भारत

भड़काऊ भाषण मामला: पुणे पुलिस ने कालीचरण महाराज को हिरासत में लिया

पुणे पुलिस ने धार्मिक नेता कालीचरण महाराज, दक्षिणपंथी नेता मिलिंद एकबोटे, कैप्टन (रिटा.) दिगेंद्र कुमार और अन्य के ख़िलाफ़ एक कार्यक्रम के दौरान कथित तौर पर भड़काऊ भाषण देने और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में मामला दर्ज किया था. कालीचरण पर महात्मा गांधी के ख़िलाफ़ आपत्तिजनक टिप्पणी के आरोप में दो मामले दर्ज किए गए हैं.

कालीचरण महाराज. (फोटो साभार: ट्विटर/@omkaliputra)

पुणे: पुणे पुलिस ने बुधवार को कहा कि उसने हिंदू धर्मगुरु कालीचरण महाराज को रायपुर पुलिस से अपनी हिरासत में लिया है. महाराष्ट्र में कालीचरण और पांच अन्य के खिलाफ दर्ज कथित भड़काऊ भाषणों से संबंधित एक मामले में उसे हिरासत में लिया गया है.

अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ के रायपुर में एक अदालत द्वारा दी गई ‘ट्रांजिट रिमांड’ के बाद कालीचरण को पुणे लाया जा रहा है, जहां उसे बाद में एक अदालत में पेश किया जाएगा.

खड़क थाने के एक अधिकारी ने बताया, ‘हमने छत्तीसगढ़ पुलिस से कालीचरण को हिरासत में ले लिया है और उसे पुणे लाया जा रहा है.’

पुणे पुलिस ने कालीचरण, दक्षिणपंथी नेता मिलिंद एकबोटे, कैप्टन दिगेंद्र कुमार (सेवानिवृत्त) और अन्य के खिलाफ यहां एक कार्यक्रम के दौरान कथित तौर पर भड़काऊ भाषण देने और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में मामला दर्ज किया था.

छत्रपति शिवाजी महाराज द्वारा मुगल सेनापति अफजल खान को मारे जाने की घटना की याद में 19 दिसंबर 2021 को एकबोटे के नेतृत्व वाले हिंदू अघाड़ी संगठन द्वारा ‘शिव प्रताप दिन’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया था.

बाद में खड़क थाने में कालीचरण और अन्य के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 295 (ए) (किसी भी वर्ग की धार्मिक भावनाओं को जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण इरादे से ठेस पहुंचाना), 298 (किसी व्यक्ति की धार्मिक भावना को जानबूझकर ठेस पहुंचाने की मंशा) और 505 (2) (शत्रुता, घृणा या द्वेष पैदा करने के इरादे से झूठी बयानबाजी, धार्मिक स्थान पर अफवाह फैलाने से संबंधित) के तहत मामला दर्ज किया गया था.

प्राथमिकी के अनुसार, सभी आरोपियों ने कथित तौर पर मुसलमानों और ईसाइयों की धार्मिक भावनाओं को आहत करने और लोगों के बीच सांप्रदायिक दरार पैदा करने के इरादे से भड़काऊ भाषण दिए थे.

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, कैप्टन दिगेंद्र कुमार कारगिल युद्ध के एक नायक हैं, जो 2005 में सेना से सेवानिवृत्त हुए थे. उन्हें कारगिल युद्ध के दौरान बहादुरी के कार्य के लिए 1999 में महावीर चक्र (एमवीसी) से सम्मानित किया गया था. वे कार्यक्रम में वक्ताओं में शामिल थे.

वही, मिलिंद एकबोटे 2018 में पुणे जिले के कोरेगांव-भीमा में हुई हिंसा के मामले में आरोपी हैं. उन्हें भीमा-कोरेगांव की लड़ाई के द्विशताब्दी समारोह से पहले भड़काऊ भाषण देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था.

मालूम हो कि रायपुर में एक कार्यक्रम के दौरान महात्मा गांधी के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी के लिए कालीचरण के खिलाफ छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में भी मामले दर्ज किए गए हैं. कालीचरण को पिछले हफ्ते छत्तीसगढ़ पुलिस ने उस मामले में मध्य प्रदेश से गिरफ्तार किया था.

रायपुर में अपने खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद कालीचरण ने एक वीडियो जारी कर अपनी टिप्पणियों को सही ठहराया था और कहा था कि उन्हें इसका कोई पश्चाताप नहीं है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)