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एमपी: गृह मंत्री को अभिनेत्री सनी लियोनी के गीत पर आपत्ति, कहा- वीडियो नहीं हटा तो होगी कार्रवाई

मध्य प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि अगर अभिनेत्री सनी लियोनी और संगीतकार साकिब तोशी ने उनके नए गीत ‘मधुबन में राधिका नाचे’ को लेकर माफ़ी नहीं मांगी तो उनके ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज की जाएगी.

मध्य प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा (फोटोः पीटीआई)

नई दिल्लीः मध्य प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने हाल ही में आए म्यूजिक वीडियो ‘मधुबन में राधिका नाचे’ की अभिनेत्री और संगीतकार को चेताते हुए कहा है कि अगर तीन दिनों के भीतर सोशल मीडिया से इस वीडियो को नहीं हटाया गया तो राज्य सरकार उनके खिलाफ कार्रवाई करेगी.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, गृहमंत्री मिश्रा ने कहा है कि अगर अभिनेत्री सनी लियोनी और संगीतकार साकिब तोशी ने माफी नहीं मांगी तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी.

दरअसल ‘मधुबन में राधिका नाचे’ गाने को लेकर मिश्रा ने यह प्रतिक्रिया दी है. यह गाना मूल रूप से 1960 की फिल्म ‘कोहिनूर’ के लिए मोहम्मद रफी ने गाया था.

इस गाने के नए संस्करण को 24 दिसंबर को सारेगामा म्यूजिक द्वारा जारी किया गया है, जिसे कनिका कपूर और अरिंदम चक्रवर्ती ने गाया है.

मिश्रा ने कहा, ‘कुछ लोग लगातार हिंदू भावनाओं को आहत कर रहे हैं. भारत में राधा के लिए मंदिर हैं, जहां उनकी पूजा की जाती है. साकिब तोशी अपने धर्म को लेकर गाना बना सकते हैं लेकिन इस तरह के गानों से हम आहत होते हैं. मैं कानूनी सलाह लूंगा और अगर तीन दिनों के भीतर इस वीडियो को नहीं हटाया गया तो उनके (तोशी और सनी लियोनी) खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.’

इससे पहले वृंदावन के संत नवल गिरि महाराज ने धमकी दी थी कि अगर सरकार ने मधुबन वीडियो पर प्रतिबंध नहीं लगाया गया तो वे अदालत का रुख करेंगे.

उन्होंने कहा था, ‘जब तक वह (सनी लियोनी) इस वीडियो को वापस नहीं लेती और सार्वजनिक तौर पर माफी नहीं मांगती, उन्हें भारत में रहने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए.’

अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेश पाठक ने कहा कि सनी लियोनी ने इस तरह से इस गाने को पेशकर बृजभूमि की प्रतिष्ठा को धूमिल किया है.

उल्लेखनीय है कि इससे पहले अक्टूबर महीने में भोपाल में फिल्मकार प्रकाश झा की वेब सीरीज आश्रम के सेट पर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं द्वारा तोड़फोड़ करने के एक दिन बाद मिश्रा ने कहा था कि राज्य सरकार शूटिंग के लिए स्थाई दिशानिर्देश तैयार करेगी और अब फिल्मकारों को शूटिंग के लिए मंजूरी लेने से पहले प्रशासन को फिल्म की स्क्रिप्ट दिखानी होगी.

ऐसा इसलिए किया जाएगा ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या वे (फिल्मकार) कोई आपत्तिजनक दृश्य की तो शूटिंग नहीं कर रहे, जिससे किसी धर्म की भावनाएं आहत हों.