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यूपी: ‘जय श्रीराम’ नहीं बोलने पर मुस्लिम फेरीवाले से मारपीट, बजरंग दल के आरोपी सदस्य गिरफ़्तार

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ का मामला. आरोप है कि बजरंग दल के सदस्यों ने ‘जय श्रीराम’ नहीं बोलने पर बीते 31 अक्टूबर को कपड़े बेचने वाले एक मुस्लिम शख़्स की कथित तौर पर लाठियों से पिटाई की.

[प्रतीकात्मक फोटो साभार: Harsha K R/Flickr (CC BY-SA 2.0)]

नई दिल्लीः उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में एक मुस्लिम फेरी वाले से मारपीट का मामला सामने आया है. बजरंग दल के दो सदस्यों पर बीते 31 अक्टूबर को ‘जय श्रीराम’ नहीं बोलने पर मुस्लिम शख्स की लाठियों से पिटाई का आरोप है.

द क्विंट की रिपोर्ट के मुताबिक, स्थानीय लोगों के अनुसार इस हमले के आरोपी पिता और बेटा बजरंग दल से जुड़े हुए हैं. पुलिस ने इस घटना के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया.

पीड़ित मुस्लिम शख्स आमिर खान को स्थानीय जिला अस्पताल ले जाया गया और वहां से जेएन मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया.

यह घटना 31 अक्टूबर को उस समय हुई, जब आमिर खान अलीगढ़ के नागला खेम इलाके में ग्राहकों को कपड़े दिखा रहे थे. इस दौरान आरोपी मौके पर पहुंचे और उनसे उनका नाम पूछा. यह जानने पर कि वह मुस्लिम हैं, उन्होंने उनसे जबरन ‘जय श्रीराम’ का नारा लगाने को कहा और कैलेंडर में एक हिंदू देवता के पैर छूने को कहा.

आरोपियों ने पीड़ित की मोटरसाइकिल को भी आग लगाने की कोशिश की.

पीड़ित आमिर का कहना है कि स्थानीय महिलाएं, जो उनकी संभावित ग्राहक थीं, उन्होंने आमिर को बचाने की कोशिश की लेकिन वे सफल नहीं हो पाईं.

आमिर का आरोप है कि आरोपियों ने उससे उसका फोन और 10,000 रुपये नकद भी छीन लिए.

आमिर के चाचा ने बताया, ‘मेरा भतीजा आमिर कपड़े बेचने का काम करता है. नागला खेम में गुंडों ने उसकी पिटाई की. घटना के समय गांव में भीड़ भी थी. ग्रामीणों के अनुसार, गुंडे बजरंग दल से जुड़े हुए थे, जो गांव में तनाव पैदा करते रहते हैं.’

आमिर की शिकायत पर पुलिस ने आईपीसी की धारा 223 और 307 (हत्या के प्रयास) के तहत मामला दर्ज किया है.

अलीगढ़ पुलिस ने कहा कि दरअसल यह घटना आमिर द्वारा बेचे जाने वाले कपड़े की कीमत को लेकर हुए विवाद के बाद झड़प से शुरू हुई.

अलीगढ़ पुलिस ने ट्वीट कर कहा, ‘कपड़ों की कीमत को लेकर विवाद था. पुलिस की एक टीम तुरंत मौके पर पहुंची और घायल को अस्पताल ले गई. आरोपी राजू और उनके बेटे देवेश के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है और उन्हें जेल भेजा गया है.’

यह पहली बार नहीं है, जब हिंदूवादी संगठनों ने मुस्लिम फेरी वालों या हॉकर्स को निशाना बनाया है. इस तरह की कई घटनाएं मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश जैसे भाजपा शासित राज्यों में देखने को मिली हैं.

द वायर ने पहले रिपोर्ट में बताया था कि दक्षिणपंथी समूहों ने मुस्लिम स्ट्रीट वेंडर्स और हॉकर्स के खिलाफ हिंसा को न्यायोचित ठहराया है और इसे ‘रेहड़ी जिहाद’ का नाम दिया है.

(इस रिपोर्ट को अंग्रेजी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.)