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बिहार: पंचायत चुनाव में वोट न देने का आरोप लगा दलितों पर अत्याचार करने वाला गिरफ़्तार

बिहार के औरंगाबाद ज़िले के अंबा थाना क्षेत्र का मामला है. आरोपी बलवंत सिंह ने डुमरी पंचायत के मुखिया पद का चुनाव लड़ा था, लेकिन हार गए थे. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में आरोपी कथित तौर पर कुछ लोगों को ज़मीन पर थूकने और चाटने के लिए मजबूर करते, जूतों से पीटते हुए जातिसूचक अपशब्द कहते नज़र आ रहे हैं.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

औरंगाबाद: बिहार में संपन्न हुए पंचायत चुनाव में हारे एक प्रत्याशी को गांव के कुछ दलितों पर अत्याचार करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. आरोपी अपनी हार के लिए दलितों को जिम्मेदार मान रहा था. पुलिस ने बीते सोमवार को यह जानकारी दी.

उन्होंने बताया कि यह मामला दक्षिणी बिहार के औरंगाबाद जिले के अम्बा पुलिस थाने का है, जहां के डुमरी पंचायत में ‘मुखिया’ पद पर लड़े बलवंत सिंह की हार हुई थी.

औरंगाबाद सब डिविजन के प्रभारी और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) शिव कुमार राव ने बताया, ‘यह मामला सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से प्रकाश में आया, जिसमें आरोपी कथित रूप से कुछ लोगों को जमीन पर थूकने के बाद उसे चाटने के लिए मजबूर करते, जूते से उन्हें मारते और उनकी जाति का संदर्भ देते हुए अपशब्द कहते दिख रहा है.’

उन्होंने बताया कि वीडियो की सामग्री की सच्चाई जांची जा रही है, जिसमें आरोपी शिकायत करता नजर आ रहा है कि ‘तुम सभी ने मेरी ओर से उपहार में दी गई शराब पी, लेकिन इसके बावजूद मुझे मत नहीं दिया.’

उल्लेखनीय है कि बिहार में शराब पर पूरी तरह से रोक है.

हालंकि, सिंह ने पुलिस को बताया कि वह ‘शराब के नशे में हंगामा कर रहे लोगों को दंडित कर रहे थे. उन्होंने (पीड़ितों ने) नशा उतरने के बाद मेरे खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई.’

पुलिस ने बताया कि इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई है और जांच जारी है.

लाइव हिंदुस्तान के मुताबिक, वीडियो में दिख रहे युवकों की पहचान अनिल कुमार भुईया और मंजीत भुईया के रूप में हुई है, जिसमें से मंजीत के बयान के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की गई है.

वहीं, मुखिया प्रत्याशी का कहना है कि युवक शराब पीकर हंगामा कर रहे थे. दूसरी ओर ग्रामीणों का कहना है कि मतगणना के दिन से ही यह वीडियो वायरल हो रहा है.

टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, चुनाव के परिणाम 10 दिसंबर को घोषित किए गए थे. अंबा थाना प्रभारी नरेंद्र कुमार ने कहा कि बलवंत सिंह को पुलिस को मिले वायरल वीडियो के आधार पर गिरफ्तार किया गया है.

नरेंद्र ने कहा, ‘वीडियो में डुमरी पंचायत के मुखिया पद के लिए चुनाव लड़ने वाले बलवंत सिंह कुछ लोगों को पीटते और उन्हें थूक चाटने के लिए मजबूर करते हुए दिखाई दे रहे हैं. पुलिस ने वीडियो की पुष्टि की और घटना को सही पाया है.’

पुलिस के मुताबिक, बलवंत ने खरंती टोला भुइयां बीघा के मतदाताओं को उनके पक्ष में वोट नहीं देने पर परेशान किया था.

औरंगाबाद जिले के जनसंपर्क अधिकारी कृष्ण कुमार ने कहा कि समाज कल्याण विभाग ने एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत पीड़ितों में से एक अनिल भुइया को 2 लाख रुपये का मुआवजा दिया है और आंशिक रूप से 50,000 रुपये का भुगतान किया है. शेष राशि का भुगतान प्राथमिकी दर्ज होने के बाद किया जाएगा. दूसरे पीड़ित के खिलाफ लगे आरोपों की जांच की जा रही है.