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तमिलनाडु: चेन्नई में भारी बारिश और बाढ़ से जनजीवन प्रभावित, अब तक 14 लोगों की मौत

तमिलनाडु में पिछले चार दिनों से हुई बारिश और बाढ़ के चलते सड़कें और फसलें जलमग्न हैं, पेड़ उखड़ गए हैं और हज़ार से अधिक झोपड़ियों को नुकसान पहुंचा है. मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने फसल के नुकसान का आकलन और राहत कार्य में तेज़ी के लिए छह सदस्यीय मंत्रिस्तरीय पैनल का गठन करने का आदेश दिया है.

चेन्नई में भारी बारिश के बाद जलभराव वाले इलाके से गुजरते यात्री. (फोटो: पीटीआई)

चेन्नई: तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई और अन्य उत्तरी क्षेत्रों में गुरुवार को भारी बारिश हुई जबकि यहां बंगाल की खाड़ी पर बना दबाव का क्षेत्र शाम को चेन्नई तट के पार चला गया.

राज्य में बारिश से संबंधित घटनाओं में 14 लोगों की मौत हो चुकी है, फसलें जलमग्न हो गई हैं, पेड़ उखड़ गए हैं और 1,000 से अधिक झोपड़ियों को नुकसान पहुंचा है.

भारी बारिश के अलावा बांध से यहां करीब 13,000 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण महानगर के कई इलाके तथा तमिलनाडु के अन्य उत्तरी क्षेत्र जलमग्न हो गए.

कई क्षेत्रों में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बिजली काट दी गई. बारिश से सड़कों को भी नुकसान पहुंचा है. पिछले चार दिनों से यहां आई बाढ़ से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है, सड़कें जलमग्न हो गई है और यातायात का मार्ग परिवर्तित होने से लोगों को बड़ी दिक्कतें आ रही हैं.

गुरुवार शाम तक दबाव का क्षेत्र गुजर जाने के साथ तमिलनाडु के अधिकांश उत्तरी क्षेत्रों में बारिश में कमी देखी गई और लोगों को आवश्यक सामान खरीदने के लिए स्थानीय बाजारों में जाते देखा गया.

राज्य भर में बारिश से संबंधित घटनाओं में मानसून के मौसम में अभी तक 157 मवेशियों की मौत हो चुकी है, 1,146 झोपड़ियां और 237 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं.

जलभराव के कारण उपनगरीय ट्रेन सेवाओं को निलंबित कर दिया गया. हालांकि बाद में सेवाएं बहाल कर दी गई. बारिश और तेज हवाओं के कारण उड़ानों की रवानगी स्थगित है जबकि उड़ानों के चेन्नई आगमन को बहाल कर दिया गया.

चेन्नई कॉर्पोरेशन प्राधिकारियों ने प्रभावित इलाकों में लोगों को छह लाख से अधिक भोजन के पैकेट बांटे.

चेन्नई और कई अन्य उत्तरी क्षेत्रों में बुधवार रात से भारी बारिश हो रही है और दबाव के क्षेत्र के गुरुवार को शहर की ओर आने के कारण कई इलाकों में भीषण बारिश हुई.

प्राधिकारियों ने पानी की निकासी और उखड़े पेड़ों को रास्ते से हटाने के लिए विभिन्न उपकरणों का इस्तेमाल किया. मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने राहत एवं बचाव अभियान में शामिल सभी सरकारी कर्मचारियों का आभार जताया है.

चेन्नई और उसके उपनगरों के अलावा उत्तरी क्षेत्र समेत राज्य के अन्य क्षेत्रों में भी भारी बारिश हुई. मुख्यमंत्री स्टालिन ने विभिन्न जिलों में बारिश से संबंधित मुद्दों के प्रबंधन के लिए नियुक्त मंत्रियों और विशेष अधिकारियों से बात की और उनके साथ स्थिति की समीक्षा की.

उन्होंने राहत गतिविधियों में तेजी लाने और राहत शिविरों में गुणवत्तापूर्ण भोजन व चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.

