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नारकोटिक आतंकवाद, लव जिहाद से निपटने के लिए क़ानून लाए केंद्र: केरल भाजपा

बिशप जोसेफ कल्लारंगत ने बीते सप्ताह कहा था कि केरल में ग़ैर मुस्लिम, ख़ासकर ईसाई लड़कियां लव और नारकोटिक जिहाद का शिकार हो रही हैं. इस बयान पर हुए विवाद के बीच भाजपा की केरल इकाई ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर केंद्र से ‘जिहादी’ गतिविधियां रोकने की मांग की है.

बिशप जोसेफ कल्लारंगत. (फोटो साभार: palaidiocese.com)

नई दिल्लीः केरल में पाला ईसाई धर्म प्रदेश (डायसीस) के बिशप जोसेफ कल्लारंगत की विवादित ‘लव और नारकोटिक (मादक पदार्थ) जिहाद’ टिप्पणी पर सियासी जंग के बीच रविवार को भाजपा ने कहा कि इस आरोप के जरिये राज्य में ईसाई धर्म की आवाज सब तक पहुंची है.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, भाजपा ने केंद्र सरकार से हस्तक्षेप कर ‘नारकोटिक आतंकवाद और लव जिहाद’ से निपटने के लिए कानून लाने की मांग की है.

इस बीच भाजपा की केरल इकाई ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को एक पत्र लिखकर केंद्र सरकार से ‘जिहादी’ गतिविधियां रोकने और बिशप जोसेफ कल्लारंगत और ईसाई समुदाय की सुरक्षा के लिए हस्तक्षेप करने की मांग की है.

भाजपा प्रवक्ता टॉम वडक्कन ने जारी बयान में कहा, ‘बिशप जोसेफ कल्लारंगत का हस्तक्षेप सिर्फ उनके डायोसिस के लिए वेकअप कॉल नहीं है बल्कि यह उस समुदाय की आवाज है, जो लव जिहाद और नारकोटिक आतंकवाद के पीड़ित हैं. लव जिहाद और मादक पदार्थों के सेवन के पीड़ितों के मामले तेजी से बढ़े हैं.’

वडक्कन का आरोप है कि केरल सरकार ने जांच एजेंसियों से इनपुट मिलने के बावजूद ‘नारकोटिक आतंकवाद और लव जिहाद’ पर संज्ञान नहीं लिया.

उन्होंने कहा कि विभिन्न चर्चों के भक्तों से जानकारी मिलने के बाद बिशप काउंसिल ने इस मामले को उठाया था.

दरअसल उन्होंने कहा था कि कुछ लड़कियों को प्रेम जाल में फंसाकर उनका धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है. आतंकवाद जैसे कृत्यों में भी उनका इस्तेमाल किया जाता है.

वडक्कन ने कहा, ‘विभिन्न समुदायों में बढ़ रहे मादक पदार्थों के उपयोग से परिवारों की शांति प्रभावित हुई है और सामाजिक-आर्थिक अव्यवस्था फैली है.’

उन्होंने कहा, ‘केंद्र सरकार से मेरी अपील कि इस तरह के तत्वों के खिलाफ केंद्रीय कानून लाया जाए और नारकोटिक आतंकवाद और लव जिहाद से निपटने के लिए इन मामलों की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट हो.’

केरल भाजपा के महासचिव जॉर्ज कुरियन ने अमित शाह को पत्र लिखते हुए कहा कि केरल में जिहादी तत्वों को माकपा और कांग्रेस का पूरा समर्थन है.

पत्र में कहा गया, ‘कई जिहादी तत्व माकपा और कांग्रेस के सक्रिय कार्यकर्ता हैं. इससे स्थिति अस्थिर हो गई है. मैं आपसे इस मामले में हस्तक्षेप करने और बिशप एवं केरल के ईसाई समुदाय को बचाने के लिए त्वरित कदम उठाने का अनुरोध करता हूं.’

कुरियन का कहना है कि बिशप के बयान पर प्रतिक्रिया ईसाइयों और हिंदुओं के बीच असुरक्षा को दर्शाती है.

बता दें कि बिशप कल्लारंगत ने नौ सितंबर को कहा था कि केरल में ईसाई लड़कियां ‘लव और नारकोटिक जिहाद’ का शिकार बन रही हैं तथा जहां भी हथियारों का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता, वहां दूसरे धर्मों के युवाओं को बर्बाद करने के लिए चरमपंथी ऐसे तरीके अपना रहे हैं.

बिशप ने कहा था कि ‘लव जिहाद’ के तहत गैर मुस्लिम, विशेषकर ईसाई समुदाय की लड़कियों को बड़े स्तर पर प्रेम संबंध में फंसाकर उनका धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है और आतंकवाद जैसे कृत्यों के लिए उनका इस्तेमाल किया जा रहा है.

इस बयान का ईसाई और मुस्लिम समुदायों से जुड़े लोगों ने व्यापक विरोध किया. सत्तारूढ़ माकपा और कांग्रेस ने इस बयान पर नाराजगी जताई थी.

मुख्यमंत्री पिनारई विजयन ने कहा था कि नारकोटिक्स को धार्मिक रंग देने की जरूरत नहीं है जबकि विपक्ष के नेता वीडी सतीशन ने संघ परिवार की आलोचना करते हुए बिशप के बयान को लेकर राज्य में सांप्रदायिक तनाव बढ़ाने की कोशिश करने का आरोप लगाया था.

वहीं, बिशप के बयान का समर्थन करते हुए विदेश राज्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता वी. मुरलीधरन ने कहा था कि उन्होंने केरल में समुदाय की चिंताओं को उठाया है और उन पर हमला करके उन्हें चुप नहीं कराया जा सकता.

बता दें कि केरल कैथोलिक बिशप काउंसिल (केसीबीसी) ने बयान जारी कर कहा कि कल्लारंगत के शब्द किसी विशेष समुदाय के लिए नहीं थे. वह सिर्फ समुदाय की चिंताओं को साझा कर रहे थे. इसे विवादास्पद नहीं बनाया जाना चाहिए और इस पर गंभीर बहस होनी चाहिए.

मालूम हो कि भाजपा केरल में अपना जनाधार बनाने की दिशा में राज्य में ईसाई समुदाय को लुभाने की कोशिश करती रही है. राज्य की आबादी में ईसाई समुदाय लगभग 19 फीसदी है.

केरल में विधानसभा चुनाव से पहले भजापा ने कथित लव जिहाद का मामला उठाया है. भाजपा की अगुवाई में एनडीए गठबंधन के घोषणापत्र में ‘लव जिहाद’ रोकने के लिए विशेष कानून लाने का वादा किया गया था.