राजनीति

फडणवीस सरकार में किसान आत्महत्या के मामले बढ़े हैं: भाजपा सांसद

विदर्भ के भंडारा-गोंडिया से भाजपा सांसद नाना पटोले ने किसानों की क़र्ज़ माफ़ी को लेकर राजस्व मंत्री के बयान की भी आलोचना की.

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (फोटो: पीटीआई)

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (फोटो: पीटीआई)

महाराष्ट्र के भाजपा सांसद नाना पटोले ने किसान आत्महत्याओं को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर निशाना साधा है. विदर्भ के भंडारा-गोंडिया से पहली बार सांसद बने पटोले का कहना है कि मौजूदा सरकार के तीन साल के कार्यकाल में किसानों की आत्महत्या में बढ़ोतरी हुई है.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, पटोले का कहना है कि ऐसा नहीं है कि पहले किसानों द्वारा आत्महत्या की घटना नहीं होती थी, लेकिन मुख्यमंत्री फडणवीस के कार्यकाल में आत्महत्या की घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है.

पटोले आगे कहते हैं, ‘लोग हमेशा सत्ता संभालने के बाद अपना रुख़ बदलते हैं. मुख्यमंत्री मेरे दोस्त हैं और मुझे इस तथ्य पर गर्व है कि मेरा मित्र अब राज्य के शीर्ष पर है, लेकिन जब कोई मित्र गलती करता है तो मैं उसे बताना अपना कर्तव्य मानता हूं. उन्हें सुधार और लोगों की भलाई के लिए काम करना चाहिए.’

किसानों की क़र्ज़ माफ़ी के मामले में पटोले ने विपक्ष की मांग का समर्थन किया है. उन्होंने कहा कि वह क़र्ज़ माफ़ी के लिए सरकार द्वारा बनाई गई प्रक्रिया को सही नहीं मानते. पटोले ने ऑनलाइन क़र्ज़ माफ़ी के आवेदन करने की प्रक्रिया की भी आलोचना की है.

बुधवार को मुख्यमंत्री से हुई एक मुलाकात में उन्होंने राजस्व मंत्री चंद्रकांत पाटिल के असंवेदनशील बयान पर चर्चा की, जिसमें उन्होंने कहा था कि क़र्ज़ माफ़ी के आवेदन में लगभग 10 लाख फ़र्ज़ी आवेदन आए हैं.

चंद्रकांत पाटिल के बयान पर निशाना साधते हुए पटोले कहते हैं, ‘एक मंत्री ऐसा असंवेदनशील और निराधार टिप्पणी कैसे कर सकता है? ऋण माफी के लिए उनका सरकारी ऑनलाइन पोर्टल आवेदन स्वीकार कर रहा है. फ़र्ज़ी दावेदारों को कैसे आवेदन करने की इजाज़त थी? इसके अलावा आवेदनों की छानबीन अभी शुरू नहीं हुई है अगर ऐसी असंवेदनशील टिप्पणी की जाती है, तो नाना पटोले चुप नहीं रहेगा. यह मुझे क्रोधित करता है.’

कुछ दिन पहले नाना पटोले ने नरेंद्र मोदी को लेकर बयान दिया था कि उन्हें प्रश्न पूछा जाना पसंद नहीं है और जब उन्होंने ऐसा किया तो मोदी को गुस्सा आ गया था.

हालांकि अब वे अपने बयान से पलट गए हैं और कहा कि मोदी प्रश्नों को सुनते हैं. बहुत सारी योजना राज्य और केंद्र सरकार के ख़राब तालमेल के कारण रुकी हुई है.

सूत्रों का मानना है कि पटोले के प्रतिद्वंद्वी प्रफुल पटेल की पार्टी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और नरेंद्र मोदी की नज़दीकी के चलते वे नाराज़ हैं. यह भी कहा जा रहा है कि उन्हें शिवसेना में शामिल होने का न्योता भी मिला है.

पटोले ने सवाल को टालते हुए बताया कि वे शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे, राजग के पूर्व साथी राजू शेट्टी और निर्दलीय विधायक बच्चा कडू के संपर्क में हैं.