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लखीमपुर खीरी हिंसा: भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या मामले में दो किसान गिरफ़्तार

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी ज़िले में पिछले वर्ष तीन अक्टूबर को हुई हिंसा की जांच कर रहा विशेष जांच दल भाजपा कार्यकर्ताओं की तरफ़ से दर्ज कराई गई प्राथमिकी के संबंध में कुल छह लोगों को गिरफ़्तार कर चुका है. इस हिंसा में चार किसानों की भी मौत हुई थी, जिसमें केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा के बेटे मुख्य आरोपी है.

लखीमपुर खीरी के तिकुनिया इलाके में रविवार को हुई हिंसा में नष्ट हुए एक वाहन का पुलिस ने निरीक्षण करते हुए. (फोटो: पीटीआई)

लखीमपुर खीरी: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में बीते साल तीन अक्टूबर को हुई हिंसा के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या मामले में यूपी पुलिस के विशेष जांच दल (एसआईटी) ने दो किसानों को​ गिरफ्तार किया है.

प्रदर्शनकारी किसानों के एक समूह को एसयूवी ​के काफिले से कुचले जाने के बाद भीड़ द्वारा दो भाजपा कार्यकर्ताओं समेत तीन लोगों की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई थी.

जिले के तिकुनिया इलाके में तीन अक्टूबर को किसान आंदोलन के दौरान भड़की हिंसा में चार किसान और एक पत्रकार तथा प्रतिक्रिया स्वरूप दूसरे पक्ष के हमले में भारतीय जनता पार्टी के दो कार्यकर्ताओं और एक चालक की मौत हो गई थी.

अधिकारियों के मुताबिक, भाजपा कार्यकर्ताओं की तरफ से दर्ज कराई गई प्राथमिकी में एसआईटी ने बीती एक जनवरी की शाम दो किसानों- तिकुनिया कोतवाली सीमा अंतर्गत खैरतिया गांव निवासी कंवलजीत सिंह (35 वर्ष) और पलिया कोतवाली क्षेत्र के बबौरा निवासी कमलजीत सिंह (29 वर्ष) को गिरफ्तार किया है.

बताया गया कि इन पर भाजपा कार्यकर्ताओं- शुभम मिश्रा (26 वर्ष) और श्याम सुंदर (40 वर्ष) और केंद्रीय राज्य मंत्री की एसयूवी के चालक हरिओम मिश्रा (35 वर्ष) की हत्या में शामिल होने का आरोप है.

अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में एसआईटी अब तक कुल छह लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है, इसके पहले चार अन्य विचित्र सिंह, गुरविंदर सिंह, रंजीत सिंह और अवतार सिंह को गिरफ्तार किया गया था, जो जेल में बंद हैं.

वहीं, हिंसा के दौरान चार किसानों और एक पत्रकार की मौत के मामले में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा समेत 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है.

गाड़ी से कुचल जाने से मृत किसानों की पहचान- गुरविंदर सिंह (22 वर्ष), दलजीत सिंह (35 वर्ष), नक्षत्र सिंह और लवप्रीत सिंह के रूप में की गई थी.

गौरतलब है कि तिकुनिया हिंसा में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा ‘टेनी’ के पुत्र आशीष मिश्रा और उसके दर्जन भर साथियों के खिलाफ चार किसानों को थार जीप से कुचलकर मारने और उन पर फायरिंग करने जैसे कई गंभीर आरोप हैं.

फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट में मुख्य अभियुक्त आशीष मिश्रा की राइफल और दो अन्य हथियारों से गोली चलाए जाने की पुष्टि हुई है.

गृह राज्य मंत्री के बेटे भी अपने साथियों समेत उपरोक्‍त आरोपों में जेल में बंद हैं. आशीष मिश्रा और उनके साथियों के खिलाफ किसानों की तरफ से दी गई तहरीर के आधार पर हत्या, हत्या के प्रयास समेत कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है.

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, पुलिस सूत्रों ने कहा कि लखीमपुर खीरी निवासी कमलजीत और कवलजीत की पहचान एसआईटी द्वारा घटना की प्रसारित तस्वीरों से की गई. एसआईटी ने जनता से तस्वीरों में शामिल लोगों की पहचान करने की अपील की थी. सूत्रों ने कहा कि पिछले महीने एसआईटी ने लोगों के लिए छह तस्वीरें जारी की थीं.

गौररलब है कि लखीमपुर खीरी के सांसद और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा ‘टेनी’ के विरोध में तीन अक्टूबर 2021 को वहां के आंदोलित किसानों ने उनके (टेनी) पैतृक गांव बनबीरपुर में आयोजित एक समारोह में उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के जाने का विरोध किया था.

इस दौरान जिले के तिकुनिया में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा से संबंधित महिंद्रा थॉर सहित तीन एसयूवी के एक काफिले ने तिकुनिया क्रॉसिंग पर प्रदर्शन कर रहे किसानों को रौंद दिया था, जिसमें चार किसानों और एक पत्रकार की मौत हो गई थी और लगभग आधा दर्जन लोग घायल हुए थे.

इस संबंध में दो एफआईआर तिकुनिया थाने में दर्ज की गई.

पहली एफआईआर एक किसान जगजीत सिंह ने चार किसानों और एक पत्रकार की मौत के मामले में दर्ज कराई थी जिसमें उन्होंने केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के बेटे आशीष मिश्रा और 15 से 20 अन्य को आरोपी बनाया था.

दूसरी एफआईआर भाजपा के कार्यकर्ता सुमित जायसवाल द्वारा किसानों को गाड़ी से कुचले जाने के बाद हुई हिंसा के दौरान भाजपा के दो कार्यकर्ताओं और एक चालक की मौत के मामले में दर्ज कराई गई थी, जिसमें उन्होंने अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया था. इसके बाद मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया था.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)