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लखीमपुर हिंसा: केंद्रीय मंत्री के ख़िलाफ़ अलग से प्राथमिकी की मांग करने वाली याचिका खारिज़

बीते अक्टूबर को लखीमपुर खीरी ज़िले में हुई हिंसा में जान गंवाने वाले आठ लोगों में निजी टीवी चैनल के लिए काम करने वाले पत्रकार रमन कश्यप भी शामिल थे. रमन के भाई ने एक याचिका में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा, उनके बेटे आशीष व अन्य के ख़िलाफ़ अलग से प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की थी.

अजय मिश्रा. (फोटो: पीटीआई)

लखीमपुर खीरी: लखीमपुर खीरी की एक अदालत ने पत्रकार रमन कश्यप की मौत के मामले में केंद्रीय राज्यमंत्री (गृह) अजय मिश्रा, उनके बेटे आशीष और अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के लिए पुलिस को निर्देश देने की मांग वाली एक याचिका को मंगलवार को खारिज कर दिया.

यह याचिका कश्यप के भाई पवन ने दायर की थी.

लखीमपुर खीरी जिले के तिकुनिया क्षेत्र में तीन अक्टूबर को हुई हिंसा में चार किसानों समेत आठ लोगों की मौत हो गई थी.

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, पत्रकार का परिवार उनकी मौत के संबंध में एक अलग मामला दर्ज कराना चाहता था और उसने पुलिस को मिश्रा और उनके बेटे के खिलाफ मामला दर्ज करने का निर्देश देने की मांग की थी.

पवन ने आरोप लगाया कि पुलिस द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी में रमन के नाम का कोई उल्लेख नहीं है, इसलिए वह एक अलग प्राथमिकी दर्ज करना चाहता है.

वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी (लखीमपुर खीरी) एसपी यादव ने कहा, ‘मंगलवार को अदालत ने पवन कश्यप की याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें मामले में प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश देने की मांग की गई थी.’

न्यूज़ 18 के मुताबिक, तिकुनिया पुलिस ने अपनी दलील में अदालत को बताया था कि इस मामले की पहले ही मुकदमा अपराध संख्या 219/2021 में विवेचना हो रही है. इसी आधार पर अदालत ने केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा टेनी के खिलाफ अलग एफआईआर दर्ज करने संबंधित याचिका खारिज कर दी.

पुलिस इस मामले में अब तक अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा समेत 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है. फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट में मुख्य अभियुक्त आशीष मिश्रा की राइफल और दो अन्य हथियारों से गोली चलाए जाने की पुष्टि हुई है.

गौररलब है कि लखीमपुर खीरी के सांसद और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा ‘टेनी’ के विरोध में पिछले महीने तीन अक्टूबर को वहां के आंदोलित किसानों ने उनके (टेनी) पैतृक गांव बनबीरपुर में आयोजित एक समारोह में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के जाने का विरोध किया था. इसके बाद भड़की हिंसा में चार किसानों समेत आठ लोगों की मौत हो गई थी.

उस समय केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के विरोध में करीब एक साल से आंदोलन कर रहे किसानों की नाराजगी केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा ‘टेनी’ के उस बयान के बाद और बढ़ गई थी, जिसमें उन्होंने किसानों को ‘दो मिनट में सुधार देने की चेतावनी’ और ‘लखीमपुर खीरी छोड़ने’ की चेतावनी दी थी.

गाड़ी से कुचल जाने से मृत किसानों की पहचान- गुरविंदर सिंह (22 वर्ष), दलजीत सिंह (35 वर्ष), नक्षत्र सिंह और लवप्रीत सिंह के रूप में की गई थी.

हिंसा में भाजपा के दो कार्यकर्ता- शुभम मिश्रा और श्याम सुंदर निषाद, केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा के ड्राइवर हरिओम मिश्रा और एक निजी टीवी चैनल के लिए काम करने वाले पत्रकार रमन कश्यप की भी मौत हुई थी.

किसानों का आरोप है कि आशीष मिश्रा ने किसानों को अपनी गाड़ी से कुचला. हालांकि केंद्रीय गृह राज्यमंत्री ने इस बात से से इनकार किया है.