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केरल: नारकोटिक जिहाद वाले बयान को लेकर बिशप जोसेफ़ के ख़िलाफ़ केस दर्ज

साइरो-मालाबार चर्च से संबंधित बिशप जोसेफ़ कल्लारंगत ने बीते नौ सितंबर कहा था कि केरल में ईसाई लड़कियां ‘लव और नारकोटिक जिहाद’ का शिकार बन रही हैं तथा जहां भी हथियारों का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता, वहां दूसरे धर्मों के युवाओं को बर्बाद करने के लिए चरमपंथी ऐसे तरीके अपना रहे हैं.

बिशप जोसफ कल्लारंगत. (फोटो साभार: palaidiocese.com)

कोट्टायमः केरल पुलिस ने अदालत के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए सोमवार को कैथोलिक बिशप जोसफ कल्लारंगत के खिलाफ एफआईआर दर्ज की.

पुलिस ने यह कार्रवाई उनके द्वारा कथित तौर पर ‘लव और नारकोटिक जिहाद’ की टिप्पणी कर धार्मिक आधार पर विभिन्न समूहों की भावना आहत करने और नफरत फैलाने की शिकायत के आधार पर की.

वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, कुराविलंगाड पुलिस ने पाला धर्मक्षेत्र के बिशप के खिलाफ मामला मजिस्ट्रेट के निर्देश पर दर्ज किया. मजिस्ट्रेट ने बिशप द्वारा की गई लव और नारकोटिक जिहाद की टिप्पणी से समाज में वैमनस्य पैदा होने की शिकायत की जांच करने का निर्देश दिया था.

पाला की अदालत ने यह निर्देश ऑल इंडिया इमाम काउंसिल के कोट्टायम जिला अध्यक्ष अब्दुल अजीज मौलवी की याचिका पर जारी किया.

कोट्टायम पुलिस ने बिशप के खिलाफ दुश्मनी को बढ़ावा देने सहित आरोप दर्ज किए.

बता दें कि बिशप ने नौ सितंबर को एक कार्यक्रम में कथित तौर कहा था कि केरल में ईसाई लड़कियां लव और नारकोटिक जिहाद का शिकार बन रही हैं और जहां पर चरपंथी ताकत का इस्तेमाल नहीं कर पाते वहां इन तरीकों का उपयोग राज्य के युवाओं को बर्बाद करने के लिए करते हैं.

उन्होंने कहा था कि जहां भी हथियारों का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता, वहां दूसरे धर्मों के युवाओं को बर्बाद करने के लिए चरमपंथी ऐसे तरीके अपना रहे हैं.

बिशप ने कहा था कि ‘लव जिहाद’ के तहत गैर मुस्लिम, विशेषकर ईसाई समुदाय की लड़कियों को बड़े स्तर पर प्रेम संबंध में फंसाकर उनका धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है और आतंकवाद जैसे कृत्यों के लिए उनका इस्तेमाल किया जा रहा है.

बिशप ने आरोप लगाया था कि गैर-मुसलमानों को नशे का आदि बनाने के लिए शीतल पेय और जूस में नशीले पदार्थों का इस्तेमाल किया जा रहा है. उनकी इस टिप्पणी पर विवाद खड़ा हो गया था.

भाजपा को छोड़कर सरकार और मुख्यधारा के राजनीतिक दलों ने उनकी टिप्पणियों की निंदा की थी. साथ कई मुस्लिम संगठनों ने बिशप से माफी की मांग की थी.

भाजपा ने माकपा और कांग्रेस पर जिहादियों का समर्थन करने का आरोप लगाया था, वहीं, माकपा और कांग्रेस ने ईसाई-मुस्लिम सद्भावना को नष्ट करने की कथित ‘संघ परिवार के एजेंडे’ को लेकर चेतावनी दी थी.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)