भारत

संविधान और देश बचाना पहली ज़रूरत, चुनावी हार-जीत से निपट लेंगे

साझी विरासत बचाओ सम्मेलन में विपक्षी दलों ने कहा, धर्म और पशु के नाम पर लोगों को बांटने का काम कर रही है सरकार.

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जयपुर में साझी विरासत बचाओ सम्मलेन में 15 विपक्षी दलों के नेता एकत्र हुए. (फोटो: शरद यादव/ट्विटर)

जयपुर: विपक्षी दलों ने केंद्र की राजग सरकार पर निशाना साधते हुए गुरुवार को कहा कि यह सरकार चुनावी वादे पूरे करने में विफल रही है. पंद्रह विपक्षी दलों के प्रतिनिधियों ने साझी विरासत बचाओ सम्मेलन को संबोधित किया.

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा चुनाव में किए गए वादों को पूरे नहीं कर पाई है और युवा रोजगार की तलाश में भटक रहे हैं और वे निराश हैं. आम आदमी महंगाई की मार से परेशान है. भाजपा धर्म के नाम पर लोगों को बांटने का काम कर रही है.

वक्ताओं ने कहा कि संविधान और देश को बचाना पहली जरूरत है. चुनाव में हार-जीत से निपट लेंगे लेकिन देश को बचाने के लिए हमें एकजुट होना होगा. धर्म, पशु के नाम पर वैमनस्यता पैदा की जा रही है. साझी विरासत बचाओ सम्मेलन ने बता दिया है कि आने वाले समय की राजनीति एक सकारात्मक दिशा की ओर जा रही है.

सम्मेलन को जदयू अध्यक्ष शरद यादव, राकांपा के तारिक अनवर,माकपा के सीताराम येचुरी, कांग्रेस के आनंद शर्मा, सचिन पायलट, राजद के मनोज झा समेत अन्य विपक्षी दलों के नेताओं ने संबोधित किया.

इस बीच भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी ने पंद्रह विपक्षी दलों के साझा सम्मेलन और कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि कांग्रेस को अपनी धरातल पहचान बचाने के लिए विपक्षी दलों का सहारा लेना पड़ रहा है.

उन्होंने कहा कि कांग्रेस आम लोगों का विश्वास खो चुकी है जिस पार्टी ने देश पर कई सालों तक राज किया अब वे अपनी पहचान बचाने की कवायद कर रही है.

परनामी ने संवाददाताओं से कहा कि आम लोग और गरीब लोग समझा चुके हैं कि भाजपा ही एकमात्र पार्टी है जो उनका भला कर सकती है. पार्टी इन वर्गों को मुख्य भूमिका में लाने के लिए तेजी से आगे बढ़ रही है. केंद्र एवं राज्यों की भाजपा सरकारों की योजनाओं और नीतियों के कारण भाजपा के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ रहा है.