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कॉमेडियन फ़ारूक़ी के ख़िलाफ़ आरोप-पत्र 10 महीने से अटका, सरकार की मंज़ूरी का इंतज़ारः एमपी पुलिस

इस साल जनवरी में भाजपा विधायक के बेटे की शिकायत पर हिंदू देवी-देवताओं पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर इंदौर में हास्य कलाकार मुनव्वर फ़ारूक़ी और चार अन्य लोगों के खिलाफ़ मामला दर्ज किया था. फ़ारूक़ी इंदौर के केंद्रीय जेल में 35 दिन बंद रहे थे. उन्हें उच्चतम न्यायालय से अंतरिम जमानत मिलने के बाद छह फरवरी को रिहा किया गया था.

मुनव्वर फारूकी. (फोटो साभार: फेसबुक)

इंदौर: हिंदू देवी-देवताओं पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर इंदौर में इस साल जनवरी में दर्ज बहुचर्चित मामले में हास्य कलाकार मुनव्वर फ़ारूक़ी और चार अन्य लोगों के खिलाफ पुलिस जिला अदालत में अब तक आरोप-पत्र पेश नहीं कर सकी है.

अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि इस मामले में भारतीय दंड विधान की धारा 295-ए (किसी वर्ग की धार्मिक भावनाओं को आहत करने के इरादे से जान-बूझकर किए गए विद्वेषपूर्ण कार्य) के तहत आरोप-पत्र पेश करने के लिए पिछले 10 महीनों से राज्य सरकार की मंजूरी का इंतजार किया जा रहा है.

इंदौर के तुकोगंज पुलिस थाने के प्रभारी कमलेश शर्मा ने इस बात की पुष्टि की.

उन्होंने फ़ारूक़ी के मामले की ताजा स्थिति पूछे जाने पर बताया, ‘हमने फ़ारूक़ी और चार अन्य लोगों के खिलाफ अदालत में आरोप-पत्र पेश करने की अनुमति के लिए राज्य सरकार को 29 जनवरी को पत्र भेजा था. हमें अभी यह मंजूरी नहीं मिली है.’

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की मंजूरी मिलने के बाद फ़ारूक़ी समेत पांचों लोगों के खिलाफ अदालत में आरोप-पत्र पेश कर दिया जाएगा, क्योंकि मामले में पुलिस की जांच पूरी हो चुकी है.

थाना प्रभारी के अनुसार, दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) के प्रावधानों के मुताबिक भारतीय दंड विधान की धारा 295-ए के तहत दर्ज किसी मामले में अदालत में आरोप-पत्र पेश किए जाने से पहले राज्य सरकार से अनुमति ली जानी कानूनन जरूरी है.

शर्मा ने यह भी बताया कि रविवार (28 नवंबर) को बेंगलुरु में फ़ारूक़ी का शो रद्द किए जाने से पहले कर्नाटक पुलिस ने फ़ारूक़ी के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले का ब्योरा इंदौर पुलिस से मांगा था.

उन्होंने बताया, ‘हमने इंदौर में फ़ारूक़ी के खिलाफ दर्ज मामले की जानकारी बेंगलुरु पुलिस के साथ साझा की थी.’

इन संगठनों का आरोप है कि हास्य कलाकार ने अपने एक कार्यक्रम में हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को चोट पहुंचाई थी.

बता दें कि इंदौर से भाजपा विधायक मालिनी लक्ष्मण सिंह गौड़ के बेटे एकलव्य सिंह गौड़ की शिकायत के बाद बीते एक जनवरी को इंदौर पुलिस ने फारूकी और पांच अन्य- नलिन यादव, एडविन एंथनी, प्रखर व्यास, प्रियम व्यास और नलिन यादव, को गिरफ्तार किया था.

एकलव्य सिंह गौड़ ने मामला दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि इस कार्यक्रम में हिंदू देवी-देवताओं और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर अभद्र टिप्पणियां की गई थीं.

फ़ारूक़ी इंदौर के केंद्रीय जेल में न्यायिक हिरासत के तहत 35 दिन बंद रहे थे. उन्हें मामले में उच्चतम न्यायालय से अंतरिम जमानत मिलने के बाद छह फरवरी को देर रात जेल से रिहा किया गया था.

गौरतलब है कि बेंगलुरु पुलिस ने हिंदू दक्षिणपंथी संगठनों के प्रदर्शन के बीच बीते 28 नवंबर को शहर में फ़ारूक़ी के ‘स्टैंड-अप’ हास्य कार्यक्रम को मंजूरी देने से इनकार कर दिया था.

कॉमेडियन मुनव्वर फ़ारूक़ी ने बताया था कि बीते दो महीने में यह उनका 12वां शो है, जिसे आयोजकों और दर्शकों को दी गईं धमकियों के बाद रद्द किया गया है. इससे पहले गोवा, छत्तीसगढ़ और मुंबई में उनके शो रद्द किए जा चुके हैं.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)