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मध्य प्रदेश: पुलिस हिरासत में युवक की मौत के बाद चार पुलिसकर्मी निलंबित

मामला खंडवा ज़िले के ओंकारेश्वर थाने का है, जहां बाइक चोरी के मामले में पूछताछ के लिए लाए गए एक व्यक्ति की कथित रूप से पुलिस हिरासत में मौत हो गई. मामले की न्यायिक जांच के आदेश दिए गए हैं और संबंधित थाना प्रभारी, एक सहायक उप निरीक्षक और दो आरक्षकों को निलंबित किया गया है.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

भोपाल: मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के ओंकारेश्वर थाने में कथित रूप से पुलिस हिरासत में 24 वर्षीय युवक की मौत के मामले में प्रदेश सरकार ने चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है और घटना की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं.

पुलिस के एक अधिकारी ने मंगलवार को बताया खंडवा जिले के ओंकारेश्वर थाने में सोमवार और मंगलवार की दरम्यानी रात करीब दो बजे गोगांवा निपानी गांव के निवासी किशन मानकर की पुलिस हिरासत में मौत हो गई.

वहीं, भोपाल में पत्रकारों से बात करते हुए प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि किशन को उसके भाई और अन्य साथियों के साथ बाइक चोरी के मामले में पूछताछ के लिए पुलिस थाने लाया गया था.

मंत्री ने कहा, ‘मामले में निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए मैंने संबंधित थाना प्रभारी, एक सहायक उप निरीक्षक और दो आरक्षकों को निलंबित करने के निर्देश दिए हैं.’

उन्होंने कहा कि इसके साथ ही घटना की न्यायिक जांच के आदेश दिए गए हैं.

मिश्रा ने कहा कि मृतक के भाई ने दावा किया है कि वह सांस की बीमारी से पीड़ित था, हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही युवक की मौत का असली कारण पता चलेगा.

घटना के बाद खंडवा के पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह ओंकारेश्वर पहुंचे. उन्होंने कहा कि युवक की मौत की परिस्थितियों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है.

पुलिस सूत्रों के अनुसार सोमवार को बाइक चोरी के मामले में पूछताछ के लिए किशन को थाने लाया गया था. लगभग आधी रात को उसने बेचैनी की शिकायत की, जिसके बाद उसे ओंकारेश्वर के अस्पताल में लाया गया जहां उसकी मौत हो गई.

टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, खंडवा के एसपी विवेक सिंह ने बताया, ‘खरगोन के बेदिया गांव के रहने वाले किशन को सोमवार शाम दो अन्य संदिग्धों के साथ गिरफ्तार किया गया था. पूछताछ के बाद उसने आधी रात के आसपास खाना खाया और बेचैनी की शिकायत की. उन्हें अस्पताल ले जाया गया जहां इलाज के दौरान करीब दो बजे उनकी मौत हो गई.’

सिंह ने कहा, ‘डॉक्टरों के एक पैनल द्वारा कैमरे पर शव परीक्षण कराया गया था.’ हालांकि, भोपाल में गृह मंत्री मिश्रा ने कहा कि किशन की मौत पुलिस स्टेशन के अंदर हुई थी, लेकिन लॉक-अप में नहीं.

मालूम हो कि पिछले हफ्ते ही पड़ोसी जिले खरगोन में पुलिस हिरासत में 35 वर्षीय एक आदिवासी की मौत हो गई थी. इसके बाद प्रदेश सरकार ने छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया और जिला पुलिस अधीक्षक का तबादला कर दिया.

बिशन भील नाम के इस व्यक्ति को चार सितंबर को बिस्टान पुलिस ने 11 अन्य लोगों के साथ खरगोन जिले के खेरकुंडी गांव में लूट और डकैती के मामले में गिरफ्तार किया था. उन्हें खरगोन उप-जेल में रखा गया था, जहां सात सितंबर को तड़के करीब दो बजे उनकी मौत हो गई थी. मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया था कि बिसन की मौत पुलिस प्रताड़ना से हुई.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)