नॉर्थ ईस्ट

असमः सड़क पर हुए विवाद के बाद हुए भीड़ के हमले में छात्र नेता की मौत, दो घायल

घटना जोरहाट की है, जहां 29 नवंबर को ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन के नेता पर राह चलते हुए एक विवाद के बाद कथित तौर पर भीड़ ने हमला किया, जिसके बाद उनकी मौत हो गई. इस दौरान उनके साथ वाहन पर यात्रा कर रहे दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे.

अनिमेश भूयां (फोटो साभारः ट्विटर)

नई दिल्लीः असम के जोरहाट में 29 नवंबर को एक स्थानीय छात्र नेता पर सड़क पर हुए एक  विवाद के बाद कथित तौर पर भीड़ ने हमला किया, जिससे उनकी मौत हो गई. इस दौरान उनके साथ कार में यात्रा कर रहे दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए.

रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस के मुताबिक, इस मामले में 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

नॉर्थईस्ट टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, मृतक की पहचान अनिमेश भूयां (23) के रूप में की गई है, जो ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन (आसू) के गोलाघाट जिले की इकाई के ब्रह्मपुत्र आंचलिक समिति के शिक्षा सचिव हैं.

दरअसल भूयां आसू के दो अन्य कार्यकर्ताओं प्रणय दत्ता और मृदुसमंता बरुआ के साथ कार से सफर कर रहे थे. बरुआ असम के समाचार चैनल प्रतिदिन के संवाददाता हैं.

उनका वाहन दोपहर लगभग दो बजे जोरहाट के निर्मल चरियाली इलाके के ट्रक स्टैंड से गुजरा ही था कि वहां एक बुजुर्ग अपने दोपहिया वाहन से गिर गए. भूयां और उनके साथियों ने बुजुर्ग की मदद के लिए अपना वाहन रोका.

हालांकि, इस बुजर्ग शख्स का दावा है कि इन तीनों के वाहन ने ही उनके दोपहिया को टक्कर मारी, जिससे वह नीचे गिर गए.

इस बुजुर्ग शख्स की पहचान मोहन दास के रूप में की गई है, जो उस समय कथित तौर पर नशे की हालत में थे. इसके बाद दास के बेटे की इन तीनों के साथ बहस हुई, जो बाद में मारपीट में तब्दील हो गई.

जोरहाट के पुलिस अधीक्षक अंकित जैन ने बताया, ‘इस बहस में और भी लोग शामिल हो गए और यह घटना हमले में तब्दील हो गई.’

कुछ न्यूज रिपोर्टों के मुताबिक, भीड़ के इस हमले में पचास लोग शामिल थे और यह हमला लगभग 15 मिनट तक चलता रहा.

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, सोशल मीडिया पर सर्कुलेट वीडियो में दिखाई दे रहा है कि स्थानीय पुलिस के घटनास्थल पर पहुंचने के बाद भी भीड़ तीनों पर हमला कर रही थी.

इसके बाद पुलिस तीनों घायलों को जोरहाट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल ले गई, जहां भूयां को मृत घोषित कर दिया गया. दो अन्य गंभीर रूप से घायल हैं.

गुवाहाटी प्लस की रिपोर्ट के मुताबिक, आसू के एक स्थानीय नेता ने संवाददाताओं को बताया कि उन्हें मदद के लिए एक रिपोर्टर का कॉल आया था कि उन पर भीड़ ने हमला किया है, जिसके बाद आसू कार्यकर्ता कुछ ही मिनटों में घटनास्थल पर पहुंचे और पुलिस को फोन किया.

एक छात्र कार्यकर्ता ने कहा, ‘भीड़ ने एक दुर्घटना को लेकर उनसे मारपीट की. तीनों पीड़ितों का कहना है कि उनकी वजह से दुर्घटना नहीं हुई थी और बुजुर्ग शख्स खुद ही दोपहिया वाहन से गिरे थे और वे बस उनकी मदद करने की कोशिश कर रहे थे.’

गुवाहाटी प्लस ने घायल रिपोर्टर के हवाले से बताया, ‘पुलिस का वाहन आने तक भीड़ ने लगातार अनिमेश की पिटाई जारी रखी और यहां तक कि जब वह मेरी गोद में था, तब तक भीड़ उसे पीट रही थी.’

भूयां की मौत के बाद छात्र संगठन ने 24 घंटों के भीतर अपराधियों को गिरफ्तार करने की मांग की.

29 नवंबर की इस घटना की निंदा करते हुए आसू के महासचिव और अब एक क्षेत्रीय पार्टी के अध्यक्ष लुरिनज्योति गोगोई ने अपराधियों को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की और राज्य पुलिस से यह सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा कि इस तरह की घटनाएं दोबारा नहीं हो.

इससे पहले साल 2018 में दो युवकों की राज्य के कार्बी आंगलोंग जिले में भीड़ के हमले में मौत हो गई थी.

विशेष डीजीपी (कानून एवं व्यवस्था) जीपी सिंह ने 29 नवंबर की रात को ट्वीट कर कहा, ‘अब तक जोरहाट पुलिस ने इस मामले में दस लोगों को गिरफ्तार किया है. उच्चस्तर पर इस जांच की निगरानी की जाएगी.’

बता दें कि ताजा रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस ने अब तक 13 लोगों को गिरप्तार किया है, जिसमें दोपहिया वाहन का चालक बुजुर्ग शख्स और उसका बेटा भी शामिल है.