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त्रिपुरा: प्रधानमंत्री मोदी की जनसभा में सरकारी कर्मचारियों के शामिल होने का था फ़रमान

त्रिपुरा के सूचना एवं सांस्कृतिक मामलों के मंत्री सुशांत चौधरी ने बीते सोमवार को ‘एक त्रिपुरा, श्रेष्ठ त्रिपुरा’ के प्रधानमंत्री के आह्वान के लिए सभा में शामिल होने को कहा था. इस बीच ​तृणमूल कांग्रेस की त्रिपुरा इकाई ने कोविड 19 के बढ़ते मामलों के बीच सभा में जुटी भारी ​भीड़ पर प्रधानमंत्री और भाजपा की प्रदेश सरकार की आलोचना की है.

कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच ​अगरतला में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली में भारी भीड़ जुटी थी. (फोटो साभार: ट्विटर/@BjpBiplab)

अगरतलाः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंगलवार को त्रिपुरा दौरे से पहले राज्य सरकार ने लोगों से अगरतला के स्वामी विवेकानंद मैदान में प्रधानमंत्री मोदी की जनसभा में शामिल होने की अपील की थी.

सूचना एवं सांस्कृतिक मामलों के मंत्री सुशांत चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार ने इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को भी शामिल होने का निर्देश दिया है.

इस बीच ​तृणमूल कांग्रेस की त्रिपुरा इकाई ने कोविड 19 के बढ़ते मामलों के बीच अगरतला में प्रधानमंत्री की रैली में जुटी भारी ​भीड़ पर प्रधानमंत्री और भाजपा की प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए उसकी आलोचना की है.

तृणमूल कांग्रेस ने ट्वीट कर कहा है, ‘भारत के प्रधानमंत्री हजारों जिंदगियों को खतरे में डाल रहे हैं! त्रिपुरा को ‘कोविड मैन्युफैक्चरिंग हब’ बनाने के बाद क्या पीएम को सच में लगता है कि वह लोगों की रक्षा करने में सक्षम हैं? लोगों के जीवन के साथ खिलवाड़ करने के लिए शर्म है नरेंद्र मोदी जी, शर्म है!’

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य सचिवालय में सोमवार शाम को पत्रकारों को संबोधित करते हुए सूचना एवं सांस्कृतिक मामलों के मंत्री सुशांत चौधरी ने कहा था, ‘यह देश के सर्वोच्च नेता हमारे प्रधानमंत्री का कार्यक्रम है. आप सभी कृपया आएं. हमें उम्मीद है कि कारोबारियों, डॉक्टरों, इंजीनियर, वकीलों, कर्मचारियों और आम लोगों सहित हर क्षेत्र के लोगों की मौजूदगी से यह कार्यक्रम बेहतर तरीके से समाप्त होगा. ‘एक त्रिपुरा, श्रेष्ठ त्रिपुरा’ के प्रधानमंत्री के आह्वान को महसूस करने के लिए कृपया कल (मंगलवार) इस कार्यक्रम में हिस्सा लें.’

चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार ने उत्तर और दक्षिण त्रिपुरा से लोगों के प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में आने के लिए विशेष ट्रेनों की व्यवस्था की है.

अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीराम तारणीकांति ने कहा कि उत्तर त्रिपुरा जिले के धर्मनगर से मंगलवार सुबह सात बजे और दक्षिण त्रिपुरा के सबरूम जिले से सुबह 9:30 बजे विशेष ट्रेनें रवाना होंगी. इसके अलावा परिवहन के लिए बसें और अन्य वाहन भी उपलब्ध होंगे. ये ट्रेनें शाम पांच बजे वापस लौटेंगी.

इस बीच तृणमूल कांग्रेस ने श्रम निदेशालय और त्रिपुरा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (टीआईटी) के ऑफिस मेमो की कथित तस्वीरें साझा कीं, जिसमें स्टाफ, फैकल्टी सदस्यों और छात्रों को प्रधानमंत्री मोदी की जनसभा में शामिल होने की सलाह दी गई थी.

तृणमूल कांग्रेस ने ट्वीट कर कहा, ‘श्रम निदेशालय और पश्चिम जिला श्रम कार्यालय के सभी स्टाफ सदस्यों और अधिकारियों को मोदी जी के कार्यक्रम में शामिल होना है. क्या नरेंद्र मोदी असुरक्षित महसूस कर रहे हैं? क्या उनकी फीकी पड़ रही लोकप्रियता उन पर भारी पड़ रही है. स्पष्ट है कि उन्हें कोई चिंता नहीं कि ऐसा करके वह कितनी जिंदगियों को जोखिम में डाल रहे हैं.’

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सूचना एवं सांस्कृतिक मामलों के मंत्री सुशांत चौधरी ने कहा, ‘तृणमूल कांग्रेस को प्रोटोकॉल के बारे में भी नहीं पता. यह सरकारी कार्यक्रम है, इसलिए विभिन्न विभागों को इसमें मौजूद रहने को कहा गया. प्रधानमंत्री आ रहे हैं इसलिए राजनीतिक पहचान की परवाह किए बगैर सभी लोगों को यहां आना चाहिए. कमियां ढूंढने वाले तो स्वर्ग में भी कमियां निकाल लेंगे.’

उन्होंने सरकारी कार्यक्रम का राजनीतिकरण करने के लिए तृणमूल कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा कि टीएमसी इसमें कमियां निकाल रही है, क्योंकि उनके पास त्रिपुरा में कोई वैध मुद्दा नहीं है.

प्रधानमंत्री मंगलवार को अपने दौरे के दौरान 2,950 करोड़ रुपये की 13 परियोजनाओं का ऐलान कर सकते हैं.

एक वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि राज्य में कोविड-19 को लेकर कोई नया दिशानिर्देश जारी नहीं किया गया है. किसी भी कारण से बड़ी संख्या में इकट्ठा हो रहे लोगों को हर समय मास्क पहनने, हाथों को सैनिटाइजर से साफ करने और शारिरिक दूरी बनाए रखने की अपील की जा रही है.