसी की एक स्थानीय अदालत ने युवती के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था.

मालूम हो कि 16 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट के बाहर दोनों ने आत्मदाह की कोशिश की. वहां मौजूद लोगों, सुरक्षाकर्मियों और पुलिसकर्मी दोनों की मदद को दौड़े और उन पर पानी डाला.

नई दिल्ली डीसीपी दीपक यादव ने कहा, ‘दोनों ने खुद पर किरोसीन छिड़ककर आग लगा ली. सुप्रीम कोर्ट के गेट पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें देखा और कंबलों के साथ उनकी मदद को दौड़े. आग बुझा दी गई और दोनों को पुलिस वैन के जरिए राममनोहर लोहिया अस्पताल ले जाया गया.’

पुलिस का कहना है कि दोनों की हालत गंभीर है.

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने दोनों की जानकारियां यूपी पुलिस के साथ साझा की है और पीड़ितों के परिवारों को सूचित कर दिया गया है.

पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘हमने दोनों की पहचान कर ली है, लेकिन हम दोनों के बीच संबंध से वाकिफ नहीं हैं. दोनों फिलहाल बयान देने के योग्य नहीं है. हमें यूपी पुलिस से उनकी जानकारियां मांगनी होगी.’

बता दें कि पिछले साल नवंबर में अतुल राय के भाई पवन कुमार ने पुलिस को बताया था कि युवती ने एफआईआर दर्ज कराते समय एक मार्कशीट पेश की थी, जिसमें जन्मतिथि 10 जून है. 2015 में जब एक छात्र नेता ने कथित तौर पर युवती से छेड़छाड़ की थी, उस समय युवती ने पुलिस को कुछ कागजात दिए थे, जिसमें उनकी जन्मतिथि 10 मार्च थी.

उत्तर प्रदेश एडीजी (कानून एवं व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने कहा, ‘हमने बलात्कार मामले में सांसद अतुल राय के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी और वह 2019 से जेल में हैं. युवती के बारे में यह घटना (आत्मदाह) अभी हमारे संज्ञान में आई है. हम दिल्ली पुलिस से रिपोर्ट मिलने का इंतजार कर रहे हैं और इस घटना के वीडियो के आधार पर यकीनन उचित कार्रवाई करेंगे.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)