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राजस्थान: पांच छात्राओं ने प्रिंसिपल समेत 15 शिक्षकों पर गैंगरेप का आरोप लगाया, केस दर्ज

मामला अलवर ज़िले के एक सरकारी स्कूल का है. पुलिस ने बताया कि स्कूल के पूरे स्टाफ को प्राथमिकी में आरोपी बनाया गया है और मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित हुई है. छात्राओं के परिजनों ने मेडिकल जांच कराने से इनकार कर दिया है, अब उनके बयान अदालत में दर्ज किए जाएंगे.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

जयपुर: राजस्थान के अलवर जिले के एक सरकारी स्कूल की पांच छात्राओं ने अपने स्कूल के प्रधानाध्यापक सहित 15 शिक्षकों के खिलाफ यौन उत्पीड़न एवं सामूहिक बलात्कार का आरोप लगाया है.

पुलिस ने स्कूल के पूरे स्टाफ के खिलाफ भादसं की संबद्ध धाराओं एवं पॉक्सो अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है और मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल गठित किया है.

पुलिस को संदेह है कि यह स्कूल के एक पूर्व अध्यापक का बदला लेने का काम हो सकता है. इस अध्यापक को पिछले वर्ष तीन लड़कियों के साथ छेड़छाड़ के मामले में गिरफ्तार किया गया था.

भिवाड़ी के पुलिस अधीक्षक राममूर्ति जोशी ने कहा कि मामले की गहन जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है.

उन्होंने बताया कि अलवर के भिवाड़ी के मांढण थाने में मंगलवार रात पांच महिला सहित 15 शिक्षकों के खिलाफ तीन प्राथमिकी दर्ज की गई थी.

उन्होंने बताया कि स्कूल के पूरे स्टाफ को प्राथमिकी में आरोपी बनाया गया है. मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है. छात्राओं के परिजनों ने मेडिकल जांच कराने से इनकार कर दिया है और उनके बयान अदालत में दर्ज किए जाएंगे और मामले की गहन जांच की जाएगी.

उन्होंने कहा कि प्रथमदृष्या में मामला गवाहों के उत्पीड़न का लगता है.

उन्होंने कहा, ‘स्कूल का एक निलंबित शिक्षक को पिछले साल दिसंबर में तीन छात्राओं के साथ छेड़छाड़ की शिकायत पर गिरफ्तार किया गया था. मामले की जांच चल रही है और पुलिस ने अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है. बीती रात प्राथमिकी में दर्ज किए सभी कर्मचारियों ने उस शिक्षक के खिलाफ बयान दिया था. निलंबित शिक्षक को हाल ही में जमानत मिली हैं.’

उन्होंने कहा कि प्राथमिक जांच से पता चला है कि शिक्षक ने पांच छात्राओं के परिवार के सदस्यों को स्कूल के कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज करने के लिए राजी किया और वह उन्हें इस उद्देश्य से मंगलवार रात थाने ले गया हालांकि वह स्वयं थाने में नहीं गया.

उन्होंने बताया, ‘मैंने गांव में जाकर ग्रामीणों और परिवार के सदस्यों से बात की. प्राथमिक जांच के आधार पर यह गवाहों के उत्पीड़न का मामला प्रतीत होता है. एसआईटी मामले की जांच करेगी और जांच के नतीजे के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी.’

मांढ़ण के थानाधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि नाबालिग लड़कियों ने आरोप लगाया है कि शिक्षक, महिला शिक्षिका की मदद से उनके साथ बलात्कार करते थे. अलग-अलग आरोपियों के खिलाफ तीन प्राथमिकी दर्ज की गई हैं.

उन्होंने कहा कि एक प्राथमिकी में पीड़ित दो बहनें हैं जबकि अन्य दो मामलों में एक-एक पीड़ित है.

वहीं, पुलिस के आला अधिकारी बुधवार को स्कूल और गांव पहुंचे और ग्रामीणों से बात की. पुलिस के अनुसार, ‘पूर्व शिक्षक की भूमिका सामने आई है. आशंका है कि उसने कर्मचारियों के खिलाफ साजिश रची. हालांकि मामले की गहनता से जांच की जा रही है.’

वहीं मामला सामने आने के बाद भाजपा के नेताओं ने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा. पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने भी ऐसे मामलों सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया, जबकि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने अलवर के जिला कलेक्टर और भिवाड़ी के पुलिस अधीक्षक से बात कर मामले की जानकारी ली.

एक बयान के अनुसार पूनिया ने आरोपियों के खिलाफ कानून सख्त कार्रवाई की मांग की है.

साथ ही पूनिया ने राज्य सरकार से मांग की है कि इस मामले पर तुरंत संज्ञान लेकर पीड़िता व उनके परिवार को न्याय सुनिश्चित करें और बलात्कारियों के खिलाफ कानूनन कड़ी कार्रवाई हो.

सतीश पूनिया ने आरोप लगाया कि राज्य में कानून-व्यवस्था पटरी से उतर गई है और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को इसे बहाल करने पर ध्यान देना चाहिए.

पूनिया ने कहा कि गहलोत, जिनके पास गृह मंत्रालय भी है, अगर वह महिलाओं को सुरक्षित वातावरण नहीं दे सकते हैं तो उन्हें पद छोड़ देना चाहिए.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)