भारत

नवाब मलिक का दावा: आर्यन ख़ान को ‘अगवा’ करने की साज़िश का हिस्सा थे एनसीबी अधिकारी वानखेड़े 

एनसीबी ने अभिनेता शाहरुख ख़ान के बेटे आर्यन ख़ान और अन्य को दो-तीन अक्टूबर की दरम्यानी रात को क्रूज़ मामले में गिरफ़्तार किया था. मामले की जांच कर रहे समीर वानखेड़े एक स्वतंत्र गवाह द्वारा जबरन वसूली के प्रयास का दावा करने के बाद विभागीय सतर्कता जांच का सामना कर रहे हैं. नवाब मलिक उन पर लगातार आरोप लगा रहे हैं. इस बीच वानखेड़े के पिता ने नवाब मलिक के ख़िलाफ़ मानहानि का मुक़दमा दायर किया है.

नवाब मलिक. (फोटो: पीटीआई)

मुंबई: महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक ने रविवार को आरोप लगाया कि नारकोटिक्स नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) के मुंबई क्षेत्र के निदेशक समीर वानखेड़े अभिनेता शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान को फिरौती के लिए ‘अगवा’ करने की साजिश में शामिल थे.

मलिक ने मुंबई में संवाददाताओं से बातचीत में दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता मोहित भारतीय इस साजिश के ‘मास्टरमाइंड’ थे. इस बीच समीर वानखेड़े के पिता ने नवाब मलिक के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया है.

पिछले महीने वानखेड़े के नेतृत्व में एक क्रूज पोत पर की गई छापेमारी के बाद आर्यन खान को गिरफ्तार किया गया था और पोत से कथित तौर पर मादक पदार्थ बरामद किया गया था. बाद में आर्यन को बॉम्बे उच्च न्यायालय से जमानत मिल गई.

मामले में अभी तक आर्यन खान सहित करीब 20 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. फिलहाल आर्यन खान समेत 14 लोगों को इस मामले में जमानत मिल चुकी है.

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने विवादास्पद क्रूज मादक पदार्थ मामले और पांच अन्य मामलों को समीर वानखेड़े के नेतृत्व वाली एजेंसी की मुंबई क्षेत्रीय इकाई से ले लिया है और उनकी जांच की जिम्मेदारी दिल्ली स्थित अपनी संचालन इकाई में स्थानांतरित कर दी है.

वानखेड़े क्रूज पोत मामले में एक स्वतंत्र गवाह द्वारा जबरन वसूली के प्रयास का दावा करने के बाद विभागीय सतर्कता जांच का सामना कर रहे हैं.

मलिक ने कई बार कहा है कि मादक पदार्थ जब्ती का यह मामला ‘फर्जी’ है और उन्होंने वानखेड़े के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने दावा किया कि वानखेड़े ने ओशिवारा में एक कब्रिस्तान में मोहित भारतीय से मुलाकात की थी.

मलिक ने कहा, ‘लेकिन वह (वानखेड़े) खुशकिस्मत थे, कि हमें इस मुलाकात का वीडियो फुटेज नहीं मिला, क्योंकि पुलिस का सीसीटीवी काम नहीं कर रहा था. इसलिए डर के कारण वानखेड़े ने गलत शिकायत दर्ज कराई कि उनका पीछा किया गया था.’

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता नवाब मलिक ने आरोप लगाया, ‘कथित क्रूज पोत रेव पार्टी फिरौती के लिए आर्यन खान के अपहरण की एक साजिश थी, जिसके मुख्य सरगना मोहित भारतीय थे.’

वानखेड़े पर साजिश में शामिल होने का आरोप लगाते हुए उन्होंने दावा किया कि भारतीय वानखेड़े की ‘निजी सेना’ के सहयोगी थे. मलिक ने यह भी दावा किया कि पत्रकार आरके बजाज और वकील प्रदीप नाम्बियार वानखेड़े की ‘निजी सेना’ के सदस्य थे.

मलिक ने अभिनेता शाहरुख खान से आगे आने और अन्याय के खिलाफ उनकी लड़ाई का समर्थन करने की अपील की. उन्होंने वानखेड़े पर मादक पदार्थ तस्करों का बचाव करने और नशीली दवाओं के उपभोक्ताओं में भय पैदा करने का आरोप लगाया.

उन्होंने दावा किया कि आर्यन खान के अपहरण का जाल भाजपा नेता भारतीय के रिश्तेदार ऋषभ सचदेवा के माध्यम से रचा गया था.

उन्होंने दावा किया, ‘25 करोड़ रुपये मांगे गए थे और सौदा 18 करोड़ रुपये में तय हुआ था. 50 लाख रुपये दिए गए थे. सौदे की बात बिगड़ गई, क्योंकि केपी गोसावी (क्रूज ड्रग्स मामले में एनसीबी के गवाह) की आर्यन के साथ सेल्फी, गिरफ्तारी के बाद वायरल हो गई.’

