भारत

झारखंडः कश्मीरी व्यापारियों से मारपीट, जय श्रीराम कहने को मजबूर किया

मामला रांची का है, जहां महीने में दूसरी बार ऐसी घटना हुई है. इससे पहले 11 नवंबर को डोरंडा में दो कश्मीरी व्यापारियों से मारपीट की गई थी और उन्हें जय श्रीराम और पाकिस्तान मुर्दाबाद कहने को मजबूर किया गया था. हालिया मामले में तीन लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.

रांचीः झारखंड के रांची के डोरंडा में शनिवार सुबह कश्मीरी व्यापारियों के एक समूह पर कथित तौर पर हमला किया गया और उन्हें जबरन जय श्रीराम और पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाने को मजबूर किया गया.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, इस क्षेत्र में इसी तरह की एक घटना लगभग दो हफ्ते पहले भी हुई थी.

पुलिस का कहना है कि मामले में संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया गया है और एफआईआर दर्ज की गई है.

यह पूछने पर कि क्या इन हमलों के पीछ किसी संगठन का हाथ है तो इस पर रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र झा ने बताया, ‘यह जांच का विषय है.’

एसएसपी ने कहा, ‘हमने एक टीम का गठन किया है कि आखिर क्यों शहर में कश्मीरी लोगों के खिलाफ इस तरह की दो घटनाएं हुई हैं. मौजूदा मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है.’

दरअसल यह मामला मूल रूप से जम्मू एवं कश्मीर के रहने वाले और झारखंड के डोरंडा में रह रहे रिजवान अहमद वानी (34) की शिकायत के बाद दर्ज किया गया है. रिजवान और उनके साथी गर्म कपड़े बेचने का काम करते हैं.

उन्होंने पुलिस को बताया कि वह रांची के हरमू इलाके की ओर जा रहे थे कि तभी लगभग 25 लोगों के एक समूह ने उन्हें और उनके दो दोस्तों को घेर लिया. इन लोगों ने उनकी पिटाई की और सांप्रदायिक नारे लगाने को कहा.

उन्होंने कहा, ‘जैसे ही हम कडरु पुल पहुंचे तो 25 लोगों के एक समूह ने हमें घेर लिया और हमसे जय श्रीराम और पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाने को कहा. मेरे सिर पर रॉड से हमला किया गया. मैंने हेलमेट पहना हुआ था, जो इस हमले में टूट गया. मेरे दोस्त भी घायल हुए हैं और मेरी बाइक भी क्षतिग्रस्त हुई है. भीड़ ने हमारा सामान भी लूट लिया.’

वानी ने बताया, ‘यह इस महीने हुई दूसरी घटना है. हम उम्मीद करते हैं कि पुलिस दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करें ताकि हम बिना डर अपना काम कर सकें. इससे व्यवस्था में विश्वास भी पैदा होगा.’

बता दें कि 11 नवंबर को डोरंडा में दो कश्मीरी व्यापारियों से मारपीट की गई थी और उन्हें जय श्रीराम और पाकिस्तान मुर्दाबाद का नारा लगाने को मजबूर किया गया था.