राजनीति

‘श्मशान’, ‘कब्रिस्तान’ और ‘गधे’ के बाद यूपी चुनाव में ‘कसाब’ की एंट्री

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने उत्तर प्रदेश में एक रैली के दौरान विपक्षी दलों की तुलना ‘कसाब’ से की है.

Amit Shah

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह. (फोटो: अमित शाह)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘श्मशान’ और ‘कब्रिस्तान’ वाले बयान को आगे बढ़ाते हुए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने बात ‘कसाब’ तक पहुंचा दी है! बुधवार को उत्तर प्रदेश में गोरखपुर शहर के पास स्थित चौरीचौरा में हुई एक चुनावी सभा के दौरान अपने भाषण में भाजपा अध्यक्ष ने विपक्षी दलों की तुलना ‘कसाब’ से कर डाली.

उन्होंने कहा, ‘यूपी कसाब नाम की बीमारी से परेशान है. यहां का विकास इसकी वजह से रुका हुआ है.’ कसाब को परिभाषित करते हुए उन्होंने ‘क’ का मतलब कांग्रेस, ‘स’ का मतलब समाजवादी पार्टी और ‘ब’ का मतलब बहुजन समाज पार्टी बता दिया. प्रदेश के लोगों से उन्होंने ‘कसाब’ को बाहर निकालने का आग्रह किया है.

ग़ौर करने वाली बात ये है कि उत्तर प्रदेश में चुनाव प्रचार के दौरान बयानबाज़ी का दौर चरम पर है. चाहे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हो या फिर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, कोई भी कमतर नज़र नहीं आ रहा है.

19 फरवरी को प्रदेश के फतेहपुर में हुई एक सभा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कह दिया, ‘अगर गांव में कब्रिस्तान बनता है तो श्मशान भी बनना चाहिए. अगर रमजान में बिजली आती है तो दीवाली में भी आनी चाहिए.’

जवाबी हमला करते हुए 20 फरवरी को प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रायबरेली के ऊंचाहार में एक चुनावी सभा के दौरान अमिताभा बच्चन से अपील करते हुए कहा, ‘हम सदी के महानायक से गुज़ारिश करते हैं कि वे गुजरात के गधों का प्रचार करना बंद करें.’