मालूम हो कि मामले में ‘स्वतंत्र गवाह’ प्रभाकर सैल ने बीते 24 अक्टूबर को एक हलफनामे में और फिर पत्रकारों के सामने दावा किया था कि आर्यन खान को तीन अक्टूबर को एनसीबी कार्यालय लाने के बाद उन्होंने गोसावी को फोन पर सैम डिसूजा नामक एक व्यक्ति से 25 करोड़ रुपये की मांग करने और मामला 18 करोड़ रुपये पर तय करने के बारे में बात करते हुए सुना था, क्योंकि उन्हें ‘आठ करोड़ रुपये समीर वानखेड़े (एनसीबी के जोनल निदेशक) को देने थे.

मंत्री ने आगे कहा कि शाहरुख खान को यह कहकर डराने की कोशिश की गई है कि उन्होंने ‘50 लाख रुपये की राशि दी है’, इसलिए वह भी एक आरोपी बन गए हैं.

मलिक ने कहा, ‘मैं उनसे अपील करता हूं कि वह डरें नहीं. अगर आपके बच्चे का अपहरण कर लिया गया है और फिरौती मांगी गई है और माता-पिता ने भुगतान किया है तो वे पीड़ित हैं, आरोपी नहीं हैं.’

उन्होंने दावा किया कि आर्यन खान को प्रतीक गाबा और आमिर फर्नीचरवाला क्रूज पार्टी में ले गए.

उन्होंने कहा कि सचदेवा, गाबा और फर्नीचरवाला को एनसीबी ने छोड़ दिया था. उन्होंने दावा किया, ‘क्रूज पार्टी के आयोजक काशिफ खान ने राज्य के मंत्री असलम शेख और शीर्ष मंत्रियों के बच्चों को पार्टी में आने के लिए आमंत्रित करने की बहुत कोशिश की थी.’

मंत्री ने कहा, ‘आर्यन खान और समीर खान (मंत्री मलिक के दामाद) के मामलों के अलावा सभी 26 मामलों (एनसीबी द्वारा जांच की जा रही) को एसआईटी को जांच के लिए दिया जाना चाहिए. अगर मेरे दामाद के मामले की फिर से जांच की बात से मुझे डराने का प्रयास किया जाता है, तो मैं स्पष्ट कर दूं कि मैं डरने वाला नहीं हूं.’

मलिक के दामाद को इस साल जनवरी में एनसीबी ने कथित ड्रग्स मामले में गिरफ्तार किया था और सितंबर में उन्हें जमानत दे दी गई थी.

मंत्री ने अपने ट्विटर अकाउंट पर एनसीबी द्वारा सैमविले स्टेनली डिसूजा को ‘एनडीपीएस’ कानून के तहत इस साल जुलाई में दिया गया नोटिस भी पोस्ट किया, जिसमें उसे एजेंसी के कार्यालय में पेश होने का निर्देश दिया गया.

उन्होंने दावा किया कि सैम डिसूजा का असली नाम सैमविले है, जिसका नाम क्रूज ड्रग्स मामले में भुगतान के आरोपों के संबंध में सामने आया था और उसे इस साल जून में एनसीबी अधिकारी वीवी सिंह ने पूछताछ के लिए बुलाया था.

मलिक ने मामले के ब्योरे का खुलासा किए बिना सवाल किया, ‘उसे अब तक गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया?’

भाजपा नेता मोहित भारतीय ने शनिवार को आरोप लगाया कि ‘महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख समेत राकांपा के कई नेताओं का करीबी’ सुनील पाटिल क्रूज पोत मादक पदार्थ प्रकरण का मास्टरमाइंड है.

हालांकि, मलिक ने रविवार को दावा किया कि सुनील पाटिल का संबंध एनसीपी से नहीं है और वह कभी उससे नहीं मिले.

उन्होंने यह भी कहा कि एनसीबी ने गुजरात सरकार की फोरेंसिक लैब रिपोर्ट को चुनौती दी थी, जिसमें कथित ड्रग्स मामले में उनके दामाद को एनडीपीएस अदालत में क्लीन चिट दी गई थी. मलिक ने एनसीबी और भाजपा से दागी लोगों को ‘संरक्षण’ नहीं देने की अपील की.

उन्होंने कहा, ‘मेरी लड़ाई एनसीबी या भाजपा के खिलाफ नहीं है. यह लड़ाई गलत कामों में लिप्त लोगों के खिलाफ है. कृपया मेरा समर्थन करें. मैं नशा उन्मूलन का भी समर्थन करता हूं.’

मलिक ने यह भी मांग की कि एनसीबी की ‘चौकड़ी’- वानखेड़े, वीवी सिंह, आशीष रंजन और वानखेड़े के ड्राइवर माने के खिलाफ कार्रवाई की जाए. उन्होंने आरोप लगाया कि ये सभी एनसीबी के क्षेत्रीय कार्यालय में ‘गलत कामों’ में शामिल थे.

