राजनीति

महाराष्ट्र: भाजपा नेता राणे की गिरफ़्तारी का आदेश देने वाले मंत्री अनिल परब को ईडी का समन

शिवसेना ने कहा कि पार्टी इस मामले को क़ानूनी रूप से सुलझाएगी और संकेत दिया कि यह समन रत्नागिरी में केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता नारायण राणे की गिरफ़्तारी से संबंधित है. महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री एवं शिवसेना नेता अनिल परब इसी ज़िले के अभिभावक मंत्री हैं. उद्धव ठाकरे के क़रीबी माने जाने वाले परब पिछले हफ़्ते कैमरे पर राणे की गिरफ़्तारी का आदेश देते हुए क़ैद हो गए थे.

अनिल परब. (फोटो साभार: फेसबुक)

नई दिल्ली/मुंबई: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने समन भेजकर महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री एवं शिवसेना नेता अनिल परब को पूर्व मंत्री अनिल देशमुख एवं अन्य से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में पूछताछ के लिए मंगलवार को तलब किया है. अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी.

बीते दिनों केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता नारायण राणे को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी करने पर रत्नागिरी से गिरफ्तार किया गया था. राणे ने शिवसेना और ठाकरे के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान की थी.

उद्धव ठाकरे के करीबी माने जाने वाले परब पिछले हफ्ते कैमरे पर राणे की गिरफ्तारी का आदेश देते हुए कैद हो गए थे. उस दौरान वह एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में थे और माइक्रोफोन ऑन रहने के कारण पुलिस अधिकारी को किया गया उनका फोन रिकॉर्ड हो गया था.

ईडी के समन को परब द्वारा भाजपा नेता नारायण राणे को गिरफ्तार करने के आदेश से जोड़कर देखा जा रहा है.

शिवसेना ने कहा कि पार्टी इस मामले को कानूनी रूप से सुलझाएगी और संकेत दिया कि यह समन रत्नागिरी में केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता नारायण राणे की गिरफ्तारी से संबंधित है. परब इसी जिले के अभिभावक मंत्री हैं.

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे नीत महाविकास आघाड़ी सरकार में संसदीय कार्य मंत्री 56 वर्षीय परब महाराष्ट्र विधान परिषद के सदस्य हैं.

अधिकारियों ने बताया कि ईडी की ओर से कहा गया है कि परब दक्षिण मुंबई में एजेंसी के कार्यालय में मामले के जांच अधिकारी के समक्ष मंगलवार को पेश हों.

अधिकारियों ने बताया कि महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के सिलसिले में परब से पूछताछ की जाएगी, क्योंकि इस मामले में अन्य आरोपियों और मामले में शामिल लोगों द्वारा कुछ खुलासे किए गए हैं.

शिवसेना नेता संजय राउत ने रविवार को कहा कि केंद्रीय एजेंसी की ओर से परब को आया नोटिस ‘उम्मीद के अनुरूप’ है और पार्टी इससे कानूनी तरीके से लड़ेगी.

राउत ने ट्वीट किया, ‘बहुत बढ़िया, जैसे ही जन आशीर्वाद यात्रा समाप्त हुई, अनिल परब को ईडी द्वारा उम्मीद के अनुरूप नोटिस भेजा गया. केंद्र सरकार ने अपना काम शुरू कर दिया. भूकंप का केंद्र रत्नागिरी था. परब जिले के प्रभारी मंत्री हैं. घटनाक्रम को समझिए. हम कानूनी रूप से इस लड़ाई को लड़ेंगे. जय महाराष्ट्र.’

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, परब ने कहा कि इस बारे में कोई स्पष्टता नहीं है कि ईडी ने उन्हें क्यों बुलाया था क्योंकि ईडी के नोटिस में किसी खास मामले का उल्लेख किए बिना जांच के हिस्से के रूप में केवल उन्हें समन का उल्लेख किया गया था.

यह पूछे जाने पर कि क्या केंद्र बदले की भावना से काम कर रहा है, परब ने कहा, ‘मैं अभी इस पर टिप्पणी नहीं करूंगा. मैं मामले का अध्ययन करने के बाद कानूनी रूप से जवाब दूंगा.’

वहीं, ईडी के सामने पेश होने के सवाल पर उन्होंने कहा, ‘मैं इसका कानूनी रूप से अध्ययन करूंगा और फिर फैसला करूंगा.’

