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गुजरातः पेपर लीक के ख़िलाफ़ प्रदर्शन करने पर गिरफ़्तार 93 आप सदस्यों समेत कई छात्र चार दिन से जेल में

गुजरात में क्लेरिकल स्टाफ की भर्तियों के लिए 12 दिसंबर को परीक्षा हुई थी, जिसका प्रश्नपत्र लीक हो गया था. इसके विरोध में 20 दिसंबर को छात्रों सहित आम आदमी पार्टी के लगभग 500 समर्थकों ने गांधीनगर में भाजपा के श्री कमलम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया था, जिन्हें गिरफ़्तार कर लिया गया था.

(फोटोः पीटीआई)

अहमदाबादः गुजरात में सरकारी परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने के आरोप में अहमदाबाद में भाजपा मुख्यालय के बाहर विरोध कर रहे कॉलेज के दस छात्रों सहित आम आदमी पार्टी के 93 सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया है और वे बीते चार दिनों से साबरमती सेंट्रल जेल में बंद हैं.

आम आदमी पार्टी के नेताओं और अदालत के दस्तावेजों के मुताबिक, ये सभी गुजरात सरकार द्वारा क्लेरिकल स्टाफ की भर्तियों के लिए परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने का विरोध कर रहे थे.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, इन सभी पर आपराधिक साजिश सहित आईपीसी की 22 धाराओं और महामारी रोग अधिनियम एवं सार्वजनिक संपत्ति नुकसान की रोकथाम अधिनियम के तहत आरोप लगाए गए हैं.

इस समूह के 65 पुरुष आरोपियों पर यौन उत्पीड़न के आरोप भी लगाए गए हैं.

पार्टी के वकील के मुताबिक, 28 महिला आरोपियों को शुक्रवार को सशर्त जमानत मिल गई और उन्हें जल्द ही रिहा कर दिया जाएगा.

अदालती दस्तावेजों के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए छह लोग 18 से 19 साल की उम्र के बीच है.

आम आदमी पार्टी के नेताओं का कहना है कि गिरफ्तार किए गए दस में से चार आम आदमी पार्टी की छात्र युवा संघर्ष समिति (सीवाईएसएस) के सदस्य हैं जबकि छह इसकी युवा इकाई के सदस्य हैं.

सीवाईएसएस के गिरफ्तार सदस्यों में इंस्टीट्यूट ऑफ इन्फ्रास्ट्रक्चर टेक्नोलॉजी रिसर्च एंड मैनेजमेंट के इंजीनियरिंग छात्र यतिन जियानी (19), लोकमान्य ग्रुप ऑफ कॉलेज के कंप्यूटर एप्लिकेशंस के छात्र अनमोल वघासिया (18), न्यू एलजे ग्रुप ऑफ कॉलेज के बीबीए छात्र अनुज शाह (19) हैं. ये सभी अहमदाबाद के हैं.

युवा विंग के सदस्यों में महेंद्रसिंह जाला (19), हरेश सोलंकी (19) और माहिर शेख (19) हैं.

यतिन के पिता अरविंद जियानी का कहना है, ‘हमने टीवी पर अपने बेटे की गिरफ्तारी की खबर सुनी. वह प्रदर्शन स्थल पर पार्टी के अन्य कार्यकर्ताओं के साथ गया था. हमें उसके राजनीतिक जुड़ाव की जानकारी थी.’

अनमोल के पिता जूनागढ़ में रहते हैं इसलिए उनसे संपर्क नहीं हो पाया जबकि अनुज के परिजनों ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया.

गिरफ्तार किए गए लोगों में सीवाईएसएस की राज्य इकाई के अध्यक्ष धार्मिक मथुकिया (21), अभिषेक सोलंकी (22), सीवाईएसएस की राज्य इकाई के उपाध्यक्ष का कहना है, ‘पुलिस ने 18 साल के बच्चों के खिलाफ इस तरह की सख्त कार्रवाई क्यों की? उन पर 22 धाराओं के तहत मामला क्यों दर्ज किया? हम अपने लिए बेहतर भविष्य बनाने की कोशिश कर रहे हैं. हम विधायक या सांसद नहीं बनना चाहते. हम यह चाहते हैं कि इस तरह प्रश्नपत्र लीक नहीं हो और हमारा भविष्य बर्बाद नहीं हो.’

एफआईआर के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 120बी (आपराधिक साजिश), 354ए (यौन उत्पीड़न) 323 (चोट पहुंचाने) और 353 (सरकारी कर्मचारी पर हमला) के तहत आरोप लगाए.

