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हाथ जोड़कर माफ़ी मांगने तक जावेद अख़्तर की कोई फिल्म प्रदर्शित नहीं होने देंगे: भाजपा विधायक

भाजपा विधायक राम कदम ने लेखक-गीतकार जावेद अख़्तर से उनकी उस टिप्पणी को लेकर उनसे माफ़ी की मांग की है, जिसमें उन्होंने आरएसएस की तुलना कथित तौर पर तालिबान के साथ की थी. इसके बाद अख़्तर के मुंबई स्थित आवास के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है.

भाजपा विधायक राम कदम. (फोटो: ट्विटर/@ramkadam)

मुंबई: भाजपा विधायक राम कदम ने लेखक-गीतकार जावेद अख्तर से उनकी उस टिप्पणी को लेकर उनसे माफी की मांग की है, जिसमें उन्होंने आरएसएस की तुलना कथित तौर पर तालिबान के साथ की थी. इस बयान के बाद अख्तर के मुंबई स्थित आवास के बाहर सुरक्षा सोमवार को बढ़ा दी गई. यह जानकारी पुलिस के एक अधिकारी ने दी.

अधिकारी ने कहा कि जुहू इलाके में इस्कॉन मंदिर के पास स्थित अख्तर के आवास के बाहर पुलिस की पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है. उन्होंने कहा कि महिला कॉन्स्टेबल सहित सुरक्षाकर्मियों को गीतकार के घर के बाहर तैनात किया गया है.

अख्तर ने बीते तीन सितंबर को एक समाचार चैनल से कहा था कि पूरी दुनिया में दक्षिणपंथियों में एक अनोखी समानता है. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का नाम लिए बिना गीतकार ने कहा था, ‘तालिबान एक इस्लामी देश चाहता है. ये लोग हिंदू राष्ट्र बनाना चाहते हैं.’

जावेद अख्तर ने कहा था, ‘मुझे लगता है कि जो लोग आरएसएस, वीएचपी या बजरंग दल जैसे संगठनों का समर्थन करते हैं, उन्हें कुछ आत्मनिरीक्षण करने की जरूरत है. बेशक तालिबान निंदनीय हैं, वे बर्बर हैं, लेकिन आप जिन लोगों का समर्थन कर रहे हैं वे उनसे (तालिबान) कैसे अलग हैं.’

25 मिनट की बातचीत के दौरान अख्तर ने कहा था कि भारत में कुछ लोग समाज में अलगाव चाहते हैं और उन्होंने तालिबान और उन लोगों के बीच ‘अद्भुत समानता’ देखी, जो ‘तालिबान की तरह बनना चाहते हैं’.

भाजपा विधायक और प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता राम कदम ने अख्तर की टिप्पणी की निंदा की.

मुंबई के विधायक ने कहा कि अख्तर से जुड़ी किसी भी फिल्म को देश में तब तक प्रदर्शित नहीं होने दिया जाएगा जब तक कि वह अपनी टिप्पणियों के लिए संघ के पदाधिकारियों से हाथ जोड़कर माफी नहीं मांग लेते.

विधायक ने कहा, ‘अगर तालिबान की विचारधारा यहां मौजूद होती तो क्या वह (अख्तर) इस तरह के बयान दे सकते थे? इस सवाल का जवाब दिखाता है कि उनकी टिप्पणी कितनी खोखली है.’

आरएसएस की तुलना तालिबान से करने में जावेद अख्तर गलत: शिवसेना

शिवसेना ने सोमवार को कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की तालिबान से तुलना करने में गीतकार जावेद अख्तर ‘पूरी तरह से गलत’ थे.

शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ के संपादकीय में कहा गया है, ‘आप कैसे कह सकते हैं कि हिंदू राष्ट्र की अवधारणा का समर्थन करने वाले तालिबानी मानसिकता के हैं? हम इससे सहमत नहीं हैं.’

‘सामना’ के संपादकीय में उनकी टिप्पणी का उल्लेख करते हुए कहा गया है, ‘भले ही जावेद अख्तर एक धर्मनिरपेक्ष व्यक्ति हैं और कट्टरता के खिलाफ बोलते हैं, लेकिन उनका आरएसएस की तुलना तालिबान से करना पूरी तरह से गलत है.’

‘सामना’ के संपादकीय में कहा गया है कि हिंदू राष्ट्र का प्रचार करने वालों का रुख उदार है. इसमें कहा गया ‘जिस विभाजन के कारण पाकिस्तान का निर्माण हुआ वह धर्म पर आधारित था. जो लोग हिंदू राष्ट्र का समर्थन करते हैं, वे बस यह चाहते हैं कि बहुसंख्यक हिंदुओं को दरकिनार न किया जाए. हिंदुत्व एक संस्कृति है और समुदाय के लोग इस संस्कृति पर हमला करने वालों को रोकने के अधिकार की मांग करते हैं.’

शिवसेना के मुखपत्र में आगे कहा गया है कि हिंदुत्व की तालिबान से तुलना करना हिंदू संस्कृति का ‘अपमान’ है.

इसमें कहा गया, ‘एक हिंदू बहुल देश होने के बावजूद, हमने धर्मनिरपेक्षता का झंडा फहराया है. हिंदुत्व के समर्थक केवल यही चाहते हैं कि हिंदुओं को दरकिनार न किया जाए.’

इसमें कहा गया है, ‘आपका आरएसएस के साथ मतभेद हो सकता है, लेकिन उनके दर्शन को तालिबानी कहना पूरी तरह से गलत है.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)