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उत्तर प्रदेश: वृंदावन के प्रतिबंधित क्षेत्र में रात के समय वीडियो बनाने पर यूट्यूबर गिरफ़्तार

मथुरा जिले के वृंदावन में ‘निधिवन राज’ के प्रतिबंधित क्षेत्र का रात में वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर अपलोड करने के आरोप में पांच लोगों के ख़िलाफ़ प्राथमिकी दर्ज की गई है. ‘निधिवन राज’ में तुलसी के अति प्राचीन वृक्ष हैं. इसके बारे में मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण एवं राधा रानी तथा उनकी सखियां आज भी रात में रासलीला के लिए यहां आते हैं. इस क्षेत्र में रात को रुकना प्रतिबंधित है.

(प्रतीकात्मक फोटो: Premal Dhruv Photography/Flickr CC BY NC ND 2.0)

मथुरा: मथुरा जिले के वृंदावन स्थित ‘निधिवन राज’ के प्रतिबंधित क्षेत्र का रात में वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर अपलोड करने को लेकर पांच अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है.

‘निधिवन राज’ में तुलसी के अति प्राचीन वृक्ष हैं. इसके बारे में मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण एवं राधा रानी तथा उनकी सखियां आज भी रात में रासलीला के लिए यहां आते हैं. इस क्षेत्र में रात को रुकना प्रतिबंधित है. पुजारियों को भी रात में यहां रुकने की अनुमति नहीं है.

कोतवाली वृंदावन के निरीक्षक विनय मिश्रा ने बताया कि सोशल मीडिया पर वीडियो प्रसारित करने वाले व्यक्ति सहित पांच लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की प्रासंगिक धाराओं और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, बीते 14 नवंबर को वीडियो शूट करने के आरोप में ‘गौरवजोन’ नाम का यूट्यूब चैनल चलाने वाले गौरव शर्मा को उनके दिल्ली स्थित आवास से गिरफ्तार किया गया है.

पुलिस अधीक्षक (नगर) मार्तंड प्रकाश सिंह ने कहा कि शर्मा को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, जबकि उनके सहयोगियों को पकड़ने के प्रयास जारी हैं.

पुलिस ने बताया कि पूछताछ के दौरान शर्मा ने स्वीकार किया कि उन्होंने 6 नवंबर की रात को अपने चचेरे भाई प्रशांत और दोस्तों- मोहित और अभिषेक के साथ इस पवित्र स्थान पर वीडियो शूट किया था.

शर्मा ने 9 नवंबर को यूट्यूब पर वीडियो अपलोड किया था. हालांकि, पुजारियों द्वारा पवित्र स्थान के अंदर फिल्म की शूटिंग का विरोध करने के बाद उन्हें इसे हटाना पड़ा.

अधिकारियों के अनुसार, निधिवन राज के पुजारी रोहित गोस्वामी की शिकायत के बाद वृंदावन पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता की धारा 295ए और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)