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लगातार दूसरे महीने बढ़े रसोई गैस के दाम, कांग्रेस ने कहा- जनता के साथ क्रूर मज़ाक

रसोई गैस के दाम बीते नौ महीने में 265 रुपये बढ़े हैं. कांग्रेस ने केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार हर महीने रसोई गैस के दाम बढ़ाकर ‘उगाही योजना’ चला रही है. वहीं सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने तंज़ किया कि भाजपा सरकार को उज्ज्वला योजना का नाम बदलकर ‘बुझव्वला योजना’ कर देना चाहिए.

(फोटो: पीटीआई)

नयी दिल्ली घरेलू रसोई गैस एलपीजी की कीमत में बुधवार को 25 रुपये प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी की गई.

रसोई गैस की कीमतों में लगातार दूसरे महीने यह वृद्धि की गई है. इससे पहले एक जुलाई को कीमतों में 25.50 रुपये प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी की गई थी.

तेल कंपनियों की मूल्य अधिसूचना के अनुसार सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमत अब दिल्ली में 859 रुपये प्रति 14.2 किलोग्राम सिलेंडर है.

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, रसोई गैस की कीमतें बढ़ने को लेकर कांग्रेस ने बुधवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बीते नौ महीनों में एलपीजी की कीमतें 265 रुपये बढ़ी है. इस तरह इसमें 44 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है.

ऑल इंडिया कांग्रेस कमिटी (एआईसीसी) मुख्यालय में मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा, ‘एलपीजी सिलेंडरों के दाम एक बार फिर 25 रुपये बढ़ा दिए गए हैं. कीमतों में मौजूदा बढ़ोतरी से एलपीजी सिलेंडर की कीमत दिल्ली में प्रति सिलेंडर बढ़कर 859 हो गई है.’

उन्होंने कहा कि नवंबर 2020 से सरकार ने एलपीजी सिलेंडरों के दाम 256 रुपये बढ़ाए हैं, जो 44 फीसदी की बढ़ोतरी है. मई 2020 से सरकार ने रसोई गैस पर किसी तरह की सब्सिडी नहीं दी है.

श्रीनेत ने कहा, ‘2014 में ईंधन पर सब्सिडी 1.47 लाख करोड़ थी, जो 2021 के बजट में घटाकर 12,000 करोड़ रुपये कर दी.’

इस दौरन उनके साथ पार्टी प्रवक्ता अलका लांबा और राधिका खेड़ा और दिल्ली महिला कांग्रेस की अध्यक्ष अमृता धवन भी थीं.

श्रीनेत ने कहा कि सरकार को ईंधन पर कर से 4.53 लाख करोड़ रुपये की आय हुई लेकिन देश के लोगों को इस महंगाई से कोई राहत नहीं दी गई.

बता दें कि यह लगातार दूसरा महीना है, जब तेल कंपनियों ने घरेलू रसोई गैस की कीमते बढ़ाई हैं. घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत एक जून को 809 रुपये थी, जो एक जुलाई को बढ़कर 834 रुपये हो गई.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कांग्रेस नेता ने कहा, ‘जून 2013 में मोदी जी ने कहा था कि देश के लोग दिल्ली में बैठी सरकार द्वारा की गई महंगाई से जूझ रहे हैं.’

उन्होंने कहा, ‘इससे बड़ा झूठ और कोई नहीं हो सकता. जब देश के लोग महंगाई से जूझ रहे हैं लेकिन सरकार को एलपीजी की कीमतों में कटौती कर उन्हें राहत देने की कोई चिंता नहीं है.’

उन्होंने कहा, ‘यह देश के लोगों के साथ क्रूर मजाक है, जो आर्थिक मंदी, बेरोजगारी और कम आय से जूझ रहे हैं. अगर सऊदी अरब की अरामको की गैस के दाम से तुलना की जाए तो क्रूड गैस की मौजूदा कीमत 611.14 डॉलर प्रति मीट्रिक टन है. क्रूड गैस की मौजूदा दर की वजह से एलपीजी सिलेंडरों को भारत में 600.7 रुपये प्रति सिलेंडर की कीमत से बेचा जाना चाहिए.’

