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पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव की घोषणा, यूपी में सात चरणों में होंगे मतदान, मतगणना 10 मार्च को

उत्तर प्रदेश में 10 फरवरी को पहले चरण, 14 फरवरी को दूसरे चरण, 20 फरवरी को तीसरे चरण, 23 फरवरी को चौथे चरण, 27 फरवरी को पांचवें चरण, तीन मार्च का छठे चरण और सात मार्च को सातवें चरण के मतदान होंगे. वहीं मणिपुर में दो चरणों में 27 फरवरी और तीन मार्च को तथा उत्तराखंड, पंजाब और गोवा में 14 फरवरी को एक चरण में वोट डाले जाएंगे.

मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा, चुनाव आयुक्त राजीव कुमार (बाएं) और अनूप चंद्र पांडे (दाएं) के साथ. (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: निर्वाचन आयोग ने शनिवार को पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों के कार्यक्रमों की घोषणा कर दी. सभी राज्यों में सात चरणों में मतदान की प्रक्रिया संपन्न हो जाएगी.

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के तहत 10 फरवरी से लेकर सात मार्च तक सात चरणों में मतदान होगा, वहीं उत्तराखंड, पंजाब और गोवा में 14 फरवरी को एक चरण में वोट डाले जाएंगे.

उत्तर प्रदेश में 10 फरवरी को पहले चरण, 14 फरवरी को दूसरे चरण, 20 फरवरी को तीसरे चरण, 23 फरवरी को चौथे चरण, 27 फरवरी को पांचवें चरण, तीन मार्च का छठे चरण और सात मार्च को सातवें चरण के मतदान होंगे.

मणिपुर में दो चरणों में 27 फरवरी और तीन मार्च को मतदान होगा. सभी राज्यों के विधानसभा चुनाव की मतगणना 10 मार्च को होगी.

मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा ने एक संवाददाता सम्मेलन में चुनाव संबंधी तारीखों का ऐलान किया. चंद्रा ने कहा कि यूपी में 403 विधानसभा सीटों, पंजाब में 117, उत्तराखंड में 70 विधानसभा सीटों मणिपुर में 60 और गोवा में 40 सीटों पर चुनाव होंगे.

चुनावों की घोषणा के साथ ही सभी पांच राज्यों में आदर्श चुनाव आचार संहिता प्रभावी हो गई.

उत्तर प्रदेश विधानसभा का कार्यकाल 14 मई को पूरा हो रहा है, जबकि उत्तराखंड और पंजाब विधानसभा का कार्यकाल 23 मार्च को समाप्त हो रहा है. गोवा विधानसभा का कार्यकाल 15 मार्च और मणिपुर विधानसभा का कार्यकाल 19 मार्च को समाप्त हो रहा है.

मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ने कहा कि कोविड की स्थिति को देखते हुए 15 जनवरी तक किसी भी रोड शो, पदयात्रा, साइकिल या बाइक रैलियों और जुलूसों की अनुमति नहीं दी जाएगी. उन्होंने कहा कि उसके बाद स्थिति की समीक्षा की जाएगी और नए निर्देश बाद में जारी किए जाएंगे.

सीईसी ने कहा​ कि इसके अलावा चुनाव प्रक्रिया के दौरान रात 8 बजे से सुबह 8 बजे के बीच कैंपेन कर्फ्यू (Campaign Curfew) लगाया जाएगा तथा चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद किसी तरह की विजय रैलियां नहीं होंगी.

मुख्य चुनाव आयुक्त ने स्पष्ट किया कि राजनीतिक दलों के लिए यह अनिवार्य है कि वे चुनाव उम्मीदवारों के रूप में चुने गए लंबित आपराधिक मामलों वाले व्यक्तियों और इस विशेष उम्मीदवार को क्यों चुना गया, के बारे में विस्तृत जानकारी अपनी वेबसाइट पर अपलोड करें.

उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस से बचाव संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए चुनावी प्रक्रिया को संपन्न किया जाएगा और इसमें हिस्सा लेने वाले सभी कर्मचारियों को कोविड-19 रोधी टीके की एहतियाती खुराक अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाएगी.

उन्होंने कहा कि सभी मतदान केंद्रों पर सैनिटाइजर और मास्क जैसी कोविड से बचाव की सुविधाएं उपलब्ध होंगी और मतदाता केंद्रों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी.

कोविड-19 मामलों में उछाल को देखते हुए कांग्रेस ने घोषणा की है कि वह उत्तर प्रदेश में कोई रैलियां नहीं करेगी. साथ ही पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से राज्य में बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित करने से परहेज करने का आग्रह किया है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)