राजनीति

हम किसी को फार्च्यूनर से कुचलने नहीं आए हैं: उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष

उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह का यह बयान ऐसे वक़्त आया है, जब लखीमपुर खीरी की घटना को लेकर विपक्षी दल कांग्रेस, सपा और बसपा समेत कई दल सत्तारूढ़ भाजपा के ख़िलाफ़ आक्रामक हैं और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा को बर्ख़ास्त करने की मांग के साथ जनता से विधानसभा चुनाव में सरकार को सत्ता से बाहर करने का आह्वान कर रहे हैं.

उत्तर प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह. (फोटो सभार: ट्विटर/@swatantrabjp)

लखनऊ: लखीमपुर खीरी मामले में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा के बेटे आशीष की गिरफ्तारी के एक दिन बाद भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने पार्टी कार्यकर्ताओं को नसीहत देते हुए कहा, ‘हम राजनीति में लूटने के लिए नहीं हैं और न ही किसी को फार्च्यूनर (चार पहिया वाहन) से कुचलने के लिए आए हैं.’

लखनऊ के साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अल्पसंख्यक मोर्चा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए सिंह ने ये बात कही.

अगले वर्ष की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनाव में कार्यकर्ताओं को लक्ष्य के लिए प्रेरित करते हुए भाजपा की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष सिंह ने कहा, ‘वोट आपके व्यवहार से मिलेगा, आप जिस मोहल्ले में रहते हैं, वहां दस लोग आपकी प्रशंसा करते हैं तो मेरा सीना चौड़ा हो जाएगा, ये नहीं कि जिस मोहल्ले में रहते हैं लोग आपकी शक्ल देखकर छिप जाएं. आपको देखकर जनता मुंह न फेरे ऐसा आचरण कीजिए.’

सिंह का यह बयान ऐसे वक्त आया है जब लखीमपुर खीरी की घटना को लेकर विपक्षी दल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) समेत कई दल सत्तारूढ़ भाजपा पर आक्रामक हैं और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा को बर्खास्त करने की मांग के साथ जनता से विधानसभा चुनाव में सरकार को सत्ता से बाहर करने का आह्वान कर रहे हैं.

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सराहना करते हुए कहा कि गरीब पृष्ठभूमि के दो व्यक्ति भारत के प्रधानमंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने.

उन्होंने आगे कहा, ‘चाय बेचने वाला गरीब परिवार में जन्म लिया और बरसते पानी में मां के आंचल में छिपने वाला, वह प्रदेश का मुख्यमंत्री बनता है. देश का प्रधानमंत्री बनता है. और कहते हैं, न खाएंगे और न खाने देंगे, न सोएंगे, न सोने देंगे. नेता का मतलब भ्रष्टाचार नहीं है. नेतागिरी का मतलब लूटने नहीं आए हैं, फॉरच्यूनर से किसी को कुचलने नहीं आए हैं.’

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अंतरिम कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने एक दशक तक देश को लूटा.

कांग्रेस महासचिव व उत्तर प्रदेश मामलों की प्रभारी प्रियंका गांधी ने रविवार को वाराणसी की किसान न्याय रैली में केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा पर निशाना साधते हुए कहा, ‘हम डरने वाले लोग नहीं हैं, हम गांधी को मानने वाले कांग्रेस के लोग हैं, हम तब तक चुप नहीं बैठने वाले जब तक ‘हत्यारे’ केंद्रीय मंत्री की बर्खास्तगी नहीं होती है, आपको हमें मारना है मारिए, जेल में डालिए, लेकिन हम पीछे नहीं हटेंगे.’

उधर, सहारनपुर की एक जनसभा में समाजवादी पार्टी के प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के खिलाफ हमलावर रुख अपनाते हुए कहा, ‘भाजपा ने किसानों को कुचला, साथ ही कानून को भी कुचला गया अब संविधान को भी कुचलने की तैयारी है.’

साथ ही अखिलेश यादव ने सरकार पर गृह राज्य मंत्री को बचाने का आरोप लगाया.

वहीं, बसपा की अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने रविवार को लखीमपुर खीरी घटना पर भाजपा पर निशाना साधते हुए केंद्रीय मंत्री अजय कुमार मिश्रा के इस्तीफे की मांग की.

उन्होंने ट्वीट में कहा, ‘लखीमपुर खीरी जघन्य कांड में केंद्रीय मंत्री (अजय मिश्रा) के बेटे का नाम सुर्खियों में आना भाजपा सरकार की कार्यशैली पर अनेक सवाल खड़े करता है. ऐसे में भाजपा अपने मंत्री से खुद ही इस्तीफा ले तभी वहां पीड़ित किसानों को कुछ न्याय की उम्मीद हो सकती है. बसपा की यह मांग है.’

स्वतंत्र देव सिंह के बयान के संदर्भ में भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता हरिश्चन्द्र श्रीवास्तव ने कहा, ‘भाजपा का नेतृत्व सदैव पार्टी कार्यकर्ताओं को समाज में आदर्श पेश करने की प्रेरणा देता है. आदर्श जीवन शैली जीने के लिए कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहित किया जाता है. यही सीख हमारे प्रदेश अध्यक्ष जी ने कार्यकर्ताओं को दिया है.’

गौरतलब है कि लखीमपुर खीरी जिले के तिकुनिया क्षेत्र में किसानों का एक समूह उत्तर प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की यात्रा के खिलाफ तीन अक्टूबर को प्रदर्शन कर रहा था, तभी एक एसयूवी (कार) ने चार किसानों को कथित तौर पर कुचल दिया, जिससे उनकी मौत हो गई थी.

इस दौरान भड़की हिंसा में भाजपा के दो कार्यकर्ताओं, मंत्री अजय मिश्रा का ड्राइवर और एक निजी टीवी चैनल के लिए काम करने वाले पत्रकार रमन कश्यप की भी मौत हो गई थी.

इस मामले में आशीष मिश्रा और अन्य लोगों के खिलाफ हत्या समेत अन्‍य संबंधित धाराओं में तिकुनिया थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है.

घटना के बाद आशीष पर आरोप लगा कि वह उन वाहनों में से एक में सवार था, जिसने गत तीन अक्टूबर को लखीमपुर खीरी जिले के तिकुनिया में प्रदर्शन कर रहे चार किसानों को कुचल दिया था.

उत्तर प्रदेश पुलिस के विशेष जांच दल (एसआईटी) ने मामले में आशीष को शनिवार को करीब 12 घंटे की पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया और उसे अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)