राजनीति

अरविंद केजरीवाल लगातार तीसरी बार आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक निर्वाचित

आम आदमी पार्टी की राष्ट्रीय परिषद ने अरविंद केजरीवाल समेत 34 सदस्यीय नई कार्यकारिणी निकाय का चुनाव किया. इन पदाधिकारियों को पांच साल के कार्यकाल के लिए चुना गया है. इस साल की शुरुआत में आम आदमी पार्टी के संविधान में संशोधन किया गया था, ताकि किसी व्यक्ति को दो बार से अधिक पद धारण करने की अनुमति मिल सके.

अरविंद केजरीवाल. (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को आम आदमी पार्टी (आप) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की रविवार को हुई बैठक में लगातार तीसरी बार पार्टी का राष्ट्रीय संयोजक निर्वाचित किया गया है.

पार्टी नेताओं- पंकज गुप्ता और एनडी गुप्ता को सचिव और पार्टी कोषाध्यक्ष चुना गया है. आम आदमी पार्टी की राष्ट्रीय परिषद ने केजरीवाल समेत 34 सदस्यीय नई कार्यकारिणी निकाय का चुनाव किया.

इन पदाधिकारियों को पांच साल के कार्यकाल के लिए चुना गया है.

पार्टी के एक सूत्र ने कहा, ‘बैठक में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया सहित 34 नेताओं के नाम चुनाव के लिए परिषद के सदस्यों के सामने रखे गए थे. परिषद ने सभी को सर्वसम्मति से समर्थन दिया.’

उत्तराखंड विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार अजय कोठियाल, पंजाब के लोकसभा सांसद भगवंत मान, गुजरात के नेता ईशुदान गढ़वी और गोपाल इटालिया भी कार्यकारी निकाय के लिए चुने गए.

कार्यकारिणी के अन्य उल्लेखनीय निर्वाचित सदस्यों में राज्यसभा सांसद संजय सिंह और सुशील गुप्ता, दिल्ली के विधायक राघव चड्ढा, दिलीप पांडे, राखी बिरलान, आतिशी और दुर्गेश पाठक शामिल हैं.

उन्होंने कहा कि परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत को छोड़कर केजरीवाल सरकार के सभी मंत्री भी कार्यकारिणी में चुने गए.

परिषद की बैठक में लगभग 350 सदस्यों ने भाग लिया. उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, पंजाब, गोवा और गुजरात में आगामी विधानसभा चुनावों सहित राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा के लिए रविवार को नयी कार्यकारिणी की बैठक होगी.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, पार्टी ने एक बयान में कहा, ‘राष्ट्रीय कार्यकारिणी की अगली बैठक में आगामी राज्य विधानसभा चुनावों और देश की मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य पर चर्चा की जाएगी.’

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, इस साल की शुरुआत में आम आदमी पार्टी के संविधान में संशोधन किया गया था, ताकि किसी व्यक्ति को दो बार से अधिक पद धारण करने की अनुमति मिल सके. इससे पहले पार्टी के संविधान में कहा गया था कि कोई भी सदस्य एक पदाधिकारी के रूप में एक ही पद पर तीन-तीन साल के लगातार दो कार्यकाल से अधिक नहीं रहेगा.

सूत्रों ने कहा कि जनवरी 2021 में किए गए संशोधन के बाद (राष्ट्रीय संयोजक के) कार्यकाल की अवधि बढ़ाकर 5 साल कर दी गई है कार्यकाल की संख्या पर लगी रोक भी हटा दी गई है.

राष्ट्रीय संयोजक के रूप में केजरीवाल का दूसरा कार्यकाल अप्रैल 2019 में समाप्त होना था, लेकिन लोकसभा और दिल्ली विधानसभा चुनावों के मद्देनजर 2018 में इसे एक साल के लिए बढ़ा दिया गया था. राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक को 2020 में कोविड-19 महामारी के कारण स्थगित कर दिया गया था.

अगली बैठक जनवरी 2021 में हुई, जिसमें पार्टी के संविधान में संशोधन किया गया.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)