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मैसूर गैंगरेप: गृहमंत्री बोले- पीड़ितों को सुनसान जगह पर नहीं जाना चाहिए था, आलोचना के बाद पलटे

बीते 24 अगस्त को मैसूर शहर के बाहरी इलाके में एक छात्रा के साथ कथित रूप से पांच लोगों ने बलात्कार किया और उनके पुरुष मित्र पर भी हमला किया. इसके बाद गृहमंत्री अर्गा ज्ञानेंद्र ने कहा था कि वह सुनसान जगह है, उन्हें वहां नहीं जाना चाहिए था. मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने गृहमंत्री के बयान से असहमति जताते हुए उन्हें स्पष्टीकरण देने के लिए कहा था.

कर्नाटक के गृहमंत्री अर्गा ज्ञानेंद्र. (फोटो साभार: एएनआई)

नई दिल्ली: कर्नाटक के मैसूर में 23 वर्षीय छात्रा के गैंगरेप मामले अभी तक पुलिस ने किसी को गिरफ्तार नहीं किया है. इसी बीच कर्नाटक के गृहमंत्री अर्गा ज्ञानेंद्र ने ने गुरुवार को यह सुझाव देकर विवाद छेड़ दिया कि महिला और उसके दोस्त को अधिक सावधान रहना चाहिए था और सुनसान जगह पर नहीं जाना चाहिए था.

हालांकि व्यापाक आलोचना के बाद गृहमंत्री ने अपना बयान वापस ले लिया और कहा कि उनका इरादा किसी को ठेस पहुंचाने का नहीं था.

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, ज्ञानेंद्र ने कहा, ‘मेरा किसी को ठेस पहुंचाने का कोई इरादा नहीं था. मैं अपना बयान वापस लेता हूं.’

साथ ही उन्होंने ‘कांग्रेस मेरा बलात्कार करने की कोशिश कर रही है’ टिप्पणी और मैसूर गैंगरेप की घटना पर उनका इस्तीफा मांगने वाले कांग्रेस नेताओं की आलोचना की.

साथ ही उन्होंने कहा कि पुलिस दोषियों की गिरफ्तारी के लिए जांच कर रही है. छात्रा का अस्पताल में इलाज चल रहा है. सभी, खासकर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा कड़ी की जाएगी.

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, इससे पहले संवाददाताओं से बात करते हुए ज्ञानेंद्र ने कहा था, ‘शाम 7:30 बजे वे (पीड़िता और पुरुष मित्र) वहां गए थे. वह सुनसान जगह है, उन्हें नहीं जाना चाहिए था, लेकिन हम किसी को जाने से नहीं रोक सकते. वह एक सुनसान जगह है और वहां आमतौर पर कोई नहीं जाता क्योंकि वहां कोई नहीं होता.’

राज्य में कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाने के लिए कांग्रेस पर हमला करते हुए, ज्ञानेंद्र ने यह भी कहा कि विपक्षी कांग्रेस उन्हें निशाना बनाकर ‘बलात्कार’ करने की कोशिश कर रही है.

कानून-व्यवस्था की स्थिति पर विपक्षी कांग्रेस द्वारा राज्य सरकार की आलोचना करने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए गृहमंत्री ने कहा, ‘वहां बलात्कार हुआ है, लेकिन कांग्रेस मेरा बलात्कार करने की कोशिश कर रही थी, वे गृहमंत्री का बलात्कार करने की कोशिश कर रहे हैं. वे राजनीतिक लाभ हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं. यह एक अमानवीय कृत्य है.’

मालूम हो कि मैसूर शहर के बाहरी इलाके ललिताद्रीपुरा में पांच लोगों ने एक कॉलेज छात्रा से 24 अगस्त को कथित रूप से सामूहिक बलात्कार किया और यह मामला बुधवार को सामने आया.

आरोपियों ने लड़की के पुरुष मित्र पर भी हमला किया. वे दोनों चामुंडी हिल की ओर से आ रहे थे. पीड़िता और उनके मित्र का एक निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है. अधिकारियों ने कहा कि महिला की चोटें गंभीर हैं और वे सदमे में है, उनकी हालत में सुधार हो रहा है.

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि आरोपी ने महिला को घसीटने और उसके साथ बलात्कार करने और पुरुष की पिटाई करने से पहले पहले उनसे पैसे की मांग की थी. उनके मोबाइल फोन भी छीन लिए.

पुलिस का मानना ​​है कि आरोपी मैसूर के स्थानीय हो सकते हैं और हमले के समय से इलाके में सेलफोन डेटा खंगाल रहे हैं. वे आसपास के शराब की दुकानों के मालिकों से भी पूछताछ कर रहे हैं क्योंकि अपराध स्थल से शराब की बोतलें और डिब्बे बरामद किए गए थे.

