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यूपीएससी ने महिलाओं को एनडीए व नौसेना अकादमी परीक्षा में आवेदन की अनुमति दी

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद संघ लोक सेवा आयोग ने कहा कि उसने राष्ट्रीयता, आयु, शैक्षणिक योग्यता आदि मापदंडों पर खरी उतरने वाली अविवाहित महिला उम्मीदवारों के लिए राष्ट्रीय रक्षा अकादमी और नौसेना अकादमी परीक्षा के आवेदन की व्यवस्था करने का निर्णय किया है. पात्र महिलाएं आयोग की वेबसाइट पर 24 सितंबर से आठ अक्टूबर शाम छह बजे तक आवेदन कर सकती हैं.

(फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली:  संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने अविवाहित महिलाओं को राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) और नौसेना अकादमी परीक्षा के लिए आवेदन करने की अनुमति दी है. एक आधिकारिक वक्तव्य में शुक्रवार को यह जानकारी दी गई.

आयोग ने कहा कि पिछले महीने उच्चतम न्यायालय ने इस बाबत निर्देश दिया था जिसके अनुपालन में यह कदम उठाया गया है.

वक्तव्य में बताया गया कि शीर्ष न्यायालय के अंतरिम निर्देश का अनुपालन करते हुए यूपीएससी ने इस परीक्षा के लिए अपनी वेबसाइट पर ‘केवल अविवाहित महिला उम्मीदवारों’ के लिए आवेदन की व्यवस्था करने का फैसला किया है जो राष्ट्रीयता, आयु, शैक्षणिक योग्यता आदि मापदंडों पर खरी उतरती हैं.

इसमें बताया गया कि महिला उम्मीदवारों के लिए शारीरिक मापदंड तथा रिक्तियों की संख्या के बारे में जानकारी रक्षा मंत्रालय से मिलने के बाद दी जाएगी. अविवाहित महिला उम्मीदवार यूपीएससी की वेबसाइट पर 24 सितंबर से आठ अक्टूबर शाम छह बजे तक आवेदन कर सकती हैं.

वक्तव्य में बताया गया कि इस परीक्षा के लिए आवेदन करने वाली महिला उम्मीदवारों को शुल्क का भुगतान करने की आवश्यकता नहीं है. यह परीक्षा 14 नवंबर को होगी.

उच्चतम न्यायालय ने 18 अगस्त को पात्र महिलाओं को एनडीए की परीक्षा में भाग लेने की अनुमति दी थी.

जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस हृषिकेश रॉय की पीठ ने वकील कुश कालरा की याचिका पर यह अंतरिम आदेश दिया था, जहां उन्होंने एनडीए में लैंगिक आधार पर योग्य महिलाओं को भर्ती न करने का मुद्दा उठाते हुए इसे समानता के मौलिक अधिकार का कथित तौर पर उल्लंघन बताया था.

याचिका में कहा गया था कि प्राधिकारियों ने 12वीं पास अविवाहित पुरुष उम्मीदवारों को राष्ट्रीय रक्षा अकादमी और नौसेना अकादमी परीक्षा देने की अनुमति दी हुई है लेकिन योग्य और इच्छुक महिला उम्मीदवारों को केवल उनके लिंग के आधार पर यह परीक्षा देने की अनुमति नहीं है तथा इसके लिए संविधान में कोई तार्किक या न्यायोचित स्पष्टीकरण भी नहीं है.

इसके बाद इस महीने की शुरुआत में केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि सशस्त्र बलों ने एनडीए में महिलाओं की भर्ती करने का फैसला किया है.

हालांकि केंद्र ने शीर्ष अदालत से यह अनुरोध भी किया था कि वह एनडीए प्रवेश परीक्षा में महिला उम्मीदवारों को अगले साल से शामिल करने की अनुमति दे, लेकिन अदालत ने इससे अस्वीकार करते हुए कहा कि शीर्ष अदालत नहीं चाहती कि महिलाओं को उनके अधिकार से वंचित किया जाए.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)