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मेरा गला काट लो, लेकिन मुझे कोई ये नहीं बता सकता कि क्या करना चाहिए: ममता बनर्जी

पश्चिम बंगाल में एक साथ होगा दुर्गा विसर्जन और मुहर्रम. कलकत्ता उच्च न्यायालय ने रद्द की ममता बनर्जी सरकार की अधिसूचना.

Kolkata: West Bengal Chief Minister Mamata Banerjee addressing students during a felicitation programme of toppers of West Bengal Board of Secondary Education (class X and XII) in Kolkata on Tuesday. PTI Photo by Swapan Mahapatra(PTI6_13_2017_000108A)

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी. (फोटो: पीटीआई)

पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा पिछले महीने दुर्गा विसर्जन और मुहर्रम को लेकर जारी की गई अधिसूचना को कलकत्ता हाईकोर्ट ने गुरुवार को रद्द कर दिया है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, ‘मेरा गला काट दो, लेकिन कोई भी मुझे ये नहीं बता सकता कि क्या करना चाहिए क्या नहीं. शांति बनाए रखने के लिए मैं वह सब करूंगी जो भी मुझे करना चाहिए.’

दरअसल राज्य सरकार ने अधिसूचना जारी कर दुर्गा विसर्जन और मुहर्रम के लिए अलग-अलग दिन निर्धारित करने का आदेश दिया था. बुधवार को अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को फटकार भी लगाई थी.

हिंदुस्तान टाइम्स की ख़बर के अनुसार, अदालत के फटकार लगाने के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता के एक पूजा पंडाल में कहा, ‘जब मैं गणेश और दुर्गा पंडालों में जाती हूं तो मुझ पर तुष्टिकरण का आरोप नहीं लगता, लेकिन जब मैं ईद के कार्यक्रम में शामिल होती हूं, तो मुझ पर मुस्लिम वोट बैंक की राजनीति करने का आरोप लगता है.’

मुस्लिम वोट बैंक को खुश करने के आरोप पर उन्होंने कहा, ‘अगर यह मुस्लिम वोट बैंक को खुश करने की बात है तो हां में करती हूं. मेरे सिर पर बंदूक रख दी जाए तब भी मरते दम तक यही करूंगी. यही मेरी संस्कृति है और यही बंगाल की संस्कृति है.

एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, अदालत ने अधिसूचना रद्द करते हुए सरकार से कहा, ‘आप अपनी शक्तियों का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं. आप राज्य सरकार हैं, इसका मतलब यह नहीं कि आप मनमाने फैसले कर सकते हैं.’

इस बार मुहर्रम और दुर्गा मूर्ति विसर्जन एक ही दिन पड़ने से पश्चिम बंगाल सरकार ने अधिसूचना जारी कर एक अक्टूबर को मूर्ति विसर्जन पर रोक लगा दी थी. सरकार ने कहा था कि 2 से 4 अक्टूबर के बीच मूर्ति विसर्जन किए जा सकेंगे.

अदालत ने इस अधिसूचना को रद्द करते हुए कहा कि मूर्ति विसर्जन रोज़ हो सकते हैं और सरकार दोनों के लिए अलग-अलग मार्ग निर्धारित करने का काम करे.

ममता सरकार के इस अधिसूचना के ख़िलाफ़ अदालत में तीन याचिकाएं दायर की गई थीं. सरकार ने अपने जवाब में कहा कि त्योहार के समय क़ानून व्यवस्था न बिगड़े इसलिए अधिसूचना जारी की गई है.

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राकेश तिवारी ने गुरुवार को कहा कि ममता बनर्जी सरकार को अपने निर्णय के लिए ‘ठोस आधार’ प्रदान करना चाहिए. अदालत ने कहा, ‘यदि आप को सपना आया है कि कुछ गलत होगा तो आप प्रतिबंध नहीं लगा सकते.’

बीते बुधवार को मामले की सुनवाई करते हुए पश्चिम बंगाल सरकार को फटकार लगाते हुए अदालत ने कहा था कि हिंदू-मुस्लिम समुदाय के बीच सरकार दीवार न खड़ा करे.

भाजपा के राष्ट्रीय सचिव राहुल सिन्हा ने कहा कि पश्चिम बंगाल में मुस्लिम समुदाय मुहर्रम के दिन दुर्गा विसर्जन के ख़िलाफ़ नहीं है, लेकिन ममता बनर्जी द्वारा लिया जा रहा कदम इन दोनों समुदाय में दरार पैदा कर देगा.