उन्होंने फसलों के नुकसान को रोकने के लिए संबंधित अधिकारियों को कदम उठाने के निर्देश दिए. साथ ही मुख्य सचिव वी अराई अंबू समेत राज्य के शीर्ष सरकारी अधिकारियों के साथ बैठक कर हालात की समीक्षा की.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, भारी बारिश से मायलापुर सहित लगभग पूरे शहर में पानी से भर गया है. वेल्लाचेरी सहित आस-पड़ोस के कई हिस्सों में पानी भर गया और बारिश का पानी केके नगर और क्रोमपेट में सरकारी अस्पतालों में घुस गया, जिससे अधिकारियों को मरीजों को अन्य जगहों पर स्थानांतरित करना पड़ा.

क्षति के डर से मदिपक्कम में बाढ़ प्रभावित रामनगर के कई निवासियों ने अपनी कारों को पास के वेल्लाचेरी फ्लाईओवर के किनारे पर या पास में इसी तरह की सुविधाओं के नीचे पार्क कर दिया.

बाढ़ की चपेट में आने वाले असंख्य इलाकों में उफनती कूम नदी के पास पुडुपेट की उप-गलियां – चुलाई, सेम्मनचेरी, कोडंबक्कम, केके नगर, एमजीआर नगर और अरुंबक्कम शामिल हैं.

उपनगरीय क्रोमपेट के पास हस्तिनापुरम के आसपास की सड़कें एक तेज रफ्तार नदी की तरह दिखीं, जिसमें पानी का स्तर तीन फीट से अधिक बढ़ गया था.

गिंडी-वेल्लाचेरी प्वाइंट में पांच फर्लांग सड़क के कई स्थानों पर पानी लगभग तीन फीट या उससे थोड़ा ऊपर था.

बाढ़ प्रभावित इलाके – मुदिचुर, पेरुंगलाथुर और नंदीवरम-गुडुवनचेरी आवश्यक जरूरतों के लिए बहुत कम पहुंच वाले छोटे द्वीपों की तरह दिखाई दिए और सुरक्षा को देखते हुए ऐसे सभी क्षेत्रों में बिजली की आपूर्ति काट दी गई.

राजभवन से सटी सड़क पर स्कूटी चला रही महिला पेड़ गिरने से घायल हो गई. अधिकारियों द्वारा उसे अस्पताल ले जाया गया और गिरे हुए पेड़ को हटा दिया गया.

चेन्नई और उसके उपनगरों के अलावा चेंगलपेट, तिरुवल्लूर और कांचीपुरम जिलों के, उत्तरी बेल्ट सहित राज्य के अन्य क्षेत्रों में भी भारी वर्षा हुई.

मुख्यमंत्री स्टालिन ने मंत्रियों के साथ चर्चा की और बारिश की स्थिति की समीक्षा करने के लिए राज्य के शीर्ष अधिकारियों की एक बैठक की अध्यक्षता की.

उन्होंने राहत गतिविधियों में तेजी, राहत शिविरों में गुणवत्तापूर्ण भोजन और चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न जिलों में बारिश से संबंधित मुद्दों के प्रबंधन के लिए विशेष रूप से नियुक्त अधिकारियों को निर्देश दिया.

एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि स्टालिन ने विशेष रूप से कावेरी डेल्टा क्षेत्र में फसल के नुकसान का आकलन करने और राहत कार्य में तेजी लाने के लिए सरकार को एक रिपोर्ट सौंपने के लिए सहकारिता मंत्री आई. पेरियासामी की अध्यक्षता में छह सदस्यीय मंत्रिस्तरीय पैनल का गठन करने का भी आदेश दिया.

भारी बारिश से हुई मौतों पर उपराष्ट्रपति ने जताया दुख

उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने तमिलनाडु में भारी बारिश से हुई मौतों पर गुरुवार को दुख जताया और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई.

उन्होंने लोगों से सुरक्षित रहने और स्थानीय प्राधिकारियों की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने का आग्रह किया.

उपराष्ट्रपति ने एक ट्वीट में कहा, ‘तमिलनाडु में भारी बारिश से लोगों के जान गंवाने की घटना से दुखी हूं. पीड़ित परिवारों के प्रति मेरी संवेदानाएं हैं. राज्य व केंद्र की एजेंसियों की ओर से राहत व बचाव कार्य चलाए जा रहे हैं, लेकिन मैं लोगों से आग्रह करूंगा कि वे स्थानीय प्राधिकारियों की ओर से जारी किए गए निर्देशों का पालन करें.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)