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किसी का पैर काटना और उसे सड़क पर फेंकना डरावना है: केरल हाईकोर्ट

केरल के तिरुवनंतपुरम ज़िले के पोथनकोड इलाके में बीते 11 दिसंबर को 12 हमलावरों ने एक शख़्स की हत्या कर उसका पैर काट दिया था. ये शख़्स हत्या के आरोप में वांछित था. अस्पताल में इलाज के दौरान इसकी मौत हो गई थी. अदालत ने कहा कि हमलावर संभवत: नशीले पदार्थों के आदी रहे होंगे. हम किस दिशा में बढ़ रहे हैं.

(फोटो साभार: swarajyamag.com)

कोच्चि: केरल उच्च न्यायालय ने एक घटना के आधार पर राज्य के हालात को ‘डरावना’ बताया है, जिसमें एक शख्स पर 12 लोगों ने हमलाकर और उसका पैर काटकर सड़क पर फेंक दिया था और घटनास्थल से भाग गए थे. अस्पताल में हत्या के मामले में वांछित इस शख्स, जिसकी पहचान सुधीश के रूप में हुई, की मौत हो गई थी.

न्यायाधीश दीवान रामाचंद्रन ने कहा, ‘लोग किसी का पैर काटकर सड़क पर फेंक रहे हैं, यह डरावना है. वे (हमलावर) संभवत: नशीले पदार्थों के आदी रहे होंगे और उन्होंने किसी नशीले पदार्थ का सेवन किया होगा. हम किस दिशा में बढ़ रहे हैं.’

उच्च न्यायालय ने राज्य में अनुसूचित जाति और जनजाति को भूमि आवंटन से संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की.

अदालत ने सुनवाई के दौरान कहा कि सरकार जब यह कह रही है कि वह इन लोगों को घर मुहैया कराएगी, तो उनकी आजीविका का स्रोत कैसे सुनिश्चित किया जाएगा?

इसके साथ ही इस ओर भी ध्यान दिलाया गया कि केरल में काम करने वाले 50 लाख से अधिक लोग दूसरे राज्यों से हैं, लेकिन राज्य के अपने लोगों के पास नौकरी नहीं है.

तिरुवनंतपुरम जिले के पोथनकोड इलाके में बीते 11 दिसंबर को 12 हमलावरों ने एक शख्स की हत्या कर उसका पैर काट दिया था, ये शख्स हत्या के आरोप में वांछित था.

पुलिस ने हाल ही में बताया कि इस मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, शनिवार (11 दिसंबर) को हमलावरों ने पोथेनकोड में पीड़ित का पीछा किया, जहां वह अपने एक दूर के रिश्तेदार के घर रह रहा था.

घर के मालिक ने मीडिया को बताया कि जब पीड़ित ने देखा एक गिरोह उसका पीछा कर रहा है तो वह उसके घर में भागा, लेकिन हमलावर भी उस घर में घुस गए और उस पर कई बार हमला किया और कई लोगों के सामने उसका पैर काट दिया. इस घटना के समय वहां बच्चे भी मौजूद थे.

घर के मालिक ने बताया कि पीड़ित उसकी पत्नी का दूर का रिश्तेदार था और काम की तलाश में उनके पास आया था.

पुलिस ने बताया कि पीड़ित को तिरुवनंतपुरम मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका. पुलिस ने साथ ही बताया कि हमलावर घटनास्थल से भाग गए और उन्होंने कटे हुए पैर को सड़क पर फेंक दिया.

इंडिया टुडे के मुताबिक, पुलिस ने इस जघन्य हत्या के आरोप में छह लोगों को हिरासत में लिया है. आरोपियों में से एक ऑटो-रिक्शा चालक रंजीत है, जिसने अपराधियों को घटनास्थल तक पहुंचाया था.

रिपोर्ट के मुताबिक, उन्हें वंचियूर में उनकी पत्नी के घर से गिरफ्तार किया गया था. सीसीटीवी फुटेज से उनकी गाड़ी को देखा गया था, जिससे पुलिस उन्हें ट्रैक कर सकी. वीडियो में देखा जा सकता है कि वह वाहन में मौजूद हथियारों से छुटकारा पाने की कोशिश कर रहे हैं.

हिरासत में लिए गए अन्य लोगों में सदावट्टोम निवासी निधीश (24 वर्ष), नंदीश (22 वर्ष), वेंजारामूडु निवासी सचिन, अरुण और सूरज हैं. विभिन्न स्टेशनों से वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के नेतृत्व में एक जांच दल कथित गिरोह के नेता ओट्टकम राजेश और उसके साथी अज़ूर उन्नी की तलाश कर रहा है.

11 दिसंबर को मारे गए सुधीश (35 वर्ष) के खिलाफ भी कई आपराधिक मामले हैं. वह पिछले हफ्ते मंगलापुरम में एक युवक की हत्या के प्रयास के बाद से लापता था. पुलिस को शक है कि यह हत्या जवाबी कार्रवाई में की गई है.

घटना शनिवार दोपहर करीब 2.30 बजे वेंगोडे के पास हुई. अपराधियों ने उस घर पर हमला किया जहां सुधीश रह रहा था, उस पर बम से हमला किया और उसकी हत्या करने से पहले वहां के निवासियों को धमकाया गया.

इस बीच, पुलिस ने रिक्शा और मोटरसाइकिल सहित अपराधियों के वाहनों को जब्त कर लिया है. हत्या के पीछे 12 सदस्यीय गिरोह का आपराधिक इतिहास रहा है. पुलिस जिला क्राइम ब्रांच की मदद से इन्हें गिरफ्तार करने का प्रयास कर रही है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)