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रक्षा मंत्रालय ने लियोनार्दो एसपीए, उसकी सहायक कंपनी अगस्ता वेस्टलैंड से प्रतिबंध हटाया

इतालवी कंपनी लियोनार्दो एसपीए और उसकी सहायक अगस्ता वेस्टलैंड को 2014 में 3,500 करोड़ रुपये के वीवीआईपी हेलीकॉप्टर सौदे में भ्रष्टाचार के आरोपों के मद्देनज़र प्रतिबंधित कर दिया गया था. सौदे को हासिल करने के लिए कंपनी द्वारा रिश्वत के आरोपों पर भारत ने वीवीआईपी हेलिकॉप्टरों की आपूर्ति के लिए अगस्ता वेस्टलैंड के साथ अनुबंध को समाप्त कर दिया था.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह. (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: रक्षा मंत्रालय ने इतालवी कंपनी लियोनार्दो एसपीए (Leonardo SpA) और उसकी सहायक अगस्ता वेस्टलैंड (AgustaWestland) से औपचारिक रूप से प्रतिबंध हटा लिया है, क्योंकि उनके नाम उन कंपनियों की अद्यतन सूची में शामिल नहीं हैं, जिनके साथ कारोबारी लेन-देन पर रोक है.

आधिकारिक सूत्रों ने बीते रविवार को यह जानकारी दी.

लियोनार्दो एसपीए और अगस्ता वेस्टलैंड को 2014 में 3,500 करोड़ रुपये के वीवीआईपी हेलीकॉप्टर सौदे में भ्रष्टाचार के आरोपों के मद्देनजर प्रतिबंधित कर दिया गया था. लियोनार्दो एसपीए को पहले फिनमेकेनिका (Finmeccanica) के नाम से जाना जाता था.

रक्षा मंत्रालय ने 12 नवंबर को एक नई अधिसूचना जारी की, जिसमें उसके साथ कारोबार करने से प्रतिबंधित, निलंबित कंपनियों की सूची को अद्यतन किया गया. दोनों इतालवी कंपनी सूची में शामिल नहीं हैं.

भारत ने अनुबंध संबंधी दायित्वों के कथित उल्लंघन और सौदे को हासिल करने के लिए कंपनी द्वारा भुगतान किए गए रिश्वत के आरोपों पर 12 एडब्ल्यू-101 वीवीआईपी हेलिकॉप्टरों की आपूर्ति के लिए अगस्ता वेस्टलैंड के साथ अनुबंध को समाप्त कर दिया था.

सूत्रों ने कहा कि लियोनार्दो एसपीए ने वीवीआईपी हेलीकॉप्टरों के रद्द किए गए आदेश पर 35 करोड़ यूरो के अपने दावों को वापस लेते हुए एक पत्र दिया है.

यह पता चला है कि रक्षा मंत्रालय ने दोनों इतालवी कंपनियों पर से प्रतिबंध हटा लिया है, लेकिन केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा वीवीआईपी हेलिकॉप्टर सौदे की जांच जारी रहेगी.

सूत्रों ने कहा कि प्रतिबंध हटाने से अब लियोनार्दो एसपीए को भारतीय नौसेना के ‘प्रोजेक्ट-75’ के तहत भारी वजन वाले टॉरपीडो कार्यक्रम में भाग लेने की अनुमति मिल जाएगी.

फ्रांस के नौसेना समूह से प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के तहत सरकार द्वारा संचालित मझगांव डॉक लिमिटेड (एमडीएल) द्वारा ‘प्रोजेक्ट-75’ के तहत छह स्कॉपिन पनडुब्बियों का निर्माण किया जा रहा है.

‘प्रोजेक्ट-75’ के तहत नौसेना जल्द ही पनडुब्बियों के लिए नौसेना के राडार और नौसेना के टॉरेट्स (Turrets: जहाज पर लगाई जाने वाली तोप की नली की तरह दिखने वाली गन, जो चारों तरफ घूम सकती है.) के लिए निविदाएं जारी कर सकती है. एमडीएल पहले ही छह में से चार पनडुब्बियों को वितरित कर चुका है.

रक्षा मंत्रालय द्वारा अद्यतन सूची में छह कंपनियों को ‘प्रतिबंधित फर्म’ के रूप में रखा गया है, जबकि 15 कंपनियों को ‘होल्ड/निलंबित’ की श्रेणी में रखा गया है. सूची में दो फर्मों को खरीद के लिए ‘प्रतिबंधित’ के रूप में भी उल्लेख किया गया है.

बहरहाल लियोनार्डो एसपीए पर से प्रतिबंध हटाने की खबरों के बाद विपक्षी कांग्रेस ने सरकार के इस फैसले पर सवाल उठाया है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)