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पेट्रोल ख़रीदने वाले भूखे नहीं मर रहे, सरकार ने सोचकर टैक्स लगाया: केंद्रीय राज्यमंत्री

मोदी मंत्रिमंडल में शामिल हुए पर्यटन राज्यमंत्री अल्फोंस कन्ननथनम ने कहा, टैक्स से मिला पैसा गरीबों के लिए ख़र्च होगा.

केंद्रीय पर्यटन राज्यमंत्री अल्फोंस कन्ननथनम. (फोटो साभार: फेसबुक)

केंद्रीय पर्यटन राज्यमंत्री अल्फोंस कन्ननथनम. (फोटो साभार: फेसबुक)

पेट्रोल और डीज़ल की बढ़ती कीमतों की बीच केंद्रीय पर्यटन राज्यमंत्री अल्फोंस कन्ननथनम ने एक बयान में इसकी तरफ़दारी की है. शनिवार को दिए गए बयान में अल्फोंस ने कहा पेट्रोल और डीज़ल ख़रीदने वाले लोग भूख से नहीं मर रहे हैं. उन्होंने कहा कि पेट्रोलियम उत्पादों से मिलने वाला पैसा गरीबों के लिए निवेश किया जाएगा और यह फैसला सरकार ने सोच समझ कर लिया है.

समाचार एजेंसी एनएनआई से बातचीत में उन्होंने कहा, ‘पेट्रोल कौन ख़रीदता है? वह जिसके पास कार या बाइक है… निश्चित रूप से वह भूख से नहीं मर रहा है. वह व्यक्ति जो ये ख़र्च वह कर सकता है उसे करना चाहिए.’

वे आगे कहते हैं, ‘हम टैक्स लगा रहे हैं ताकि गरीबों की जिंदगी भी सम्मानजनक हो, जो पैसा हम आज टैक्स के रूप में जमा कर रहे हैं उसे हमारे द्वारा चुराया नहीं जा रहा है. इसके लिए बहुत बड़ी रकम की ज़रूरत है इसलिए हम उन लोगों से टैक्स ले रहे हैं जो इसे वहन कर सकते हैं.’

अल्फोंस कहते हैं, ‘हम यहां गरीबों के कल्याण के लिए है. हम है ताकि हर गांव में बिजली पहुंच सके और उनके लिए घर व शौचालय बन सके.’

बता दें कि मंत्री पद संभालने के बाद से ही अल्फोंस लगातार बयान दे रहे हैं. बीते चार सितंबर को गोमांस के मुद्दे पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में उन्होंने गोवा का उदाहरण देते हुए कहा था, ‘गोमांस पर देशव्यापी प्रतिबंध नहीं है और केरल भाजपा ने राज्य में लोगों के मांस खाने का कभी विरोध नहीं किया है. हर जगह के लोग यह तय करेंगे कि वे क्या खाना चाहते हैं.’

इस बयान के बाद आठ सितंबर को उन्होंने एक अन्य बयान में कहा कि भारत घूमने आ रहे विदेशी लोग अपने देश में बीफ खाकर ही यहां पर आएं.