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हरियाणा: डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम पूर्व प्रबंधक की हत्या के दोषी क़रार

एक अज्ञात पत्र प्रसारित करने में संदिग्ध भूमिका के चलते पूर्व डेरा प्रबंधक रंजीत सिंह की 2002 में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. सीबीआई की एक विशेष अदालत ने डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को इस मामले में दोषी पाया है. सज़ा का ऐलान 12 अक्टूबर को किया जाएगा.

गुरमीत राम रहीम. (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: हरियाणा के पंचकूला में सीबीआई की एक विशेष अदालत ने डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को पूर्व डेरा प्रबंधक रंजीत सिंह की साल 2002 में हत्या करने के मामले में शुक्रवार को दोषी करार दिया है.

सिंह अपने दो अनुयायियों के साथ बलात्कार के मामले में 2017 में दोषी ठहराए जाने के बाद से जेल में बंद हैं.

सीबीआई के विशेष अभियोजक एचपीएस वर्मा ने बताया कि विशेष अदालत ने गुरमीत राम रहीम सिंह और चार अन्य किशन लाल, जसबीर सिंह, अवतार सिंह और सबदिल सिंह को हत्या का दोषी ठहराया.

उन्होंने बताया कि मामले में 12 अक्टूबर को सजा सुनाई जाएगी. हत्या मामले में एक और आरोपी की एक साल पहले मौत ही हो गई थी.

पंचकूला स्थित विशेष सीबीआई न्यायाधीश डॉ. सुशील कुमार गर्ग की अदालत ने आरोपियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) और 120बी (आपराधिक साजिश) के तहत दोषी ठहराया.

हाल में पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने रंजीत सिंह हत्या मामले को पंचकूला में विशेष सीबीआई अदालत से पंजाब, हरियाणा या चंडीगढ़ में किसी अन्य विशेष सीबीआई अदालत में स्थानांतरित करने का अनुरोध करने वाली याचिका खारिज कर दी थी.

पूर्व डेरा प्रबंधक रंजीत सिंह की 2002 में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. एक अज्ञात पत्र प्रसारित करने में संदिग्ध भूमिका के चलते उनकी हत्या की गई थी.

इस पत्र में बताया गया था कि डेरा प्रमुख डेरा मुख्यालय में किस प्रकार महिलाओं का यौन शोषण करता है.

सीबीआई के आरोपपत्र के अनुसार, डेरा प्रमुख का मानना था कि इस अज्ञात पत्र को प्रसारित करने के पीछे रंजीत सिंह था और इसलिए उन्होंने उनकी हत्या की साजिश रची थी.

गौरतलब है कि गुरमीत राम रहीम को 28 अगस्त, 2017 में दो साध्वियों से बलात्कार के मामले में विशेष सीबीआई अदालत ने 20 साल की सजा सुनाई थी.

जनवरी 2019 में पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड के मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने गुरमीत राम रहीम को उम्रकैद की सजा सुनाई थी.

16 साल पुराने इस मामले में अदालत ने गुरमीत राम रहीम के साथ ही तीन अन्य दोषियों कुलदीप सिंह, निर्मल सिंह और कृष्ण लाल को भी उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)