राजनीति

खुले में नमाज़ पढ़ने की प्रथा को ‘बर्दाश्त नहीं’ किया जाएगा: मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर

हरियाणा के मनोहर लाल खट्टर ने यह भी कहा कि जिला प्रशासन के खुले स्थानों पर नमाज़ के लिए कुछ स्थानों को आरक्षित करने का पूर्व निर्णय वापस ले लिया गया है और राज्य सरकार अब इस मुद्दे का सौहार्दपूर्ण समाधान निकालेगी. गुड़गांव में पिछले कुछ महीनों में कुछ हिंदू संगठनों के सदस्य उन जगहों पर इकट्ठा हो जाते हैं, जहां मुस्लिम खुले स्थान पर नमाज़ अदा करते हैं और ‘भारत माता की जय’ और ‘जय श्री राम’ के नारे लगाते हैं.

Rohtak: Haryana Chief Minister Manohar Lal interacts with the youths at a programme, in Rohtak on Sunday, June 3, 2018. (PTI Photo) (PTI6_3_2018_000132B)

मनोहर लाल खट्टर. (फोटो: पीटीआई)

चंडीगढ़: हरियाणा के गुड़गांव शहर में खुले स्थानों पर जुमे की नमाज अदा करने पर कई हिंदू संगठनों द्वारा आपत्ति जताए जाने के बीच राज्य के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि खुले में नमाज पढ़ने की प्रथा को ‘बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.’

खट्टर ने यह भी कहा कि जिला प्रशासन के खुले स्थानों पर नमाज के लिए कुछ स्थानों को आरक्षित करने का पूर्व निर्णय वापस ले लिया गया है और राज्य सरकार अब इस मुद्दे का सौहार्दपूर्ण समाधान निकालेगी.

मुख्यमंत्री ने गुड़गांव में शुक्रवार को खुले स्थानों पर नमाज अदा करने पर कई दक्षिणपंथी संगठनों द्वारा उठाई गईं आपत्तियों को लेकर एक सवाल के जवाब में गुड़गांव में संवाददाताओं से कहा, ‘यहां (गुड़गांव) खुले में नमाज पढ़ने की प्रथा बर्दाश्त नहीं की जाएगी, लेकिन हम सौहार्दपूर्ण समाधान निकालेंगे.’

खट्टर ने कहा, ‘सभी को (प्रार्थना करने के लिए) सुविधा मिलनी चाहिए, लेकिन किसी को भी दूसरों के अधिकारों का उल्लंघन नहीं करना चाहिए. इसकी अनुमति नहीं दी जाएगी.’

खुले स्थानों पर नमाज के लिए कुछ स्थान निर्धारित करने के जिला प्रशासन के फैसले को वापस लेने पर उन्होंने कहा, ‘हमने पुलिस और उपायुक्त से कहा है कि इस मुद्दे को सुलझाया जाए.’

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री खट्टर ने आगे कहा, ‘इसके समाधान के लिए हर कोई अपने-अपने स्थान पर नमाज अदा करता है, कोई नमाज पढ़ता है, कोई पाठ करता है, कोई पूजा करता है, हमें इससे कोई आपत्ति नहीं है और धार्मिक स्थलों का निर्माण केवल इन्हीं उद्देश्यों के लिए किया जाता है, ताकि वहां पूजा-अर्चना की जा सके. खुले में इस तरह की प्रथा नहीं होनी चाहिए, यहां खुले में नमाज पढ़ने की यह प्रथा बर्दाश्त नहीं की जाएगी.’

मुख्यमंत्री गुड़गांव के पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में गुड़गांव महानगर विकास प्राधिकरण की बैठक की अध्यक्षता करने के बाद बोल रहे थे.

मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि समुदाय के साथ चर्चा के बाद इस मुद्दे का सौहार्दपूर्ण समाधान निकाला जाएगा.

उन्होंने कहा है, ‘उनके पास कई जगहें हैं, जहां उन्हें अनुमति दी जानी चाहिए. उनकी कुछ संपत्तियां या वक्फ बोर्ड के अधीन आने वाली जमीनों पर अतिक्रमण है, उन्हें कैसे उपलब्ध कराया जा सकता है, इस पर चर्चा की जा रही है. या तो वे अपने घरों में नमाज अदा कर सकते हैं. खुले में नमाज अदा करना और इससे हो रहे टकराव को हम जारी नहीं रहने देंगे.’

