राजनीति

पीडीपी जम्मू कश्मीर का आगामी विधानसभा चुनाव लड़ेगी: महबूबा मुफ़्ती

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी प्रमुख महबूबा मुफ़्ती ने आगामी जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनाव में पूर्व सहयोगी भाजपा से किसी भी तरह का गठबंधन करने की संभावना से इनकार किया. उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर संकट में है और यही हाल देश का है. भाजपा कहती है कि हिंदू ख़तरे में हैं, लेकिन असल में भाजपा की वजह से भारत और लोकतंत्र ख़तरे में हैं.

महबूबा मुफ़्ती. (फोटो: पीटीआई)

जम्मू: पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने रविवार को ऐलान किया कि उनकी पार्टी आगामी जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनाव लड़ेगी. साथ ही उन्होंने पूर्व सहयोगी भाजपा से किसी भी तरह का गठबंधन करने की संभावना से इनकार किया.

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि जम्मू कश्मीर के हालात सामान्य से कोसों दूर हैं, जिसका सबूत दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले में शुक्रवार (17 सितंबर) को हुए दोहरे हमले हैं, जिनमें एक पुलिसकर्मी और एक प्रवासी मजदूर की मौत हो गई थी.

पार्टी के एक कार्यक्रम से इतर जम्मू में संवाददाताओं से बातचीत में महबूबा ने कहा, ‘पीडीपी (विधानसभा) चुनाव लड़ेगी. जहां तक गठबंधन का सवाल है तो अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी, लेकिन एक बात निश्चित तौर पर स्पष्ट है कि हम उस पार्टी (भाजपा) के साथ गठबंधन नहीं करेंगे.’

गौरतलब है कि भाजपा ने वर्ष 2018 में पीडीपी नीत गठबंधन सरकार से तीन साल के बाद समर्थन वापस ले लिया था. महबूबा ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि वह चुनाव नहीं लड़ेंगी, क्योंकि उनका उद्देश्य संविधान के अनुच्छेद-370 को बहाल करना है, जिसे पांच अगस्त 2019 को भाजपा नीत केंद्र सरकार ने समाप्त कर दिया था.

बीते जून महीने में भी महबूबा मुफ़्ती ने कहा था कि वह खुद तब तक कोई चुनाव नहीं लड़ेंगी जब तक कि जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा बहाल नहीं हो जाता.

उन्होंने कहा, ‘दावा किया जा रहा है कि जम्मू कश्मीर में सब कुछ सामान्य है, जो सरासर गलत है. लोग शांत हैं और शांत होने का अभिप्राय यह नहीं होता कि स्थिति सुधर गई है. वे घुटन महसूस कर रहे हैं, जबकि वे (भाजपा) दिखाने की कोशिश कर रहे हैं कि सब कुछ ठीक है.’

उन्होंने बड़े कॉरपोरेट चेन को अपने स्टोर खोलने की अनुमति देकर कथित तौर पर स्थानीय कारोबार को खत्म करने की कोशिश के खिलाफ 22 सितंबर को जम्मू चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की ओर से बुलाई गई एक दिवसीय हड़ताल का संदर्भ देते हुए कहा कि जिनके बारे में भाजपा दावा करती थी कि उन्होंने अनुच्छेद 370 का समर्थन किया है, वे हड़ताल कर रहे हैं.

पीडीपी नेता ने कहा, ‘कम से कम वे अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं, लेकिन कश्मीर में लोग यह भी नहीं कर पा रहे हैं. अगर वे हड़ताल करते हैं तो उन्हें अपनी दुकानें खोलने के लिए मजबूर किया जाता है.’

उन्होंने आरोप लगाया, ‘वे केवल कमीशन को लेकर चिंतित हैं, जिसका इस्तेमाल विपक्षी विधायकों को खरीदने और निर्वाचित सरकार गिराने में किया जाता है.’

