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यूपी: तालिबान पर टिप्पणी करने के लिए सपा सांसद के ख़िलाफ़ राजद्रोह का मामला दर्ज

भाजपा के पश्चिमी उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष राजेश सिंघल ने संभल से सपा सांसद डॉक्टर शफीकुर्रहमान बर्क, मोहम्मद मुकीम और चौधरी फैज़ान पर तालिबान के संबंध में भड़काऊ बयान देने को राजद्रोह बताते हुए शिकायत दर्ज कराई है. इसके बाद बर्क ने कहा कि उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है.

सपा सांसद शफीकुर्रहमान बर्क. (फोटो: ट्विटर)

संभल: तालिबान के समर्थन में बयान देने के मामले में समाजवादी पार्टी (सपा) के संभल से सांसद डॉक्टर शफीकुर्रहमान बर्क के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक नेता ने मामला दर्ज कराया है.

पुलिस अधीक्षक चक्रेश मिश्र ने बुधवार को बताया कि भाजपा के पश्चिमी उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष राजेश सिंघल ने सपा सांसद बर्क, मोहम्मद मुकीम और चौधरी फैजान पर तालिबान के संबंध में भड़काऊ बयान देने को राजद्रोह बताते हुए मंगलवार को शिकायत दर्ज कराई.

हालांकि, मुकदमा दर्ज होने के बाद बर्क ने बुधवार को कहा कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है. बर्क ने कहा, ‘मैंने ऐसा कुछ नहीं कहा है, यह मुझपर गलत इल्जाम है और मैं इस मामले में हिन्दुस्तान की नीतियों के साथ हूं.’

उन्होंने बुधवार को पत्रकारों से कहा, ‘मैंने ऐसा कोई बयान नहीं दिया यह बिल्कुल गलत है. मुझसे सवाल किया गया तो मैंने कहा तालिबान से मेरा क्या ताल्लुक? मैं इस सिलसिले में कुछ नहीं कह सकता बल्कि जो मेरे मुल्क की नीतियां होंगी, मैं उसके साथ रहूंगा, तालिबान से मेरा कोई वास्ता नहीं. मैं वहां का रहने वाला भी नहीं तो मैं तालिबान के सिलसिले में राय देने वाला कौन होता हूं? मैं क्यों दूं अपनी राय? मेरा यह बयान तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है.’

उन पर दर्ज हुए मुकदमे के सवाल पर सांसद बर्क ने कहा, ‘मुकदमा दर्ज हो तो हो लेकिन मुकदमा तो सच्चाई पर चलेगा. मेरे खिलाफ इल्जाम लगाया जा रहा है. मैंने ऐसा कोई बयान नहीं दिया, मैं न तो तालिबान के साथ हूं, न ही उनकी तारीफ करता हूं, न उन से मुझे कोई मतलब है . हिंदुस्तान की नीतियों से मुझे मतलब है, मैं हिंदुस्तान के साथ हूं.’

उन्होंने कहा कि तालिबान अफगानिस्तान का है और यह उनके घर का मामला है. जैसे हर मुल्क में चुनाव होते हैं, पार्टियों में तब्दीली होती रहती है. मुझे उनसे कोई मतलब नही मैं हिंदुस्तान का वोटर हूं मुझे हिंदुस्तान से और उसकी नीतियों से मतलब है.

इससे पहले पुलिस अधीक्षक मिश्र ने कि मामले में सपा सांसद, मुकीम और फैजान के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 153 ए (लिखित या मौखिक रूप से ऐसा बयान देना जिससे सांप्रदायिक दंगा या तनाव फैलता है), 124 ए (राजद्रोह), 295 ए (उपासना के स्थान या व्यक्तियों के किसी वर्ग द्वारा पवित्र मानी गयी किसी वस्तु को नष्ट या अपमान करना) के तहत मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है.

दरअसल बर्क ने संभल में संवाददाताओं से बातचीत में सोमवार को कहा था कि तालिबान एक ताकत है और उसने अफगानिस्तान में अमेरिका के पांव जमने नहीं दिए. तालिबान अब अपने देश को खुद चलाना चाहता है.

उन्होंने कहा था, ‘हमारा देश जब अंग्रेजों के कब्जे में था तब सभी हिंदुस्तानियों ने मिलकर आजादी की जंग लड़ी थी. अफगानिस्तान पर अमेरिका ने कब्जा कर रखा था. उससे पहले इस मुल्क पर रूस का कब्जा था. मगर अफगान आजाद रहना चाहते हैं. वह अपने देश को आजाद कराना चाहते हैं. यह उनका व्यक्तिगत मामला है, इसमें हम क्या दखल देंगे?’

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बर्क के इस बयान की मंगलवार को विधान परिषद में कड़ी निंदा की थी.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, मुख्यमंत्री ने कहा, ‘वह बेशर्मी से तालिबान का समर्थन कर रहा थे. इसका मतलब है उनके बर्बर कृत्य का समर्थन करना. हम संसदीय लोकतंत्र हैं. हम कहां जा रहे हैं? हम ऐसे लोगों का समर्थन कर रहे हैं जो मानवता पर कलंक हैं.’

वहीं, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि उन्होंने उन्हें व्यक्तिगत रूप से नहीं सुना. लेकिन अगर इस तरह का बयान दिया गया है तो उस शख्स और इमरान खान में कोई अंतर नहीं है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)