बचाव पक्ष के वकीलों का कहना है कि इन सभी आरोपों को लेकर सात साल तक की कैद हो सकती है.

आम आदमी पार्टी के वकील प्रणव ठक्कर ने कहा, ‘आज हमने इस शर्त पर 28 महिलाओं के लिए जमानत हासिल की है कि उनके पासपोर्ट जब्त किए जाएंगे और वे गांधीनगर में इंफोसिटी पुलिस थाने के अधिकार क्षेत्र में प्रवेश नहीं कर सकते. बाकी बचे 65 पुरुष आरोपियों की जमानत पर सुनवाई सोमवार को होगी.’

बता दें कि 20 दिसंबर को छात्रों सहित आम आदमी पार्टी के लगभग 500 समर्थकों ने गांधीनगर में भाजपा के श्री कमलम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया.

उन्होंने भाजपा नेता और गुजरात अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड के चेयरमैन असित वोरा को हटाने की मांग की. वोरा ने हेड क्लर्क की नियुक्तियों के लिए परीक्षा आयोजित की थी.

यह लिखित परीक्षा 12 दिसंबर को हुई थी, जिसमें 186 रिक्तियों के लिए 88,000 उम्मीदवारों ने भाग लिया था.

आम आदमी पार्टी का आरोप है कि प्रश्नपत्र लीक किया गया और 8 से 12 लाख में बेचे गए. सरकार ने बाद में परीक्षा रद्द कर दी और मार्च 2022 में दोबारा परीक्षा निर्धारित की. पुलिस ने इस रैकेट के 18 आरोपियों को गिरफ्तार किया.

सोमवार को हुए इस प्रदर्शन के बाद आम आदमी पार्टी और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई, जिसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया.

एक महिला भाजपा कार्यकर्ता की शिकायत के आधार पर गांधीनगर पुलिस ने आम आदमी पार्टी के राज्य इकाई के अध्यक्ष गोपाल इटालिया, महिला इकाई की अध्यक्ष गौरी देसाई, युवा इकाई के अध्यक्ष निखिल सवानी, वरिष्ठ नेताओं इसुदान गढ़वी, हसमुख पटेल और 500 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की.

सोमवार रात को आम आदमी पार्टी के 93 सदस्यों को गिरफ्तार किया गया और उन्हें साबरमती जेल में न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.

एफआईआर में कहा गया, ‘गोपाल इटालिया, इसुदान गढ़वी, महेश सवानी और अन्य सहित आम आदमी पार्टी के कई कार्यकर्ताओं ने सीवाईएसएस का बैनर अपने हाथों में थामे कमलम ऑफिस के मेन गेट को तोड़ने की कोशिश की. गढ़वी नशे की हालत में थे, उनके मुंह से दुर्गंध आ रही थी. पुलिस औ भाजपा कार्यकर्ताओं की कई चेतावनियों के बावजूद आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता गेट तोड़कर जबरन इमारत परिसर में गुसे औऱ भाजपा कार्यकर्ताओं का रास्त रोक लिया और लकड़ी के डंडों से उन पर हमला किया.’

आरोप है कि आप कार्यकर्ताओं ने पुलिसकर्मियों पर भी हमला किया और उनके वाहनों को नुकसान पहुंचाया.

पहचान उजागर न करने की शर्त पर सीवाईएसएस सदस्य ने कहा, ‘हम शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे थे कि तभी भाजपा कार्यकर्ताओं और पुलिस ने हम पर हमला करना शुरू कर दिया. हमारे कई कार्यकर्ता पार्क की गई उन बसों की और दौड़े, जिसमें वे आए थे. मैं मौके से भागा, बाद में पुलिस ने हमारी बस को रोका और बस के अंदर बैठे सभी लोगों को गिरफ्तार कर लिया.’

हालांकि, आम आदमी पार्टी ने इस घटना को लेकर कोई जवाबी शिकायत दर्ज नहीं कराई है.

सीवाईएसएस के सदस्य और एलडी आर्ट्स कॉलेज में राजनीतिक विज्ञान के द्वितीय वर्ष के छात्र हिल गंगानी ने कहा, ‘इस विरोध में शामिल कुछ छात्रों के वह करीबी दोस्त हैं. जब भी इस तरह कोई प्रश्नपत्र लीक होता है तो हमारा मनोबल गिर जाता है. इस बार गोपाल भाई इटालिया ने हमें फोन किया और कहा कि यह आखिरी बार होना चाहिए, जब इस तरह कोई सरकारी परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक हो.’