उनके दौरे से पहले राजौरी जिले के कोटरंका स्थित इमारत से राष्ट्रीय ध्वज उतारने के सवाल पर महबूबा ने कहा, ‘मुझे इसकी जानकारी नहीं है, इस बारे में पुलिस से सवाल करें.’

गौरतलब है कि पुलिस ने 17-18 सितंबर की दरमियानी रात को राजौरी जिले के कोटरंका की इमारत से राष्ट्रीय ध्वज उतारने के मामले में शनिवार को अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी.

जम्मू कश्मीर के विभिन्न हिस्सों में 70 केंद्रीय मंत्रियों की यात्रा और उनकी ये टिप्पणी कि अनुच्छेद 370 केंद्रशासित प्रदेश के विकास में एक बाधा थी, पर महबूबा ने कहा, ‘यह और कुछ नहीं बल्कि फोटो खिंचाने के अवसर के अलावा था. यह दिखाने के लिए कि स्थिति सामान्य है] लेकिन अगर स्थिति सामान्य है, तो जिला विकास परिषद (डीडीसी) के सदस्यों को होटलों और अन्य भवनों में सुरक्षा के बीच क्यों रखा जाता है और उन्हें स्वतंत्र रूप से कहीं आने-जाने की अनुमति भी नहीं है.’

जम्मू में विभिन्न परियोजनाओं पर काम की धीमी गति के बारे में उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर में कुछ नहीं हो रहा है. इनमें से कई परियोजनाओं को पिछली सरकार के दौरान स्वीकृत किया गया था.

भाजपा वोट लेने के लिए तालिबान, अफ़ग़ानिस्तान, पाकिस्तान का मुद्दा उठाती है

पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने भारतीय जनता पार्टी पर तालिबान, अफगानिस्तान और पाकिस्तान के मुद्दों पर वोट हासिल करने का आरोप लगाते हुए रविवार को कहा कि भगवा पार्टी का सात साल का शासन देश के लोगों के लिए मुसीबत लाया है और इसने जम्मू कश्मीर को ‘बर्बाद’ कर दिया.

मुफ्ती ने दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकाल में हिंदू नहीं, बल्कि लोकतंत्र और भारत खतरे में है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पिछले 70 वर्षों के सभी ‘अच्छे काम’ को भाजपा बर्बाद करने पर तुली है और भगवा पार्टी ने देश के संसाधनों को बेचना शुरू कर दिया है.

पीडीपी अध्यक्ष ने कहा कि केंद्र में सत्तारूढ़ दल ने विपक्षी दलों के विधायकों को ‘खरीदने या डराने’ के लिए अपना खजाना भरने के वास्ते आवश्यक वस्तुओं की कीमतों को बढ़ाना शुरू कर दिया है.

उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र में भाजपा नीत सरकार अपनी तिजोरी भरने के लिए पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ा रही है, कर लगाए गए हैं और अपने प्रचार पर वह करोड़ों रुपये का इस्तेमाल कर रही है.

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ऐसे धन का उपयोग अन्य दलों के विधायकों को खरीदने और सरकारी एजेंसियों का इस्तेमाल उन लोगों को डराने के लिए करती है जो उसके प्रस्ताव को ठुकरा देते हैं.

पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने आलोचकों पर कटाक्ष किया और कहा कि तालिबान का उल्लेख करने भर से किसी को ‘राष्ट्र-विरोधी’ करार दिया जाता है और बहस तथा चर्चाएं शुरू हो जाती हैं, जबकि किसानों के आंदोलन, महंगाई और सार्वजनिक महत्व के अन्य मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए.

पीडीपी की युवा इकाई द्वारा आयोजित रैली को संबोधित करते हुए मुफ्ती ने कहा, ‘जम्मू कश्मीर संकट में है और यही हाल देश का है. वह (भाजपा) कहती है कि हिंदू खतरे में हैं, लेकिन वे (हिंदू) खतरे में नहीं हैं. असल में उनकी (भाजपा की) वजह से भारत और लोकतंत्र खतरे में हैं.’

