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शाहजहांपुर कचहरी में कथित तौर पर वकील ने अन्य अधिवक्ता की गोली मारकर हत्या की

पुलिस ने बताया कि मृतक अधिवक्ता भूपेंद्र सिंह के भाई की तहरीर पर अधिवक्ता सुरेश गुप्ता और दो अन्य के विरुद्ध मुक़दमा दर्ज कर सुरेश को गिरफ़्तार कर लिया गया है. भूपेंद्र सिंह ने आरोपी अधिवक्ता सुरेश गुप्ता पर दो दर्जन मुक़दमे दायर कर रखे थे, जिन्हें लेकर वह परेशान थे. एक दरोगा समेत चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है.

वकील की हत्या के बाद शाहजहांपुर कचहरी परिसर में जमा पुलिस. (फोटो साभार: एएनआई)

शाहजहांपुर: उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिला कचहरी परिसर में कथित तौर पर एक अधिवक्ता ने सरेआम एक अन्य वकील की गोली मारकर हत्या कर दी. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है.

पुलिस के मुताबिक, जलालाबाद तहसील के अधिवक्ता भूपेंद्र सिंह किसी मामले में एक क्लर्क से मिलने जिला कचहरी परिसर में तीसरी मंजिल के कार्यालय में गए थे. तभी गोली चलने की आवाज सुनाई दी. उनके शव के पास एक देसी पिस्टल भी मिली है.

पुलिस अधीक्षक (नगर) संजय कुमार ने बताया कि आज अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (प्रथम) के न्यायालय की तीसरी मंजिल पर स्थित कार्यालय में अधिवक्ता भूपेंद्र सिंह (38 वर्ष) एक क्लर्क के पास खड़े होकर उसे अपने मुकदमे के संबंध में बात कर रहे थे और इसी दौरान गोली लगने से वह गिर पड़े और उनकी मौके पर ही मौत हो गई.

इस घटना के बाद बार एसोसिएशन ने हत्या के विरोध में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी.

उन्होंने बताया कि मृतक अधिवक्ता के भाई योगेंद्र प्रताप की तहरीर पर अधिवक्ता सुरेश कुमार गुप्ता, गौरव गुप्ता एवं अंकित गुप्ता के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर सुरेश को गिरफ्तार कर लिया गया है.

पुलिस अधिकारी ने बताया कि भूपेंद्र सिंह ने आरोपी अधिवक्ता सुरेश गुप्ता पर दो दर्जन मुकदमे दायर कर रखे थे, जिसको लेकर वह परेशान थे और इसी के चलते उसने इस अपराध को अंजाम दिया है.

कुमार ने बताया कि न्यायालय परिसर में हत्या जैसे अपराध होना गंभीर लापरवाही है और इसी के चलते एक दरोगा समेत चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है.

उन्होंने बताया कि पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है. पोस्टमॉर्टम के लिए डॉक्टरों का एक पैनल भी बना दिया गया है.

उत्तर प्रदेश के एडीजी (कानून और व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मामले को सुलझा लिया गया है. एक वकील को गिरफ्तार किया गया है. उसने अपराध स्वीकार कर लिया है. आईजी रेंज बरेली अपराध स्थल पर हैं और आरोपी से पूछताछ कर रहे हैं. पुरानी रंजिश अपराध का कारण है.

बार एसोसिएशन के महासचिव अनीत कुमार त्रिवेदी ने बताया कि एसोसिएशन ने निर्णय लिया था कि जब तक मृतक अधिवक्ता के आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा, तब तक अनिश्चितकालीन हड़ताल रहेगी. अब चूंकि आरोपी गिरफ्तार हो चुका है, इसलिए इस बारे में मंगलवार को सुबह 11 बजे होने वाली बैठक में निर्णय लिया जाएगा.

कचहरी परिसर में दिनदहाड़े हुई इस घटना को लेकर विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधा है.

सपा अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एक ट्वीट कर कहा, ‘शाहजहांपुर में कोर्ट में ही एक वकील की सरेआम हत्या ने ‘एनकाउंटर सरकार’ के झूठे प्रचार का सच जनता के सामने लाकर रख दिया है. भाजपा सरकार में उत्तर प्रदेश ‘ईज़ ऑफ डूइंग क्राइम’ में ‘नंबर वन’ हो गया है.’

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी ट्वीट कर कहा, ‘उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री दावा करते थे कि गुंडे-बदमाश प्रदेश छोड़कर भाग गए हैं. यहां तो गुंडे-बदमाश कोर्ट में घुसकर वकील की हत्या कर रहे हैं.’

उन्होंने कहा, ‘शाहजहांपुर की घटना ने फिर एक बार स्थापित कर दिया कि भाजपा राज में कोई आमजन सुरक्षित नहीं है और सरकार कानून व्यवस्था सुधारने की बजाय केवल झूठ का ढोल बजाने में व्यस्त है.’

बहुजन समाज पार्टी मायावती ने भी प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए ट्वीट किया, ‘उत्तर प्रदेश के जिला शाहजहांपुर के कोर्ट परिसर में वकील की आज दिनदहाड़े हुई हत्या अति-दुखद व शर्मनाक है, जो यहां की भाजपा सरकार में कानून-व्यवस्था की स्थिति व इस संबंध में सरकारी दावों की पोल खोलती है. अब अंतत: यही सवाल उठता है कि यूपी में आखिर सुरक्षित कौन? सरकार इस ओर समुचित ध्यान दे.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)