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क्रूज़ ड्रग्स केस: कोर्ट ने कहा, वॉट्सऐप चैट के आधार पर नहीं कहा जा सकता कि ड्रग्स सप्लाई हुआ

मुंबई की एक विशेष अदालत ने इस मामले में किसी भी षड्यंत्र की संभावना को ख़ारिज करते हुए बीते शनिवार को नौ लोगों को ज़मानत दे दी. एनसीबी ने दो अक्टूबर को क्रूज़ जहाज़ पर छापेमारी कर प्रतिबंधित मादक पदार्थ जब्त करने का दावा किया था. इस मामले में गिरफ़्तार अभिनेता शाहरुख़ ख़ान के बेटे आर्यन ख़ान को कुछ दिन पहले ही ज़मानत मिली है.

मामले में आर्यन खान को पहले ही जमानत मिल चुकी है. (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: मुंबई की एक विशेष अदालत ने मादक पदार्थ जब्त होने के मामले में गिरफ्तार 22 वर्षीय आचित कुमार को जमानत देते हुए कहा कि महज वॉट्सऐप चैट के आधार पर यह नहीं कहा जा सकता है कि वह आर्यन खान और अरबाज मर्चेंट को ड्रग्स की आपूर्ति करते थे.

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने आरोप लगाया था कि कुमार इन लोगों को ड्रग्स सप्लाई करते थे. हालांकि कोर्ट ने कहा कि एनसीबी अपनी इन दलीलों के समर्थन में साक्ष्य मुहैया कराने में विफल रहा है.

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक न्यायालय ने कहा, ‘ऐसा दर्शाने के लिए कोई अन्य सबूत नहीं है कि आवेदक (आचित कुमार) इस तरह की गतिविधि में शामिल था. केवल वॉट्सऐप चैट के आधार पर यह पता नहीं चल सकता है कि आवेदक प्रतिबंधित सामग्री की आपूर्ति करता था.’

मालूम हो कि बीते शनिवार को एनडीपीएस अधिनियम से संबंधित मामलों में विशेष न्यायाधीश वीवी पाटिल ने आचित कुमार तथा आठ अन्य को जमानत दे दी थी. इस मामले में बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान भी एक आरोपी हैं, जिन्हें बॉम्बे हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है.

इससे पहले एनडीपीएस अदालत ने आर्यन खान की जमानत नामंजूर कर दी थी. बाद में बॉम्बे हाईकोर्ट ने बीते गुरुवार (28 अक्टूबर)  को उन्हें और दो सह-आरोपियों- अरबाज मर्चेंट तथा मुनमुन धमेचा को जमानत दे दी थी.

इसके साथ ही इस चर्चित मामले में गिरफ्तार किए गए 20 में से 14 आरोपियों को अब तक जमानत मिल चुकी है.

एनसीबी ने दावा किया था कि उसने आर्यन खान और अरबाज मर्चेंट के बयानों के आधार पर आचित कुमार को गिरफ्तार किया था.

अन्य आरोपी जिनकी जमानत याचिकाओं को बीते शनिवार को विशेष अदालत ने स्वीकार किया, उनमें नूपुर सतीजा, गोमित चोपड़ा, गोपालजी आनंद, समीर सहगल, मानव सिंघल, भास्कर अरोड़ा, श्रेयस नायर और इश्मीत सिंह शामिल हैं.

जज ने कहा कि इस बात के कोई प्रमाण नहीं है कि ये लोग किसी षड्यंत्र का हिस्सा थे. इससे पहले आर्यन खान एवं अन्य दो की जमानत याचिका खारिज करते हुए 20 अक्टूबर को विशेष अदालत इस बात पर सहमति जताई थी कि ये लोग ‘किसी एक चीज से जुड़े’ हुए हैं.

एनसीबी ने आचित कुमार को कथित तौर पर 2.6 ग्राम गांजे के साथ गिरफ्तार किया था. उन्होंने दावा किया कि था कि कुमार एक ‘पेडलर’ और शहर में ‘गांजा तस्करी नेटवर्क’ का हिस्सा हैं.

विशेष अदालत ने कहा कि एनसीबी ने कहा था कि मुकदमे के समय साजिश के पहलू पर विचार किया जाएगा, लेकिन एजेंसी को प्रथमदृष्टया यह दिखाने की जरूरत है कि क्या यहां साजिश और उकसाने का मामला बनता है?

कोर्ट ने कहा कि फिलहाल यहां षड्यंत्र का कोई मामला नहीं बनता है और जिस आधार पर आर्यन खान और अरबाज मर्चेंट का जमानत दी गई है, उसी तरह कुमार को भी बेल मिलनी चाहिए.

इवेंट मैनेजमेंट कंपनी केनप्लस ट्रेडिंग प्राइवेट लिमिटेड, जिन्होंने कॉर्डेलिया क्रूज पर लाइव शो का आयोजन किया था, से जुड़े चार लोगों को जमानत देते हुए अदालत ने कहा कि इस संबंध में कोई साक्ष्य पेश नहीं किया गया है कि उन्होंने जहाज पर अपराधियों को वित्तपोषित या पनाह दी थी.

कोर्ट ने कहा कि यह नोट किया जाना चाहिए कि कॉर्डेलिया क्रूज टीम और प्रायोजकों में से किसी को भी मामले में आरोपी नहीं बनाया गया था.

इवेंट मैनेजमेंट कंपनी से जुड़े लोगों की जमानत का विरोध करते हुए एनसीबी ने दावा किया था कि वे यात्रियों और ‘रेव पार्टी’ की प्रकृति से अवगत थे, जो कथित तौर पर क्रूज पर आयोजित की जानी थी.

एनसीबी ने दावा किया था कि उसे क्रूज शिप पर एक कथित रेव पार्टी के बारे में गुप्त सूचना मिली थी, जहां ड्रग्स का इस्तेमाल और वितरण किया जाना था. एजेंसी ने दो अक्टूबर को क्रूज शिप पर चढ़ने से पहले आर्यन खान सहित कुछ लोगों को हिरासत में लिया और बाद में उन्हें गिरफ्तार कर लिया था.