राजनीति

महाराष्ट्र: अपहरण और मारपीट के आरोप में मंत्री जितेंद्र आह्वाड गिरफ़्तार, ज़मानत पर छूटे

एक सिविल इंजीनियर ने महाराष्ट्र के आवास मंत्री और एनसीपी नेता जितेंद्र आह्वाड पर आरोप लगाया था कि अप्रैल 2020 में एक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर पुलिसकर्मी उन्हें आह्वाड के घर लेकर गए, जहां मंत्री की मौजूदगी में उन्हें पीटा गया. भाजपा नेता किरीट सोमैया ने आह्वाड को बर्ख़ास्त करने की मांग की है.

जितेंद्र आह्वाड. (फोटो साभार: फेसबुक)

ठाणे: महाराष्ट्र के आवास मंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेता जितेंद्र आह्वाड को अपने घर पर एक व्यक्ति पर कथित रूप से हमला करने के मामले में गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया गया और बाद में उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया.

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि आह्वाड गुरुवार को मामले के सिलसिले में ठाणे शहर के वर्तक नगर पुलिस थाने में पेश हुए.

अधिकारी ने कहा कि उनका बयान दर्ज किया गया और उन्हें एक मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जिन्होंने मंत्री को 10,000 रुपये के मुचलके और एक जमानत पर रिहा कर दिया.

शिकायतकर्ता आनंद करमुसे ने आरोप लगाया था कि उन्हें आह्वाड के बंगले में ले जाया गया और मंत्री की मौजूदगी में एक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर पीटा गया.

बंबई उच्च न्यायालय ने ठाणे पुलिस को उचित जांच करने और आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया था, जब करमुसे ने आह्वाड को आरोपी बनाने का अनुरोध किया था.

सिविल इंजीनियर करमुसे ने आरोप लगाया था कि कुछ पुलिसकर्मी पांच अप्रैल, 2020 की शाम को उनसे मिलने आए और उनसे कहा कि उन्हें पुलिस थाने चलना होगा, लेकिन इसके बजाय उन्हें आह्वाड के बंगले में ले गए.

करमुसे ने आरोप लगाया था कि मंत्री की उस तस्वीर को लेकर, जिसे उन्होंने फेसबुक पर साझा किया था, दस से पंद्रह लोगों ने उनकी पिटाई की. उन्होंने आरोप लगाया था कि घटना के दौरान आह्वाड मौजूद थे. मंत्री ने आरोपों से इनकार किया था.

पुलिस के एक बयान के अनुसार, वर्तक नगर पुलिस स्टेशन में आईपीसी की धारा 324 (हमला), 365 (अपहरण) और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत मामला दर्ज किया गया है.

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता और पूर्व सांसद किरीट सोमैया ने मांग की कि आह्वाड को मंत्रिमंडल से बर्खास्त किया जाए.

महाराष्ट्र विधान परिषद में विपक्ष के नेता प्रवीण दारेकर ने आरोप लगाया कि गिरफ्तारी और उसके तुरंत बाद मिली जमानत ‘राज्य सरकार द्वारा रची हुई’ प्रतीत होती है. भाजपा नेता ने कहा, ‘उन्हें केवल पुलिस स्टेशन ले जाया गया और तुरंत जमानत दे दी गई.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)