महबूबा मुफ्ती पुंछ और राजौरी जिलों के पांच दिवसीय दौरे के बाद शनिवार देर रात जम्मू पहुंची हुई थीं. जम्मू में पीडीपी अध्यक्ष को राष्ट्रीय बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के विरोध का सामना करना पड़ा. शहर में डोगरा चौक के पास मुफ्ती के काफिले को रोकने के प्रयास को पुलिस ने नाकाम कर दिया.

पीडीपी प्रमुख ने कहा, ‘जैसे-जैसे विभिन्न राज्यों में चुनाव नजदीक आएंगे, भाजपा तालिबान और अफगानिस्तान का नाम लेना शुरू कर देगी और अगर इससे बात नहीं बनी, तो पाकिस्तान और ड्रोन के विषय को सामने ले आएगी.’

मुफ्ती ने कहा, ‘वे चीन के बारे में बात नहीं करेंगे, जिसने लद्दाख में घुसपैठ की है, क्योंकि उन्हें उस देश के बारे में बात करने से वोट नहीं मिलता है. अगर आप लोगों को डराना चाहते हैं तो तालिबान, अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बारे में बात करना होगा और कुछ ऐसा करना होगा जिससे कि वोट मिले.’

उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों का जिक्र करते हुए मुफ्ती ने आरोप लगाया कि राज्य के मौजूदा मुख्यमंत्री (योगी आदित्यनाथ) रोजगार प्रदान करने, सड़क और स्कूल की व्यवस्था करने में विफल रहे, जबकि गंगा नदी जिसे देश के लोगों द्वारा पवित्र माना जाता है, उसमें शव बहते नजर आए, क्योंकि लोगों के पास अपने सगे-संबंधियों का अंतिम संस्कार करने के लिए पैसे नहीं हैं.

मुफ्ती ने आरोप लगाया, ‘उनके पास लोगों को बताने के लिए कुछ नहीं है, इसलिए वे वोट हासिल करने के लिए पाकिस्तान और जम्मू कश्मीर का इस्तेमाल करेंगे. उन्होंने जम्मू कश्मीर को तबाह कर दिया है और उन लोगों पर अत्याचार करने के लिए लाठियों का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिन्हें अपने अधिकारों के लिए खुलकर बोलने की अनुमति नहीं है.’

उन्होंने कहा, ‘किसानों का आंदोलन, बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई और अन्य मुद्दों पर हमारी बहस केंद्रित होनी चाहिए थी, लेकिन इन अहम मुद्दों पर कोई चर्चा नहीं होती. चूंकि उत्तर प्रदेश में चुनाव होने वाला है, इसलिए तालिबान व अफगानिस्तान पर चर्चा होगी.’

स्व-शासन की व्याख्या करते हुए मुफ्ती ने कहा कि जम्मू कश्मीर की स्थिति रणनीतिक लिहाज से महत्वपूर्ण है और अगर सीमाओं पर पारंपरिक मार्ग खोल दिए जाएं तो यह मध्य एशिया का प्रवेश द्वार हो सकता है. यदि सभी पड़ोसी देशों को बैंकों की शाखाएं खोलने की अनुमति दी जाती है तो इससे रोजगार के अवसर बनेंगे.

उन्होंने कहा कि अगर विभाजन के दौरान भाजपा का नेतृत्व होता तो मुस्लिम बहुल राज्य कभी भी भारत में शामिल नहीं होता.

मुफ्ती ने कहा, ‘हाल में दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हमारी मुलाकात के दौरान मैंने उनसे कहा कि आपने जम्मू कश्मीर को तबाह कर दिया है, जहां किसी को भी खुलकर बोलने की इजाजत नहीं है. समस्या अब देश में हर जगह एक जैसी है, जहां लॉकडाउन संकट के दौरान शानदार काम करने वाले अभिनेता सोनू सूद और अन्य कार्यकर्ता प्रवर्तन निदेशालय की छापेमारी का सामना कर रहे हैं.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)