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त्रिपुरा: पुलिस हिरासत में व्यक्ति की मौत का आरोप, न्यायिक जांच की मांग

त्रिपुरा के सिपाहीजाला ज़िले में डकैती और मादक पदार्थ तस्करी के आरोप में एक 35 वर्षीय व्यक्ति को गिरफ़्तार किया गया था. उनके परिवार ने उन्हें सोनमुरा थाने में प्रताड़ित कर हत्या करने का आरोप लगाया है.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

अगरतला: त्रिपुरा के सिपाहीजाला जिले में डकैती और मादक पदार्थ तस्करी के आरोप में गिरफ्तार 35 वर्षीय व्यक्ति की बुधवार को पुलिस हिरासत में मौत मामले में परिवार ने सोनमुरा पुलिस थाने में प्रताड़ित कर उसकी हत्या करने का आरोप लगाया.

विपक्षी दल तृणमूल कांग्रेस ने इस मामले में न्यायिक जांच की मांग की.

उप-संभागीय पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) बानुज बिप्लब दास ने बताया कि आरोपी जमाल हुसैन ने देर रात दो बजे सीने में दर्द की शिकायत की, जिसके बाद उसे निकटतम सोनमुरा अस्पताल ले जाया गया.

दास ने बताया कि डॉक्टरों ने व्यक्ति को मेलाघर अस्पताल में भेजने की सलाह दी. एसडीपीओ ने कहा, ‘हुसैन को इलाज के बाद मेलाघर अस्पताल से छुट्टी मिल गई. उसे फिर सोनमुरा पुलिस थाना लाकर हवालात में बंद कर दिया गया.’

उन्होंने बताया कि आरोपी इसके बाद सुबह कोठरी में मृत पाया गया, जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिेए भेजा गया.

हुसैन का इलाज करने वाले डॉक्टर पार्थ प्रतिम दास ने बताया कि देर रात दो बजकर 10 मिनट पर उसे मेलाघर अस्पताल लाया गया था और इलाज के बाद उसे छुट्टी दे दी गई.

उप जिलाधिकारी और मजिस्ट्रेट (डीसीएम) मानस भट्टाचार्य ने संवाददाताओं को बताया कि पुलिस ने उन्हें इस घटना के बारे में सुबह आठ बजे जानकारी दी.

हुसैन 2009 के एक डकैती मामले और 2016 के मादक पदार्थ संबंधी मामले में आरोपी था और पिछले चार वर्षों से दुबई में काम कर रहा था. वह हाल में दो महीने के लिए घर आया था.

हुसैन की बहन अजुफा ख़ातून ने आरोप लगाया कि पुलिस थाने में उसके भाई को प्रताड़ित करके मार डाला गया.

उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘मेरे भाई को कोई बीमारी नहीं थी. पुलिस इस मामले को निपटाने की कोशिश कर रही है. इस मामले की उचित जांच होनी चाहिए.’

हुसैन की बहन के आरोपों का समर्थन करते हुए तृणमूल कांग्रेस नेता सुबल भौमिक ने कहा कि यह हिरासत में मौत का मामला है और इसकी न्यायिक जांच होनी चाहिए.

भौमिक ने कहा, ‘उच्च न्यायालय के एक मौजूदा न्यायाधीश को मामले को देखना चाहिए और अपराधी को जल्द से जल्द दर्ज किया जाना चाहिए.’