इस बीच, मोहित भारतीय ने कहा कि उन्होंने कभी यह नहीं कहा कि वह भाजपा नेता हैं. पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि मलिक ने अभी तक इसका जवाब नहीं दिया कि भगोड़े अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम का साथी चिंकू पठान कैसे राज्य के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख से मिला था.

उन्होंने कहा, ‘चिंकू पठान दाऊद इब्राहिम का करीबी सहायक है. वह 20 जनवरी 2020 को सहयाद्री गेस्ट हाउस में क्या कर रहा था?’

उन्होंने यह भी कहा कि उनके संवाददाता सम्मेलन के बाद ही मलिक ने माना था कि उन्हें सुनील पाटिल से फोन आया था. उन्होंने कहा, ‘वह उन पर चुप थे.’

उन्होंने कहा कि मलिक ने खुद माना कि एक कैबिनेट मंत्री को क्रूज पार्टी में निमंत्रण दिया गया था. उन्होंने कहा, ‘(मंत्री) असलम शेख को यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्यों और कैसे एक व्यक्ति मंत्री और मंत्रियों के बेटों तथा बेटियों तक पहुंच सकता है?’

भारतीय ने कहा कि असलम शेख को यह स्पष्ट करना चाहिए कि उनका काशिफ खान से क्या संबंध है कि उन्हें क्रूज पार्टी में आमंत्रित किया गया.

समीर वानखेड़े के पिता ने नवाब मलिक के खिलाफ दायर किया मानहानि का मुकदमा

इस बीच एनसीबी के मुंबई क्षेत्रीय निदेशक समीर वानखेड़े के पिता ध्यानदेव काचरुजी वानखेड़े ने बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख कर महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री नवाब मलिक के खिलाफ 1.25 करोड़ रुपये के हर्जाने के साथ मानहानि का मुकदमा दायर किया है.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, हाईकोर्ट इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया पर मामले से संबंधित लेखों, ट्वीट, साक्षात्कार को हटाने सहित अंतरिम राहत के लिए सोमवार को मामले की सुनवाई कर सकता है.

अधिवक्ता अरशद शेख, रंजीत अगाशे, कृष्णन अय्यर, विंशा आचार्य, दिवाकर राय और सौरभ तम्हनकर ने जस्टिस एसजे कथावाला की अवकाशकालीन पीठ के समक्ष शुक्रवार को इस मामले पर त्वरित सुनवाई का उल्लेख किया था.

पिछले महीने महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नवाब मलिक ने समीर वानखेड़े का जन्म प्रमाण-पत्र साझा किया था, जिसमें कहा गया था कि उनके पिता दाऊद वानखेड़े है.

इसके बाद एनसीबी के क्षेत्रीय निदेशक वानखेड़े ने बयान जारी कर स्पष्टीकरण दिया था कि उनके पिता हिंदू हैं, जबकि उनकी मां मुस्लिम थीं.

पिता ध्यानदेव वानखेड़े की याचिका में दावा किया गया कि उनके बेटे के खिलाफ यह पूरी कार्रवाई तब शुरू की गई जब मलिक के दामाद समीर खान को इस साल जनवरी की शुरुआत में एनडीपीएस एक्ट के तहत एनसीबी ने गिरफ्तार किया था.

वानखेड़े के पिता ने कहा कि मलिक और उनके परिवार के सदस्यों द्वारा प्रेस विज्ञप्ति और साक्षात्कार के जरिये दिए गए मौखिक या लिखित बयान गलत और मानहानिकारक हैं.

याचिका में कहा गया, ‘इससे वादी और उसके परिवार के सदस्यों के नाम, उनके चरित्र, प्रतिष्ठा और सामाजिक छवि को अपूरणीय क्षति पहुंची है.’

वानखेड़े के वकीलों ने कहा कि मलिक उनके परिवार को धोखेबाज कह रहे हैं और उनकी धार्मिक मान्यताओं पर सवाल खड़े कर रहे हैं. इसके साथ ही उनकी बेटी यास्मीन, जो कि क्रिमिनल वकील हैं, उनकी प्रैक्टिस को बाधित कर रहे हैं.

याचिका में इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया पर इससे संबंधित ट्वीट, लेख, साक्षात्कार, प्रेस रिलीज को हटाने की मांग भी की गई है.

याचिका में अदालत से आग्रह किया गया कि वह मलिक को किसी भी प्रारूप में उनके कथित तौर पर अपमानजनक और मानहानिकारक ट्वीट, साक्षात्कार, प्रेस रिलीज के लिए 1.25 करोड़ रुपये के हर्जाने का भुगतान करने का निर्देश दे.

मालूम हो कि समीर वानखेड़े ने भी नवाब मलिक पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग का दरवाजा खटखटाया है.

राजस्व खुफिया निदेशालय डीआरआई में तैनात वानखेड़े को सितंबर 2020 में एनसीबी द्वारा दर्ज सुशांत सिंह राजपूत मामले के मद्देनजर मुंबई एनसीबी में भेजा गया था. वानखेड़े ने इस मामले में अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती, उनके भाई शोविक और 31 अन्य को गिरफ्तार किया था.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)