कैंपस

हैदराबाद विश्वविद्यालय: रोहित वेमुला की पार्टी को मिली छात्रसंघ चुनाव में जीत

आंबेडकर स्टूडेंट एसोसिएशन और स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया के गठबंधन वाली एलायंस फॉर सोशल जस्टिस ने छात्रसंघ के सभी पदों पर जीत हासिल की है.

(रोहित वेमुला की आत्महत्या के बाद प्रदर्शन करते हैदराबाद विश्वविद्यालय के छात्र छात्राएं, फोटो: पीटीआई)

रोहित वेमुला की आत्महत्या के बाद प्रदर्शन करते हैदराबाद विश्वविद्यालय के विद्यार्थी (फोटो: पीटीआई)

हैदराबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में आंबेडकर स्टूडेंट एसोसिएशन और स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया के गठबंधन वाली एलायंस फॉर सोशल जस्टिस (एएसजे) ने 22 सितंबर को आए नतीजों में सभी पदों पर जीत हासिल की है.

जेएनयू और दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रसंघ चुनाव में हार का सामना करने के बाद भाजपा की छात्र इकाई एबीवीपी को हैदराबाद विश्वविद्यालय में भी हार का सामना करना पड़ा.

एनडीटीवी की ख़बर के अनुसार एबीवीपी और एनएसयूआई को हराते हुए एलायंस फॉर सोशल जस्टिस (एएसजे) ने अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, महासचिव, संयुक्त सचिव, सांस्कृतिक सचिव, खेल सचिव और जीएसकैश के सभी पदों पर जीत हासिल की है.

हैदराबाद विश्वविद्यालय के एक विद्यार्थी ने बताया इस चुनाव में सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि चुने गए पैनल में तीन दलित, दो मुस्लिम और एक आदिवासी विद्यार्थी हैं.

नए छात्रसंघ के अध्यक्ष श्रीराग पी और सचिव आरिफ़ अहमद होंगे. श्रीराग क्षेत्रीय अध्ययन में पीएचडी के छात्र हैं. उन्होंने एबीवीपी-ओबीसीए गठबंधन के उम्मीदवार के पालसानीया और एनएसयूआई के अंजू राव को हराकर अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की है.

उपाध्यक्ष पद पर लुनावथ नरेश, महासचिव पद पर आरिफ अहमद संयुक्त सचिव पर मोहम्मद आशिक़ एनपी ने जीत दर्ज की है. वहीं लोलाम श्रवण कुमार खेल सचिव और गंडिति अभिषेक सांस्कृतिक सचिव के नए निर्वाचित पदाधिकारी हैं.

लेकिन इसी बीच अटेंडेंस कम होने की वजह से उपाध्यक्ष पद पर निर्वाचित उम्मीदवार का चुनाव रद्द कर दिया गया. आज तक की ख़बर के अनुसार इस पद पर एएसजे उम्मीदवार ने जीत दर्ज की थी, लेकिन उनकी उपस्थिति कम होने की वजह इस पद का चुनाव रद्द कर दिया गया.

छात्रों ने उपाध्यक्ष पद का चुनाव के अयोग्य घोषित करने के ख़िलाफ़ विरोध-प्रदर्शन किया, इसी कारण से चुनाव आयोग ने अभी तक परिणामों की आधिकारिक घोषणा नहीं की है.

हैदराबाद विश्वविद्यालय जनवरी 2016 में रोहित वेमुला की आत्महत्या के बाद सुर्खियों में आया था. देशभर में छात्र-छात्राओं ने कैंपस में होने वाले जातीय भेदभाव के ख़िलाफ़ विरोध-प्रदर्शन किए थे.

ज्ञात हो कि रोहित वेमुला आंबेडकर स्टूडेंट एसोसिएशन से जुड़े हुए थे और आत्महत्या के पहले लिखे पत्र में जाति के आधार पर भेदभाव के अनुभव और हॉस्टल से निकाले जाने की बात लिखी थी.