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नोएडा में भाजपा सांसद के आवास का घेराव करने के आरोप में क़रीब 600 किसानों के ख़िलाफ़ केस दर्ज

किसानों के इस आंदोलन से जुड़े भारतीय किसान परिषद के अध्यक्ष सुखबीर ख़लीफ़ा ने कहा कि बढ़ी हुए दर से मुआवज़ा देने तथा विकसित भूखंड देने सहित विभिन्न मांगों को लेकर 81 गांव के किसान 64 दिन से नोएडा प्राधिकरण के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन प्राधिकरण न तो उनकी मांगों को पूरा कर रहा है और न ही उनसे कोई सकारात्मक वार्ता कर रहा है.

नोएडा प्राधिकरण के खिलाफ किसानों का धरना दो महीने से अधिक समय से चल रहा है. (फाइल फोटो: पीटीआई)

नोएडा: उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता और गौतम बुद्ध नगर से सांसद डॉ. महेश शर्मा के आवास का घेराव करने तथा मुख्य मार्ग पर यातायात बाधित करने के आरोप में नोएडा के सेक्टर 20 थाने में करीब 600 किसानों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है.

अपर पुलिस उपायुक्त (प्रथम जोन) रणविजय सिंह ने बताया कि 81 गांवों के किसान अपनी विभिन्न मांगों को लेकर 64 दिन से नोएडा प्राधिकरण के खिलाफ धरना प्रदर्शन कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि किसानों ने मंगलवार को सांसद शर्मा के सेक्टर 15-ए स्थित आवास का घेराव करने की घोषणा थी.

सिंह ने बताया कि सांसद के आवास से थोड़ी ही दूरी पर पुलिस ने किसानों को रोक दिया, जिसके बाद किसान सड़क पर ही बैठ गए तथा उन्होंने यातायात बाधित कर दिया.

उन्होंने कहा कि यातायात बाधित होने की वजह से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा. इस मामले में भारतीय किसान परिषद के अध्यक्ष सुखबीर खलीफा समेत करीब 600 लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है.

इस बीच, खलीफा ने कहा कि बढ़ी हुए दर से मुआवजा देने तथा विकसित भूखंड देने सहित विभिन्न मांगों को लेकर 81 गांव के किसान 64 दिन से नोएडा प्राधिकरण के खिलाफ धरना प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन प्राधिकरण न तो उनकी मांगों को पूरा कर रहा है और न ही उनसे कोई सकारात्मक वार्ता कर रहा है.

उन्होंने कहा कि जब तक किसानों की मांगें पूरी नहीं होती, उनका धरना प्रदर्शन जारी रहेगा. यहां के अन्य जनप्रतिनिधियों का भी जल्द घेराव किया जाएगा.

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, भाजपा सांसद महेश शर्मा ने कहा, हम किसानों के मुद्दों को उच्चतम स्तर पर ले जाएंगे, चाहे वह मुख्यमंत्री हों या प्रधानमंत्री, ताकि उनके मुद्दों का जल्द से जल्द समाधान किया जा सके.

अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त रणविजय सिंह ने कहा, ‘हमने सुनिश्चित किया कि किसान विरोध के दौरान कानून-व्यवस्था का मुद्दा न बनाएं. यह एक शांतिपूर्ण विरोध था और वे सांसद से मिलने के बाद सड़क से निकल गए.’

किसान नेताओं ने कहा कि नोएडा प्राधिकरण की नीतियां और कामकाज पूरी तरह से उन किसानों के खिलाफ हैं, जिन्होंने औद्योगिक शहर के विकास के लिए अपनी जमीन दी है.

किसान एकता परिषद के नेता सुखबीर यादव ने कहा, ‘नोएडा प्राधिकरण के अधिकारी नोटिस जारी करके, मकान गिराकर, जमीन का बढ़ी कीमत पर मुआवजा और आवासीय भूखंड नहीं देकर किसानों को परेशान कर रहे हैं. जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, हमारा विरोध जारी रहेगा.’

रिपोर्ट के अनुसार, प्राधिकरण के अधिकारियों ने कहा कि किसानों को विरोध के लिए प्राधिकरण के सेक्टर-6 स्थित प्रशासनिक भवन के पास हरोला गांव में जगह दी गई है.

पिछले दो महीने से किसान रोजाना दोपहर 12 बजे हरोला धरना स्थल पर पहुंच जाते हैं और शाम को अपने घरों को लौट जाते हैं. वे अपने धरने के दौरान प्राधिकरण के अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी भी करते हैं.

किसानों ने कहा कि वे अपने भवनों के निर्माण से पहले नक्शा स्वीकृत कराने के लिए तैयार नहीं हैं.

एक अन्य किसान नेता सुरेंद्र चौहान ने कहा, ‘नोएडा प्राधिकरण हमारे घरों या जीवन को कैसे प्रतिबंधित कर सकता है? हमारे गांव प्राधिकरण की खराब नीतियों से बर्बाद हो गए हैं.’

नोएडा प्राधिकरण के विशेष ड्यूटी अधिकारी इंदु प्रकाश सिंह ने कहा, ‘हम किसानों की जायज मांगों को पूरा करके उन्हें शांत करने की कोशिश कर रहे हैं.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)