राजनीति

केरल: भाजपा ने आरएसएस सदस्य हत्या मामले की एनआईए जांच की मांग की

केरल के पलक्कड़ ज़िले में बीते 15 नवंबर को एक 27 वर्षीय आरएसएस कार्यकर्ता की हत्या कर दी गई थी. भाजपा ने आरोप लगाया है कि दिनदहाड़े की गई इस हत्या के पीछे इस्लामी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया की राजनीतिक शाखा सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया के कार्यकर्ताओं का हाथ है और उन्हें राज्य की सरकार का समर्थन हासिल है.

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के. सुरेंद्रन ने राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान से मुलाकात की और हत्या के संबंध में ज्ञापन दिया. (फोटो: ट्विटर/@BJP4Keralam)

तिरुवनंतपुरम: केरल के पलक्कड़ जिले में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के एक युवा सदस्य की हत्या के एक दिन बाद प्रदेश भाजपा ने मंगलवार को राजधानी तिरुवनंतपुरम में राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान से मुलाकात की और मामले को राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) को सौंपने का अनुरोध किया.

भारतीय जनता पार्टी ने आरोप लगाया कि इस दिनदहाड़े हत्या के पीछे इस्लामी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) की राजनीतिक शाखा सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) के कार्यकर्ताओं का हाथ है और उन्हें राज्य की सरकार का समर्थन हासिल है.

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के. सुरेंद्रन ने राजभवन में राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान से मुलाकात की और इस संबंध में एक ज्ञापन दिया.

सुरेंद्रन ने कहा कि राज्य में कानून के शासन को बनाए रखने और आम आदमी के जीवन एवं संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राज्यपाल का हस्तक्षेप अपरिहार्य है.

सुरेंद्रन ने कहा, ‘मैं महामहिम से राज्य सरकार को इस मामले को एनआईए को सौंपने का निर्देश देने का आग्रह करता हूं.’

पुलिस ने कहा कि 27 वर्षीय आरएसएस कार्यकर्ता संजीत की सोमवार (15 नवंबर) सुबह उसकी पत्नी के सामने हत्या कर दी गई.

सुरेंद्रन ने ज्ञापन में आरोप लगाया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से बहुत स्पष्ट है कि सुनियोजित हत्या के पीछे विशेष रूप से प्रशिक्षित हमलावर थे.

उन्होंने कहा कि सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया साल 2020 से ही संजीत को निशाना बनाने की फिराक में था, लेकिन राज्य पुलिस उसे पर्याप्त सुरक्षा प्रदान करने में बुरी तरह से विफल रही और यह आपराधिक लापरवाही के अलावा और कुछ नहीं था.

सुरेंद्रन ने सत्तारूढ़ माकपा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि यह राज अब उजागर हो गया है कि मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और इस्लामी आतंकवादी संगठनों की मिलीभगत है और उनका साझा लक्ष्य दक्षिणी राज्य में राष्ट्रवादी ताकतों का सफाया करना है.

सुरेंद्रन ने बाद में संवाददाताओं से कहा कि पिछले 10 दिनों में राज्य में सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया के कार्यकर्ताओं ने आरएसएस के दो सदस्यों की हत्या कर दी.

उन्होंने मुख्यमंत्री पिनराई विजयन पर एसडीपीआई की राजनीतिक रूप से मदद करने का आरोप लगाते हुए कहा, ‘राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह से बाधित हो गई है. पुलिस संजीत की हत्या के 24 घंटे बाद भी किसी को गिरफ्तार करने में विफल रही है.’

हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक, उन्होंने कहा, ‘हमने राज्यपाल से मुलाकात की और उनसे सीएम पिनराई विजयन को मामले की जांच एनआईए को सौंपने की सलाह देने का अनुरोध किया, क्योंकि केरल पुलिस और सरकारी अधिकारी दोषियों का समर्थन कर रहे हैं. उन्होंने दोषियों की पहचान कर ली है, लेकिन अब तक किसी के खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया गया है.’

उन्होंने यह भी कहा कि राज्यपाल ने इस मामले में हस्तक्षेप करने का आश्वासन दिया है.

उन्होंने कहा, ‘आरएसएस के थेनेरी मंडल के प्रमुख संजीत (27) को पलक्कड़ के मंबरम में एसडीपीआई के आतंकवादियों ने दिनदहाड़े मार डाला. वह अपनी पत्नी के साथ दोपहिया वाहन में जा रहे थे. हमलावरों ने संजीत का पीछा किया, उनकी मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी और उनकी पत्नी के सामने उनकी हत्या कर दी.’

एक अन्य भाजपा कार्यकर्ता कोप्परा बीजू, जिनकी बीते 31 अक्टूबर को कथित तौर पर एसडीपीआई द्वारा कथित तौर पर हत्या कर दी गई थी, का हवाला देते हुए सुरेंद्रन ने कहा, ‘एसडीपीआई-पीएफआई जैसे इस्लामी आतंकवादी संगठन केरल में राष्ट्रवादी ताकतों के नेताओं को निशाना बना रहे हैं. वे राज्य में सांप्रदायिक सद्भाव को नष्ट करने की कोशिश कर रहे हैं.’

उन्होंने आगे कहा, ‘यह अब सबको पता है कि सत्ताधारी पार्टी माकपा और इस्लामिक आतंकवादी संगठन राज्य में साथ मिलकर काम कर रही हैं. उनका साझा लक्ष्य केरल में राष्ट्रवादी ताकतों का सफाया करना है. उनकी योजना का विरोध किया जाना चाहिए और किसी भी कीमत पर पराजित किया जाना चाहिए.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)