उन्होंने सरकार की उज्जवला योजना पर निशाना साधते हुए कहा, ‘सरकार लगातार अपनी उज्जवला योजना की प्रशंसा करती है लेकिन वह यह उल्लेख करना भूल जाती है कि 23 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से नीचे धकेला गया और इनमें से कितने लोग एलपीजी सिलेंडर का खर्च वहन कर सकते हैं, जो 859 रुपये प्रति सिलेंडर बेचा जा रहा है.’

श्रीनेत ने केंद्र सरकार से थोड़ी संवेदनशीलता दिखाने की मांग करते हुए कहा कि सरकार को एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में तुरंत कटौती करनी चाहिए ताकि आम लोगों को कुछ राहत मिले.

सुप्रिया ने कहा, ‘उज्ज्वला योजना पर सीना ठोकने वाली सरकार को पता होना चाहिए कि अब महिलाएं फिर से लकड़ी के ईंधन का उपयोग करने को विवश हैं. प्रधानमंत्री को अब महिलाओं के आंसू क्यों नजर नहीं आते?’

अलका लांबा ने आरोप लगाया कि जब वित्त मंत्री कहती हैं कि पेट्रोल-डीजल के दाम कम नहीं हो सकते तो यह लोकतंत्र को सीधी चुनौती देना है.

उन्होंने कहा कि दिल्ली में कई स्थानों पर महिलाएं मिट्टी के चूल्हे खरीद रही हैं क्योंकि वे गैस सिलेंडर के खर्च का वहन नहीं कर सकतीं.

राधिका खेड़ा ने कहा कि सरकार को ये बढ़ी हुई कीमतें वापस लेनी चाहिए क्योंकि जनता महंगाई के बोझ को सहन नहीं कर पा रही है.

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने रसोई गैस की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर फेसबुक पोस्ट में कहा, ‘जुमलों का सच है जनता के सामने, ‘उल्टा विकास’ हुआ पिछले 7 साल में.’

इससे पहले कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी ने ट्वीट कर एलपीजी सिलेंडर की कीमतें बढ़ाने पर मोदी सरकार की आलोचना की थी.

उन्होंने ट्वीट कर कहा था, ‘उज्ज्वला का सपना दिखाकर, हर महीने रसोई गैस के दाम बढ़ाकर भाजपा सरकार की उगाही योजना फल-फूल रही है. एक जुलाई को रसोई गैस पर मोदी जी की सरकार ने 25 रुपये बढ़ाया और 17 अगस्त को फिर 25 रुपये बढ़ा दिए. उज्ज्वला का सपना दिखाकर, हर महीने रसोई गैस के दाम बढ़ाकर भाजपा सरकार की उगाही योजना फल-फूल रही है.’

समाजवादी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी रसोई गैस के बढ़ते दाम को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने तंज़ करते हुए लिखा, ‘रसोई गैस के दाम 25 रुपया और बढ़ाकर भाजपा सरकार ने आम लोगों के घरों के चूल्हे ‘बुझा’ दिये हैं. उज्ज्वला योजना का नाम बदलकर ‘बुझव्वला योजना’ कर देना चाहिए.’

गैर-सब्सिडी वाले रसोई गैस की दरों में एक अगस्त को इसी अनुपात में वृद्धि की गई थी, और अब सब्सिडी वाले रसोई गैस की कीमतों में वृद्धि की गई है. इसके साथ ही सब्सिडी वाली और बिना सब्सिडी वाली रसोई गैस की दरों में शायद ही कोई अंतर हो.

उद्योग सूत्रों ने कहा कि सब्सिडी वाले एलपीजी की कीमत एक अगस्त को नहीं बढ़ाई गई, क्योंकि तब संसद का सत्र चल रहा था और ऐसे में विपक्ष सरकार पर हमला कर सकता था.

सब्सिडी वाले एलपीजी की कीमत में एक जनवरी से कुल 165 रुपये प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी हो चुकी है. सरकार ने हर महीने दरों में बढ़ोतरी कर एलपीजी पर मिलने वाली सब्सिडी को खत्म कर दिया है.

घरेलू रसोई गैस की कीमत पिछले सात वर्षों में दोगुनी से अधिक हो गई है. एक मार्च 2014 को घरेलू गैस का खुदरा बिक्री मूल्य 410.5 रुपये प्रति सिलेंडर (14.2 किलोग्राम) था.

इस बीच मूल्य अधिसूचना के अनुसार देश भर में डीजल की कीमतों में 19 से 21 पैसे प्रति लीटर की कटौती की गई, जबकि पेट्रोल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)