केंद्र पर कटाक्ष करते हुए शिवसेना सांसद संजय राउत ने सोमवार को कहा कि राजनीतिक कार्यकर्ताओं को मिलने वाला, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का नोटिस डेथ वारंट नहीं है, बल्कि एक प्रेम पत्र है.

राउत ने पत्रकारों से कहा, ‘मजबूत और अभेद्य महा विकास आघाड़ी (एमवीए) की दीवार को तोड़ने के असफल प्रयासों के बाद ऐसे प्रेम पत्रों की संख्या बढ़ गई है.’

राउत ने कहा, ‘या तो भाजपा का व्यक्ति ईडी में डेस्क अफसर है या ईडी का अधिकारी भाजपा कार्यालय में काम कर रहा है.’

यह मामला महाराष्ट्र पुलिस विभाग में कथित तौर पर 100 करोड़ रुपये की रिश्वतखोरी और वसूली गिरोह से जुड़ा है, जिसकी आपराधिक जांच ईडी कर रहा है. इस मामले में अप्रैल में देशमुख को इस्तीफा देना पड़ा था.

मुंबई पुलिस के पूर्व आयुक्त परमबीर सिंह के 100 करोड़ रुपये की रिश्वतखोरी के आरोपों से संबंधित भ्रष्टाचार के इस कथित मामले में सीबीआई द्वारा प्रकरण दर्ज करने के बाद ईडी ने महाराष्ट्र के तत्कालीन गृह मंत्री अनिल देशमुख तथा अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया था. तब देशमुख महाविकास आघाड़ी सरकार में गृह मंत्री थे.

ईडी की तरफ से दिए गए पांच समन पर पूर्व में पेश नहीं होने वाले देशमुख ने कहा था कि मुंबई पुलिस आयुक्त के पद से हटाए जाने के कारण परमबीर सिंह ने उनके खिलाफ ये आरोप लगाए हैं.

ईडी ने जेल में बंद पुलिस अधिकारी एवं मामले के आरोपी सचिन वझे के दो बार बयान दर्ज किए हैं और अब एजेंसी इस बाबत परब से पूछताछ कर सकती है.

वझे को रिलायंस इंडस्ट्री के अध्यक्ष मुकेश अंबानी के मुंबई स्थित घर के बाहर विस्फोटक से भरे वाहन के मिलने के मामले में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने गिरफ्तार किया था.

वझे ने पूर्व में एक पत्र में आरोप लगाया था कि परब ने जनवरी 2021 में उससे मुंबई नगर निकाय में सूचीबद्ध ‘धोखाधड़ी’ करने वाले ठेकेदारों की जांच करने और उनमें से करीब 50 से कम से कम 2 करोड़ रुपये एकत्र करने को कहा था. वझे ने इस पत्र को अदालत के समक्ष पेश करने की मांग की थी.

परब ने वझे के आरोपों को खारिज किया था और कहा था कि वह आरोपों की जांच के लिए तैयार हैं.

बता दें कि परब शिवसेना के दूसरे और एमवीए के तीसरे ऐसे नेता हैं जो ईडी के निशाने पर आए हैं. इससे पहले पूर्व गृहमंत्री और एनसीपी नेता अनिल देशमुख और शिवसेना विधायक और पार्टी प्रवक्ता प्रताप सरनाइक को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी का समन मिल चुका है.

शिवसेना सांसद से जुड़े परिसरों पर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में छापेमारी की

ईडी ने कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जांच के तहत महाराष्ट्र में शिवसेना की सांसद भावना गवली से जुड़े कई परिसरों पर सोमवार को छापेमारी की. यह जानकारी अधिकारियों ने दी.

उन्होंने बताया कि यवतमाल-वाशिम से लोकसभा की सदस्य से जुड़े कम से कम सात परिसरों पर मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम के प्रावधानों के तहत छापेमारी की गई.

समझा जाता है कि ईडी का मामला महाराष्ट्र पुलिस की प्राथमिकी पर आधारित है, जिसमें कथित तौर पर 18 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी एवं अन्य अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं.

अधिकारियों ने कहा कि वाशिम, मुंबई एवं कुछ अन्य स्थानों पर छापेमारी की जा रही है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)