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नोएडा में सीवर की सफाई करने उतरे तीन मजदूरों की दम घुटने से मौत

नोएडा के सेक्टर-110 में सीवर की सफाई करने उतरे तीन मजदूरों की दम घुटने से मौत हो गई. घटना के बाद से नोएडा विकास प्राधिकरण का ठेकेदार फरार.

Sewer PTI

प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई

जानकारी के मुताबिक सेक्टर-110 स्थित मार्केट में स्थित सीवर की साफ-सफाई काम चल रहा है. इस सिलसिले में गुरुवार 21 सितंबर शाम को तीन मज़दूर सीवर की गड्ढे की सफाई करने यहां पहुंचे थे.

पुलिस ने बताया कि तीनों मज़दूर नोएडा विकास प्राधिकरण के ठेकेदारी पर कार्य कर रहे थे. दोपहर तीन बजे एक मज़दूर सीवर के गड्ढे में गया. वह बेहोश हो गया. इसके बाद दूसरा, फिर तीसरा और तीनों बेहोश हो गए.

घटना के बाद पुलिस व दमकल विभाग को भी जानकारी दी गई. फेज-2 पुलिस मौके पर पहुंची. रस्सी की सहायता से तीनों मज़दूरों को बाहर निकालकर उन्हें ज़िला अस्पताल भेजा गया. वहां डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया.

तीन सफाईकर्मियों की पहचान राजेश, विकास और रविंद्र के रूप में हुई है. तीनों मूल रूप से झारखंड के रहने वाले हैं और नोएडा के सेक्टर-9 में रह रहे थे.

नोएडा प्राधिकरण के सीईओ आलोक टंडन ने मृतकों के परिजनों को दस-दस लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की. फेज-2 पुलिस ने शवों को कब्जे में लिया है. मौके पर मौजूद सुपरवाइजर ने इसकी जानकारी ठेकेदार सोहन लाल को दी.

पुलिस ने बताया कि सोहनलाल नोएडा प्राधिकरण द्वारा सफाई कराने के लिए ठेकेदार नियुक्त किया गया था. वह रात से ही फरार है. वह गाजियाबाद का रहने वाला है. पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार बताया कि मामले की जांच की जा रही है और दोषी पाया जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

इससे पहले बीते 18 सितंबर को जेल में बंद स्वयंभू बाबा रामपाल के दो अनुयायियों की बाहरी दिल्ली के मुंडका इलाके में स्थित उसके आश्रम में सेप्टिक टैंक की सफाई करते वक्त मौत हो गई जबकि एक अन्य व्यक्ति घायल हो गया. पुलिस ने लापरवाही से मौत का मामला दर्ज किया है.

अमरजीत (30) और माखनलाल (27) 90 फुट गहरे टैंक में सफाई करने उतरे थे जहां जहरीली गैसों के संपर्क में आए. उन्हें बचाने उतरा मुकेश (25) भी बेहोश हो गए थे. तीनों को अस्पताल ले जाया गया जहां अमरजीत और माखनलाल की मौत हो गई.