उन्होंने कहा कि इलाके में अक्सर स्थानीय युवक शराब का सेवन करते हैं और वहां से लूट की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं. सूत्रों ने कहा कि एक प्रत्यक्षदर्शी ने मंगलवार रात घटनास्थल के पास चार मोटरसाइकिलें देखीं थी.

गुरुवार को अतिरिक्त डीजीपी प्रताप रेड्डी ने अन्य अधिकारियों के साथ मौके का दौरा किया. संयोग से रेड्डी जून 2013 में मणिपाल विश्वविद्यालय की एक मेडिकल छात्रा पर यौन उत्पीड़न के मामले की जांच में पर्यवेक्षण अधिकारी थे, जहां सेलफोन डेटा ने पुलिस को आरोपी तक पहुंचाया था.

रेड्डी ने कहा, ‘हमें अभी तक महिला का बयान नहीं मिला है. उसके ठीक होने के बाद हम उसकी सहमति से ऐसा करना चाहते हैं. हम दर्ज की गई प्राथमिकी के आधार पर विभिन्न कोणों से जांच कर रहे हैं.’

मुख्यमंत्री बसवाराज बोम्मई ने कहा कि उन्होंने रेड्डी और अन्य अधिकारियों से बात की है और उन्हें सीधे उन्हें रिपोर्ट करने के लिए कहा है.

उन्होंने कहा, ‘इकट्ठी की गई जानकारी के आधार पर और टावर डंप और कॉल डेटा रिकॉर्ड के आधार पर जांच आगे बढ़ रही है.’

सामूहिक बलात्कार मामले पर राज्य के गृहमंत्री के बयान से सहमत नहीं: मुख्यमंत्री

कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज एस बोम्मई ने गुरुवार को कहा कि उनकी सरकार मैसूर में एक कॉलेज की छात्रा के साथ सामूहिक बलात्कार के मामले की जांच के लिए एक विशेष टीम गठित करेगी और कहा कि अपराधियों को जल्द ही पकड़ लिया जाएगा और उन्हें न्याय के दायरे में लाया जाएगा.

उन्होंने कहा, ‘हम (जांच से) समझौता नहीं करेंगे.’  बोम्मई ने कर्नाटक के गृहमंत्री ए. ज्ञानेंद्र की इन टिप्पणियों से भी असहमति जताई जिसमें उन्होंने कहा है कि लड़की और उसके पुरुष मित्र को सुनसान जगह पर नहीं जाना चाहिए था और घटना को लेकर उन पर निशाना साधकर विपक्षी कांग्रेस उनका ‘बलात्कार’ करने की कोशिश कर रही है.

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘मैं अपने गृहमंत्री द्वारा सामूहिक बलात्कार की घटना के संबंध में की गई टिप्पणियों से सहमत नहीं हूं. मैंने उन्हें स्पष्टीकरण देने को कहा है.’

बोम्मई ने कहा, ‘मैंने अधिकारियों को मामले को गंभीरता से लेने और घटनाक्रम पर मुझे लगातार जानकारी देने का निर्देश दिया है.’

गृहमंत्री पर कांग्रेस ने निशाना साधा- राज्य के लोगों की रक्षा करने में अक्षम है

कांग्रेस ने सामूहिक बलात्कार के मामले पर कर्नाटक के गृहमंत्री अर्गा ज्ञानेंद्र के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है, कांग्रेस ने गृहमंत्री और सत्तारूढ़ भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि वे राज्य के लोगों की रक्षा करने में अक्षम हैं.

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने गृहमंत्री के बयान के लिए उन पर हमला बोलते हुए कहा कि पुलिस को गृहमंत्री के साथ बलात्कार में शामिल उनकी पार्टी के लोगों को गिरफ्तार करना चाहिए. फिर चाहे वह कांग्रेस विधायक दल के नेता सिद्धारमैया हों या कोई अन्य नेता.

शिवकुमार ने कहा, ‘उन्होंने (गृह मंत्री) ने दावा किया है कि कांग्रेस उनका बलात्कार कर रही है. वह बलात्कार शब्द का बहुत हल्के ढंग से इस्तेमाल कर रहे हैं … ऐसा लगता है कि उन्हें यह शब्द पसंद है. मैं इस बयान पर भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया चाहता हूं. जब गृहमंत्री कह रहे हैं कि कांग्रेस उनका बलात्कार कर रही है तो राज्य का प्रशासन क्या कर रहा है?’

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘गृहमंत्री, आप पर राज्य की रक्षा करने की जिम्मेदारी है, क्या आपको इस तरह की घटिया टिप्पणी करने में शर्म नहीं आती? इस बयान से वह (गृह मंत्री) इस बात से सहमत हो गए हैं कि भाजपा शासन में शाम साढ़े सात बजे भी बाहर निकलना खतरनाक है.’

शिवकुमार ने कहा कि यह पुलिस विभाग के लिए शर्म की बात है और पार्टी को कर्नाटक की छवि की चिंता है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)