भारत

बिहार: फैक्ट्री में बॉयलर फटने से सात लोगों की मौत, जांच के आदेश

घटना रविवार को मुज़फ़्फ़रपुर के बेला औद्योगिक इलाके में नूडल्स और अन्य खाद्य पदार्थ बनाने वाली एक इकाई में हुई, जिसमें सात लोग घायल हो गए. पुलिस ने इस संबंध में फैक्ट्री के मालिक, उनकी पत्नी, प्रबंधक और बॉयलर की मरम्मत करने के लिए रखे गए कर्मचारियों पर मामला दर्ज किया है.

मुजफ्फरपुर जिले में रविवार सुबह एक फैक्ट्री में बॉयलर फटने से सात लोगों की मौत हो गई. (फोटो: पीटीआई)

मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में रविवार सुबह एक फैक्ट्री में बॉयलर फटने से सात लोगों की मौत हो गई और सात अन्य घायल हो गए. इस  संबंध में प्राथमिकी दर्ज की गई है.

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस घटना में फैक्ट्री की इमारत ढह गई और आसपास के कई भवनों को भी नुकसान पहुंचा है.

जांच का नेतृत्व कर रहे, पुलिस उपाधीक्षक राम नरेश पासवान ने बताया कि प्राथमिकी में सात लोगों को आरोपी बनाया गया है. आरोपियों में ‘नूडल्स फैक्ट्री’ के मालिक विकास मोदी, उनकी पत्नी श्वेता, प्रबंधक उदय शंकर और ‘बॉयलर’ की मरम्मत करने के लिए रखे गए अन्य कर्मचारी शामिल हैं.

पुलिस ने बताया कि आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है और उनकी तलाश जारी है.

मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी प्रणय कुमार ने रविवार को बताया कि बेला औद्योगिक इलाके में नूडल्स और अन्य खाद्य पदार्थ बनाने वाली एक इकाई के भीतर सुबह करीब नौ बजकर 30 मिनट पर बॉयलर फट गया. विस्फोट की आवाज दूर तक सुनी गई और इसके प्रभाव की वजह से इलाके की कई अन्य इमारतों को भी नुकसान पहुंचा, जबकि फैक्ट्री की इमारत मलबे में तब्दील हो गई.

स्थानीय प्रशासन के अधिकारी, पुलिस और अग्निशमन विभाग के कर्मी बचाव अभियान के लिए घटनास्थल पर पहुंचे. मलबे से सात शवों को बाहर निकाला गया और उन्हें पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया.

वहीं, इस घटना में घायल हुए सात लोगों को एसकेएमसीएच रेफरल अस्पताल भेजा गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बताई गई है.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मृतकों के परिवार को चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने और विस्फोट के कारणों की जांच करने और जवाबदेही तय करने के लिए एक टीम गठित किए जाने की घोषणा की.

मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी के अनुसार, मृतकों में से तीन की पहचान कर ली गई है और मुआवजे की राशि के चेक उनके परिवार के सदस्यों को सौंप दिए गए हैं.

उन्होंने कहा, ‘शेष मृतकों की शिनाख्त के प्रयास किए जा रहे हैं. राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) कर्मियों ने मलबा हटाने में प्रशासन की सहायता की और हम कह सकते हैं कि मलबे के भीतर अब कोई शव नहीं है.’

इंडिया टुडे के मुताबिक, मुजफ्फरपुर शहर के डीएसपी के नेतृत्व में बिहार पुलिस की एक टीम मामले की जांच कर रही है. इससे पहले बिहार के मंत्री रामसूरत राय ने आश्वासन दिया कि उच्च स्तरीय जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई की जाएगी.

रविवार को एक ट्वीट में, प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने घोषणा की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से प्रत्येक के परिजनों के लिए 2-2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि को मंजूरी दी है, जिन्होंने अपनी जान गंवाई है.

पीएमओ ने कहा, ‘घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)