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यूपी: महर्षि वाल्मीकि से तालिबान की तुलना के आरोप में मुनव्‍वर राना के ख़िलाफ़ केस दर्ज

वाल्मीकि समाज के नेता पीएल भारती की शिकायत पर मशहूर शायर मुनव्वर राना के ख़िलाफ़ धार्मिक भावनाएं भड़काने तथा अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है. राना ने एक चैनल से बात करते हुए कथित तौर पर कहा था कि वाल्मीकि रामायण लिखने के बाद भगवान बन गए, इससे पहले वह एक डकैत थे. व्यक्ति का चरित्र बदल सकता है. इसी तरह तालिबान अभी आतंकवादी हैं, लेकिन लोग और चरित्र बदलते हैं.

शायर मुनव्वर राना. (फोटो साभार: फेसबुक)

लखनऊ: तालिबान की तुलना हिंदू धर्मग्रंथ रामायण के रचयिता महर्षि वाल्मीकि से करने के आरोप में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की हजरतगंज कोतवाली पुलिस ने मशहूर शायर मुनव्वर राना के खिलाफ शुक्रवार को एक मामला दर्ज किया है.

हजरतगंज कोतवाली के प्रभारी श्याम शुक्‍ला ने बताया कि वाल्मीकि समाज के नेता पीएल भारती की तहरीर पर राना के खिलाफ धार्मिक भावनाएं भड़काने तथा अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है.

थाना प्रभारी ने बताया कि भारती ने हजरतगंज कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें उन्होंने दावा किया है कि मुनव्‍वर राना ने महर्षि वाल्मीकि की तुलना तालिबान से करके देश के करोड़ों दलितों का अपमान किया है और हिंदू आस्था को चोट पहुंचाई है.

भारती के अलावा आंबेडकर महासभा के महामंत्री अमरनाथ प्रजापति ने भी राना के खिलाफ तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है.

शुक्रवार को डॉक्टर आंबेडकर महासभा ट्रस्ट के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल ने एक बयान में कहा कि मुनव्वर राना की टिप्पणी से दलित खुद को अपमानित महसूस कर रहे हैं.

गौरतलब है कि एक चैनल पर चर्चा के दौरान मुनव्‍वर राना ने तालिबान की तुलना कथित तौर पर महर्षि वाल्मीकि से की थी.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, राना ने एक चैनल से बात करते हुए कहा था, ‘वाल्मीकि रामायण लिखने के बाद भगवान बन गए, इससे पहले वह एक डकैत थे, व्यक्ति का चरित्र बदल सकता है. इसी तरह तालिबान अभी आतंकवादी हैं, लेकिन लोग और चरित्र बदलते हैं.’

राना ने कहा था, ‘जब आप वाल्मीकि के बारे में बात करते हैं, तो आपको उनके अतीत के बारे में भी बात करनी होगी. अपने धर्म में आप किसी को भी भगवान बना सकते हैं, लेकिन वह एक लेखक थे और उन्होंने रामायण लिखी. लेकिन हम यहां प्रतिस्पर्धा में नहीं हैं.’

राना के खिलाफ धारा 153 ए (धर्म, जाति, जन्म स्थान आदि के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देना), 295ए (किसी भी वर्ग की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के इरादे से जान-बूझकर किया गया दुर्भावनापूर्ण कृत्य), 505 (1) (बी) (सामान्य जन या जनता के किसी वर्ग के बीच भय पैदा करना) और अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया.

शायर के खिलाफ पिछले साल नवंबर में हजरतगंज पुलिस स्टेशन में इसी तरह के आरोपों में एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जिसमें उन्होंने पैगंबर मुहम्मद के कार्टून पर मचे विवाद पर फ्रांस में हुईं हत्याओं का बचाव किया था.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)