उन्होंन कहा, ‘परामर्श के बाद पहले एक निर्णय लिया गया था, लेकिन उस निर्णय, जिसमें कुछ स्थान (नमाज के लिए) आरक्षित किए गए थे, को हमने वापस ले लिया है. अब फिर नए सिरे से बातचीत की जाएगी. सभी को सुविधा मिलनी चाहिए. किसी के अधिकारों का हनन नहीं होना चाहिए, लेकिन किसी के साथ जबरदस्ती नहीं की जाएगी.’

गुड़गांव शहर में पिछले कुछ महीनों में कुछ हिंदू संगठनों के सदस्य उन जगहों पर इकट्ठा हो जाते हैं, जहां मुस्लिम समुदाय के लोग खुले स्थान पर ‘नमाज’ अदा करते हैं और ‘भारत माता की जय’ और ‘जय श्री राम’ के नारे लगाते हैं.

रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार को मुख्यमंत्री जब ये बयान दे रहे थे तो उसी दौरान कुछ स्थानीय निवासियों और हिंदुत्व समर्थक समूहों के सदस्यों ने सेक्टर 37 पुलिस स्टेशन के बाहर के क्षेत्र पर कब्जा कर लिया था, जिसे नमाज के लिए निर्धारित किया गया था.

उन्होंने बीते आठ दिसंबर में एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में सीडीएस बिपिन रावत, उनकी पत्नी और अन्य रक्षाकर्मियों के निधन पर शोक व्यक्त करने के लिए एक शोक सभा आयोजित की थी.

पुलिस की तैनाती के बावजूद शुक्रवार को समूह ने ‘जय श्री राम’ और ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाते हुए ट्रक और वाहन उस जमीन पर खड़े कर दिए.

रिपोर्ट के अनुसार एक छोटा समूह जब वहां नमाज अदा करने के पहुंचा तो खांडसा, मोहम्मदपुर झारसा, बेगमपुर खटोला और आसपास के गांवों के लोगों ने उन्हें वहां से जाने को कहा, जिसके बाद दोनों पक्षों में बहस भी हुई.

इसके अलावा शुक्रवार गुड़गांव के सेक्टर 44 और सेक्टर 29 में भी मुसलमानों को जुमे की नमाज अदा नहीं करने दी गई. ये समूह पहले भी निर्धारित स्थलों पर नमाज को बाधित कर चुके हैं.

नवंबर के आखिरी हफ्ते में कई गांवों के लोग उस विशिष्ट स्थान पर पहुंच गए थे, जो सेक्टर 37 थाने के पास है. इन लोगों ने यहां हवन किया था और दावा किया था यह मुंबई आतंकी हमले के शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए किया जा रहा है.

एक महीने पहले भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने गुड़गांव के सेक्टर 12 ए के उस स्थान पर गोवर्धन पूजा में शिरकत की थी, जहां मुसलमान हर हफ्ते नमाज अदा करते हैं.

शहर में सार्वजनिक स्थानों पर नमाज के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों को संयुक्त हिंदू संघर्ष समिति द्वारा आयोजित इस गोवर्धन पूजा में सम्मानित भी किया गया था.

मालूम हो कि हिंदुत्ववादी समूहों के समर्थक और सदस्य पिछले कुछ महीने से अधिक समय से प्रत्येक शुक्रवार को गुड़गांव में नमाज स्थलों पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.

इसके बाद हिंदुत्ववादी संगठनों के दबाव के बीच गुड़गांव जिला प्रशासन ने बीते तीन नवंबर को 37 निर्धारित स्थलों में से आठ स्थानों पर नमाज अदा करने की अनुमति रद्द कर दी थी.

साल 2018 में भी गुड़गांव में खुले में नमाज अदा कर रहे मुस्लिमों पर लगातार हमले हुए थे. कुछ लोगों ने सार्वजनिक स्थानों पर नमाज अदा कर रहे मुस्लिमों पर हमला किया था और उनसे कथित तौर पर जय श्रीराम के नारे लगवाए थे.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)